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मदद को बढ़े हाथ: कोरोना संक्रमण से जूझ रहे भारत की ओर अमेरिका, रूस समेत 40 देशों ने मदद करने को बढ़ाए हाथकम समय में अधिक से अधिक लोगों का टीकाकरण करके ही मौजूदा संकट से उबरने के साथ ही संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका को भी कम किया जा सकता है। जब सरकार और समाज एकजुट होंगे तभी संकट से आसानी से पार पाया जा सकेगा।
Editorial16 hours ago -
युद्धस्तर पर लगें टीके: टीकाकरण केंद्र बढ़ाए जाएं, रोजाना एक करोड़ लोगों के टीकाकरण का रखना होगा लक्ष्यअगले चरण के टीकाकरण के लिए पंजीकरण शुरू होते ही जैसी दिलचस्पी दिखाई गई उससे पता चलता है कि लोग टीका लगवाने को उत्सुक हैं। सभी बालिग टीका लगवाने के लिए उत्सुक बने रहें इसके लिए आवश्यक है कि पंजीकरण से लेकर टीकाकरण की प्रक्रिया...
Editorial1 day ago -
कोरोना संकट से उपजे हालात पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से जूझ रहे तंत्र का मनोबल गड़बड़ा सकता हैकोरोना संकट से उपजे हालात पर सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी की कोई आवश्यकता नहीं थी कि वह मूकदर्शक बनकर नहीं रह सकता। ऐसी कोई टिप्पणी तो तब मायने रखती जब यह सवाल उठा होता कि आखिर इस राष्ट्रीय संकट के समय शीर्ष न्यायपालिका क्या क...
Editorial2 days ago -
जर्जर स्वास्थ्य ढांचे को सुधारने के बजाय मुफ्त टीकाकरण लोक-लुभावन कदम हो सकता है, लेकिन सुविचारित नहींस्वास्थ्य ढांचे की दयनीय दशा का ही परिणाम है कि संक्रमण की जांच के लिए लंबी कतारें और जांच रपट मिलने में चार-चार दिन लग रहे हैं। न कि जो पैसे देकर टीका लगवाने को तैयार हैं उनका भी मुफ्त टीकाकरण कराने की घोषणा कर वाहवाही लूटने...
Editorial3 days ago -
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आपदा पर ओछी राजनीति: अगले चरण के कोरोना टीकाकरण पर कांग्रेस-शासित राज्य साध रहे हैं संकीर्ण राजनीतिक हितवैसे तो कोई भी दल ऐसा नहीं जिसने कोरोना संकट के समय संकीर्ण राजनीति का परिचय न दिया हो लेकिन इस मामले में कांग्रेस को पता ही नहीं कि गहन संकट के समय राजनीतिक क्षुद्रता का परिचय देकर अपयश के अलावा और कुछ हासिल नहीं किया जा सकत...
Editorial4 days ago -
कोरोना संक्रमण को गांवों तक पहुंचने से रोकना होगा, यदि कोरोना वायरस ने पैर पसारे तो मुश्किल होगा हालात संभालनागांवों के समीप कस्बों और छोटे शहरों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर स्थिति में नहीं हैं और बड़े शहरों के अस्पताल पहले से ही गहन दबाव में हैं। उचित यह होगा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण से बचे रहने के उपायों का पालन कराने ...
Editorial5 days ago -
कोरोना संकट का सामना: यदि केंद्र और राज्य एकजुट होकर काम करेंगे तो आड़े नहीं आएगी संसाधनों की कमीइस समय स्वास्थ्य संसाधन बेहद दबाव में हैं। इसके चलते ही अफरातफरी का माहौल है। कोरोना मरीज अस्पतालों में बेड की कमी से लेकर ऑक्सीजन तक की किल्लत का सामना कर रहे हैं। उन्हें कुछ दवाओं की तंगी से भी दो-चार होना पड़ रहा है।
Editorial6 days ago -
मनमानी और अंधेरगर्दी सरकारों के प्रति आम आदमी के भरोसे पर चोटसरकारों को हालात संभालने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए दिखना चाहिए। जो कोरोना मरीज अस्पताल में भर्ती नहीं हो पा रहे हैं उनमें से कई ऑक्सीजन को भी तरस रहे हैं। इसके चलते कई मरीज दम तोड़ दे रहे हैं। यह स्थिति सर्वथा अस्वीकार्...
Editorial7 days ago -
नासिक में 22 कोरोना मरीजों की मौत: ऑक्सीजन की किल्लत के चलते अस्पतालों में आपाधापी का माहौल, कोरोना मरीजों को नहीं मिल रहे बेडयह समय ऑक्सीजन दवाओं बेड आदि की किल्लत के कारणों का पता लगाने का नहीं बल्कि उनका निवारण करने और चरमराती व्यवस्था को पटरी पर लाने का है। मानक रूपरेखा बनानी चाहिए। यह नहीं होना चाहिए कि कोरोना मरीज उनके दर पर आकर उपचार के अभाव ...
