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कोरोना काल में विश्व के तमाम देशों दवारा भारत को मदद एक सफल विदेश नीति का परिणामजाहिर है कि यह एक आपदा है इसलिए संसाधनों पर अधिक बोझ से हालात खराब होंगे ही। इस बीच विश्व के तमाम देशों ने भारत को मदद की पेशकश की है जो हमारी सफल विदेश नीति का ही परिणाम है।
Editorial4 hours ago -
आज हर घर में नल से जल पहुंचाने की योजना का बडा आधार बना भूजल, विकसित हों इसके विकल्पआज हर घर में नल से जल पहुंचाने की योजना का बडा आधार भूजल को बनाया जा रहा है। इसके अन्य विकल्पों को भी विकसित किया जाना चाहिए। कुंड और बावड़ियां महज जल संरक्षण के साधन नहीं बल्कि हमारी स्थापत्य कला का बेहतरीन नमूना रहे हैं।
Editorial6 hours ago -
कोरोना वायरस की दूसरी लहर शायद सीरो-पॉजिटिव व्यक्तियों में ‘अर्थपूर्ण एंटीबॉडीज’ के अभाव के कारणयह अध्ययन 140 डॉक्टरों व विज्ञानियों की टीम ने उन 10427 वयस्क व्यक्तियों पर किया है जो देश के 17 राज्यों व दो केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित सीएसआइआर की 40 प्रयोगशालाओं में काम करते हैं या उनके परिवार के सदस्य हैं।
Editorial8 hours ago -
एक साथ दो महामारियों से लड़ता भारत: विपक्ष और देसी-विदेशी पत्रकारों के एक वर्ग में संवेदना कम, संतुष्टि और जय का भाव अधिकमहामारी के समय संयम बरतने से मानवता की सेवा होगी। आज जब कोरोना वायरस कहर बनकर टूट रहा है तब दुष्प्रचार भय और विषवमन की महामारी हमारी अपनी बनाई हुई है। कम से कम इस पर विराम लग जाए तो परिस्थितियां थोड़ी आसान हो जाएंगी।
Editorial15 hours ago -
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वर्क फ्रॉम होम की मजबूरी जरूरत बनी: घर को दफ्तर में बदलने की जरूरत, वर्क फ्रॉम होम के फायदे ही फायदेघर से काम करने से लोगों का तनाव घटता है तो बिजली और डीजल-पेट्रोल आदि संसाधनों का खर्च भी बचता है। व्यावसायिक इलाकों में दफ्तरों का किराया काफी महंगा है जो कंपनियों को भारी पड़ता है। घर को दफ्तर में बदलने की जरूरत है।
Editorial15 hours ago -
कोरोना संकट के दौरान अच्छे मानसून से आर्थिक गतिविधियों को मिलेगी गतिएक अनुमान के मुताबिक इस साल मानसून अच्छा रहा तो जीडीपी में कृषि की हिस्सेदारी 16 फीसद तक पहुंच सकती है जो वर्ष 2020 में 14.6 फीसद रही थी। महामारी कृषि और इससे जुड़े सेक्टर को एक व्यापक अवसर के रूप में सामने लेकर आई है।
Editorial1 day ago -
COVID-19 Outbreak: कोरोना वायरस के कहर के बीच भय को भुनातीं दवा कंपनियांCOVID-19 Outbreak आपातकालीन परिस्थितियों में किसी दवा के उपयोग की मंजूरी देकर सरकार अपने नागरिकों को बचाने की कोशिश करती है लेकिन कुछ कंपनियां इस मंजूरी का बेजा फायदा उठा रही है। मुनाफे का मौका ताड़कर करीब दो दर्जन दिग्गज दवा ...
Editorial1 day ago -
MP में कोरोना की दूसरी लहर विकराल रूप धारण कर चुकी, फिलहाल सांसों को चाहिए आक्सीजनडीआरडीओ ट्राइडेंट द्वारा बालाघाट धार दमोह जबलपुर बड़वानी शहडोल सतना और मंदसौर में प्लांट तैयार किए जा रहे हैं। इन प्लांटों की स्थापना से निश्चित रूप से आक्सीजन के मामले में मध्य प्रदेश की दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम होगी।
Editorial1 day ago -
कोरोना वायरस के संक्रमण की दूसरी लहर का आर्थिक गतिविधियों पर असरप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों राष्ट्र के नाम संबोधन में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर को रोकने के लिए अंतिम विकल्प के रूप में लॉकडाउन को अपनाने की बात कही है फिर भी अर्थव्यवस्था पर इन आंशिक पाबंदियों का असर तो होगा ह...
