Menu
  • Epaper
  • Hindi News
  • Subscribe
अपने पसंदीदा टॉपिक्स चुनें close

शिरोमणि अकाली दल

शिरोमणि अकाली दल (शिअद) को अधिकांश लोग अकाली दल के नाम से ही जानते हैं। यह दुनिया में सिखों की सबसे प्रभावशाली और देश के सबसे पुराने राजनीतिक दलों में एक है। पंजाब के कई बार मुख्यमंत्री रहे प्रकाश सिंह बादल ने लंबे समय तक इसका नेतृत्व किया। वह चार बार पंजाब के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। उनके पुत्र और पंजाब के उप-मुख्यमंत्री रह चुके सुखबीर सिंह बादल इसके वर्तमान अध्यक्ष हैं। अकाली दल का गठन दिसंबर 1920 को 14 शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा एक टास्क फोर्स के रूप में किया गया था। बाद में मास्टर तारा सिंह के नेतृत्व में पार्टी काफी लोकप्रिय हुई। 1966 में वर्तमान पंजाब के गठन के बाद से अकाली दल और मजबूत हुई, क्योंकि उसी ने इसके लिए आंदोलन चलाया था।

  • अरुण जेटली(भाजपा)

    प्रधानमंत्री की जाति कैसे प्रासंगिक है? उन्होंने कभी जाति की राजनीति नहीं की। उन्होंने केवल विकासात्मक राजनीति की है। वह राष्ट्रवाद से प्रेरित हैं। जो लोग जाति के नाम पर गरीबों को धोखा दे रहे हैं वे सफल नहीं होंगे। ऐसे लोग जाति की राजनीति के नाम पर केवल दौलत बटोरना चाहते हैं। बीएसपी या आरजेडी के प्रमुख परिवारों की तुलना में प्रधानमंत्री की संपत्ति 0.01 फीसद भी नहीं है।

  • दिग्विजय सिंह(कांग्रेस)

    मैं सदैव देशहित, राष्ट्रीय एकता और अखंडता की बात करने वालों के साथ रहा हूं। मैं धार्मिक उन्माद फैलाने वालों के हमेशा खिलाफ रहा हूं। मुझे गर्व है कि मुख्यमंत्री रहते हुए मुझ में सिमी और बजरंग दल दोनों को बैन करने की सिफारिश करने का साहस था। मेरे लिए देश सर्वोपरि है, ओछी राजनीति नहीं।

  • राहुल गांधी(कांग्रेस)

    हमारे किसान हमारी शक्ति और हमारा गौरव हैं। पिछले पांच साल में मोदी जी और भाजपा ने उन्हें बोझ की तरह समझा और व्यवहार किया। भारत का किसान अब जाग रहा है और वह न्याय चाहता है

  • नरेंद्र मोदी(भाजपा)

    आज भारत दुनिया में तेजी से अपनी जगह बना रहा है, लेकिन कांग्रेस, डीएमके और उनके महामिलावटी दोस्त इसे स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए वे मुझसे नाराज हैं

  • राबड़ी देवी(राजद)

    जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर लालू जी से मिलने उनके और तेजस्वी यादव के आवास पर पांच बार आए थे। नीतीश कुमार ने वापस आने की इच्छा जताई थी और साथ ही कहा था कि तेजस्वी को वो 2020 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं और इसके लिए 2019 के लोकसभा चुनाव में लालू उन्हें पीएम पद का उम्मीदवार घोषित कर दें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.OK