Editorial8 days ago -
टीकाकरण का बड़ा अभियान: कोविड रोधी टीकों की उपलब्धता बढ़ाने की तैयारी युद्धस्तर पर करने की जरूरतचिंता की बात यह है कि तमाम सख्ती के बावजूद लोगों की ओर से लापरवाही का परिचय देने का सिलसिला अभी भी कायम है। कोरोना से डरने की जरूरत नहीं तो इसका यह मतलब नहीं कि उससे सावधान भी नहीं रहना।
Editorial9 days ago -
कोरोना संक्रमण के बेलगाम होने के चलते कई राज्यों में लॉकडाउन की हुई वापसी, नहीं थमेगा उद्योगों का पहियाकोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की आशंका के बाद भी धार्मिक सांस्कृतिक एवं राजनीतिक कार्यक्रम और खासकर रैलियां करने की क्या जरूरत थी? कम से कम अब तो आम लोगों और नीति-नियंताओं को जरूरी सबक सीख ही लेने चाहिए।
Editorial10 days ago -
देश की चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था, कई शहरों में ऑक्सीजन की कमी, कोरोना मरीजों को अस्पतालों में भर्ती होने के लाले पड़ेहमारा स्वास्थ्य ढांचा देश की जरूरतों के अनुरूप नहीं है। देश में चिकित्सकों स्वास्थ्य कर्मियों एवं अस्पतालों की संख्या आबादी के अनुपात में बहुत कम है। यदि कोरोना संक्रमण की पहली लहर के समय ही सरकारें चेत जातीं तो शायद जो स्थित...
Editorial11 days ago -
अनुकरणीय पहल: कुंभ को प्रतीकात्मक रखने की पीएम मोदी की अपील पर जूना अखाड़ा ने किया कुंभ का समापननवरात्र रमजान ईद के साथ अन्य पर्व के कारण ऐसा कोई काम नहीं किया जाना चाहिए जिससे भीड़ एकत्रित हो और कोरोना संक्रमण के खिलाफ लड़ी जा रही लड़ाई में मुश्किलें पेश आएं। कोई भी मत-मजहब हो उसका मूल है मानव कल्याण।
Editorial12 days ago -
फिर वही बेतुकी बातें: कोरोना महामारी से मिलकर लड़ने के बजाय राहुल गांधी मोदी सरकार पर कस रहे हैं तंजकोरोना महामारी से मिलकर ही लड़ा जा सकता है। संकट के समय समस्याओं को उजागर करने में हर्ज नहीं लेकिन कारगर सुझावों की भी दरकार होती है। यह देखना दुखद है कि राहुल गांधी परेशान देश को कोई दिलासा देने के बजाय उसे हतोत्साहित कर रहे ...
Editorial13 days ago -
Night Curfew: आखिर रात का कर्फ्यू कितना प्रभावी साबित हो रहा है?कोरोना से घबराने की जरूरत नहीं लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि सावधानी बरतने की भी आवश्यकता नहीं है। रात के कर्फ्यू संबंधी फैसले इसी आवश्यकता को ही रेखांकित कर रहे हैं। हर वक्त यह भी ध्यान रखना चाहिए कि मास्क से अच्छी तरह लैस रहना...
Editorial14 days ago -
स्वास्थ्य ढांचे का संकट: कोरोना की दूसरी लहर पहले से अधिक घातक, स्वास्थ्य तंत्र को नए सिरे से कमर कसनी चाहिएकोरोना की दूसरी लहर वह चुनौती है जिसका सामना करना ही होगा। निसंदेह चुनौती कठिन है लेकिन आज की जरूरत उसे परास्त करने के संकल्प से लैस होना है। इसमें हर किसी का सहयोग आवश्यक है। स्वास्थ्य तंत्र को नए सिरे से कमर कसनी ही चाहिए।
Editorial15 days ago -
परीक्षा की घड़ी: कोरोना के चलते सीबीएसई की परीक्षाओं पर राजनीति की छाया, शिक्षा मंत्रालय पर बढ़ा दबावपरीक्षाओं की अपनी एक महत्ता होती है और उसे बरकरार रखा जाना चाहिए। कोरोना संक्रमण की लहर बहुत तेज है और शायद अगले माह के पहले हफ्ते से परीक्षा कराना संभव न हो लेकिन जून के प्रथम सप्ताह तक ऐसी स्थिति बन सकती है कि परीक्षाएं करा...
Editorial16 days ago -
एक और टीका: कोरोना संक्रमण उफान पर, हालात बेकाबू, टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाना है, बरतनी है जरूरी सावधानीजब मास्क से लैस रहने के साथ शारीरिक दूरी का पालन करना बहुत जरूरी हो गया है तब राजनीतिक एवं धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन पूरी सतर्कता के साथ आयोजित किया जाना आवश्यक ही नहीं अनिवार्य है। संक्रमण का खतरा बढ़ाने वाले ऐसे आयोजन सही सं...
Editorial17 days ago -
फिर संकट में कामगार: कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते लॉकडाउन की आशंकाओं से मजदूर पलायन करने को मजबूरराज्यों के लिए आवश्यक है कि वे कामगारों को दिलासा देने जरूरी सूचनाएं उपलब्ध कराने और लॉकडाउन को लेकर असमंजस के माहौल को दूर करने के कदम उठाएं। इस आशंका को बल दिया है कुछ मुख्यमंत्रियों की घोषणाओं ने कि मजबूरी में लॉकडाउन का स...
Editorial18 days ago -
Assembly Polls: बंगाल में बेलगाम चुनावी हिंसा लोकतंत्र के लिए कलंक, चुनाव आयोग को और अधिक सख्ती बरतने की जरूरतआज बंगाल में जो कुछ देखने को मिल रहा है वह एक गंभीर राजनीतिक बीमारी का लक्षण और लोकतंत्र के लिए कलंक है। इस कलंक से मुक्ति के लिए यह आवश्यक ही नहीं अनिवार्य है कि चुनाव आयोग और अधिक सख्ती बरते।
Editorial19 days ago


