Editorial1 day ago -
देश को नीचा दिखाने वाली सियासत: बड़े संकट के समय सरकारी इंतजाम कम पड़ जाने की आड़ में क्या देश को करेंगे बदनामदेश और देश के बाहर के मोदी विरोधी अहर्निश सेवा में लगे हैं। अमेरिका में भारत के श्मशान घाटों की फोटो पहले पन्ने पर छप रही हैं। समां ऐसा बांधा जा रहा है जैसे भारत में जिंदा कम और मुर्दों की संख्या ज्यादा है।
Editorial1 day ago -
न्यायिक प्रणाली में सुधार का इंतजार: जस्टिस बोबडे के कार्यकाल में सुप्रीम कोर्ट में एक भी जज की नियुक्ति नहीं हुईजस्टिस बोबडे ने सेवानिवृत्ति के समय अपनी पीड़ा को जिस प्रकार देश के सामने उजागर किया तंत्र के तीनों अंग विधायिका न्यायपालिका एवं कार्यपालिका मिलकर उसके निदान का प्रयास करेंगे। इसी से देशहित एवं जनहित सर्वोत्तम रूप से सधेगा।
Editorial1 day ago -
कोरोना के बढ़ते कहर ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर नए सिरे से विचार करने के लिए किया मजबूरयदि सेहत के मामले में केवल सरकार के भरोसे रहना है तो अपनी बेहाली के जिम्मेदार आप खुद होंगे। यदि आगामी कुछ वर्षों में कोरोना वायरस को नियंत्रित कर भी लिया गया तो इस बात की गारंटी नहीं है कि भविष्य में कोई नया वायरस सिर नहीं उठ...
Editorial2 days ago -
देश की सबसे बड़ी आंतरिक समस्या बने नक्सलियों पर चौतरफा प्रहार करने का समयविवेक शुक्ला को पूरा विश्वास है कि एक दिन जरूर आएगा जब स्थानीय आदिवासी नक्सलवाद से त्रस्त होकर तीसरा तरीका अपनाते हुए अपने घरों से गांव से निकलेंगे और उस दिन पूरे आदिवासी नक्सलवाद का खात्मा सुनिश्चित करेंगे।
Editorial2 days ago -
Kisan Agitation: दिल्ली-NCR के बॉर्डर पर बैठे किसान आंदोलन का बदलता अंदाजविपक्ष ने एक सुनियोजित रणनीति के तहत हालिया बने तीन कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन को अंजाम तो दिया लेकिन जनसमर्थन के अभाव में उसका स्वरूप बिगड़ गया। धीरे-धीरे यह आंदोलन ऐसी स्थिति में आकर खड़ा हो गया जहां किसान नेतृत्व का अह...
Editorial2 days ago -
India Covid-19 Second Wave: कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के विरुद्ध सरकार का युद्धस्वास्थ्य का मामला राज्य का विषय है। कोविड प्रोटोकॉल लागू करना और वैक्सीन की बर्बादी रोकते हुए उसका समुचित वितरण करना राज्यों की जिम्मेदारी है। भारत राज्यों का संघ है जहां उन्हें जिम्मेदारी निभाने के पर्याप्त अधिकार दिए गए है...
Editorial2 days ago -
संदेह जगाने वाला अमेरिकी आचरण: वैक्सीन निर्माण के लिए सामग्री उपलब्ध कराने में बाइडन प्रशासन भारत को लेकर असंवेदनशील हैइतिहास साक्षी है कि अमेरिका ने अतीत में जब भी खाद्य परमाणु और अंतरिक्ष के मामले में भारत को आंखें दिखाई हैं तो भारत ने अपनी क्षमताएं निखारकर आत्मनिर्भरता हासिल करने में सफलता हासिल की है। यह पड़ाव भी कुछ ऐसा ही है।
Editorial2 days ago -
नफरत और नकारात्मकता का वायरस: कोरोना महामारी पर देसी-विदेशी मीडिया का एक हिस्सा भारत की त्रासदी से आनंदितबीबीसी की रिपोर्टर का कहना है कि भारत में लोग जानवरों की तरह मर रहे हैं। इसे साबित करने के लिए जलती चिताओं के फोटो दिखाए जा रहे हैं। दुखद यह है कि भारत के खिलाफ नफरत भरी ऐसी तमाम खबरें कुछ भारतीय भी लिख रहे हैं।
Editorial2 days ago -
भारत में कोरोना संकट की दूसरी लहर के बीच अमेरिका से वैक्सीन के कच्चे माल की आपूर्तिडॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स ने हाल ही में अमेरिका यूरोपीय संघ के देशों और अन्य संबंधित देशों से यह निवेदन किया था कि वह सस्ते कीमत वाली कोरोना वैक्सीन के निर्माण के लिए भारत और दक्षिण अफ्रीका के पेटेंट छूट संबंधी प्रस्ताव का विर...
Editorial3 days ago -
आखिर अमेरिका ने वैक्सीन के लिए कच्चा माल देने का फैसला करने में इतनी देरी क्यों लगाई?दरअसल पिछले कुछ समय से एक दुविधा का माहौल बना हुआ था कि क्या अमेरिका भारत को इसके निर्यात के लिए तैयार होगा? इस तरह की दुविधा का माहौल बनने के पीछे कई कारण भी थे। कुछ देर से ही सही किंतु अब यह दुविधा खत्म हो गई है।
Editorial3 days ago -
सांसें अटकाने वाली कोरोना की दूसरी लहर: अस्पतालों और श्मशान के बाहर-भीतर दर्दनाक दृश्य कह रहे हैं कि नहीं सुधरा स्वास्थ्य ढांचाइस आपदा में अनगिनत पीड़ित और असंख्य खलनायक हैं। इस परिदृश्य में केवल इससे ही कुछ संतोष मिलता है कि ऐसे त्रासद समय में भी लोग अपरिचित जरूरतमंदों तक के लिए मदद पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। यह हमारे समाज की संवदेनशीलता को दर्शा...
Editorial3 days ago












































