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अमरिंदर सिंह

विजयी सांसद – 2014

पटियाला राजघराने से ताल्लुक रखने वाले कैप्टन अमरिंदर सिंह वर्तमान में पंजाब के मुख्यमंत्री हैं। 1963 से लेकर 1966 तक सेना को अपनी सेवाएं दीं। 1980 में राजीव गांधी इन्हें राजनीति में लेकर आए और यह पहली बार सांसद बने। 1984 सिख विरोधी दंगे के विरोध में कांग्रेस छोड़ अकाली दल का दामन थाम लिया। 1992 में अकाली दल को तोड़कर नई पार्टी शिरोमणि अकाली दल ( पंथक) बनाई। 1998 में अपनी पार्टी सहित कांग्रेस में शामिल हो गए। तीन बार पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष पद भी संभाला। फिलहाल कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य हैं। मई 2014 में 16वीं लोक सभा के लिए पुन: निर्वाचित हुए। इस चुनाव में इन्होंने भाजपा के दिग्गज नेता और वर्तमान वित्त मंत्री अरुण जेटली को हरा दिया। ...

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  • जन्मतिथि10 मार्च 1942
  • पदमुख्यमंत्री
  • परिवारपत्नी श्रीमती प्रनीत कौर और एक बेटा एक बेटी
  • शिक्षाग्रेजुएट
  • संपत्ति86.35 करोड़
  • व्यवसायराजनीतिज्ञ
  • पति/पत्नी का व्यवसायव्यवसाय / राजनेता

 

  • महिला मतदाता698,076
  • पुरुष मतदाता779,164
  • कुल मतदाता1,477,262
  • अरुण जेटली(भाजपा)

    प्रधानमंत्री की जाति कैसे प्रासंगिक है? उन्होंने कभी जाति की राजनीति नहीं की। उन्होंने केवल विकासात्मक राजनीति की है। वह राष्ट्रवाद से प्रेरित हैं। जो लोग जाति के नाम पर गरीबों को धोखा दे रहे हैं वे सफल नहीं होंगे। ऐसे लोग जाति की राजनीति के नाम पर केवल दौलत बटोरना चाहते हैं। बीएसपी या आरजेडी के प्रमुख परिवारों की तुलना में प्रधानमंत्री की संपत्ति 0.01 फीसद भी नहीं है।

  • दिग्विजय सिंह(कांग्रेस)

    मैं सदैव देशहित, राष्ट्रीय एकता और अखंडता की बात करने वालों के साथ रहा हूं। मैं धार्मिक उन्माद फैलाने वालों के हमेशा खिलाफ रहा हूं। मुझे गर्व है कि मुख्यमंत्री रहते हुए मुझ में सिमी और बजरंग दल दोनों को बैन करने की सिफारिश करने का साहस था। मेरे लिए देश सर्वोपरि है, ओछी राजनीति नहीं।

  • राहुल गांधी(कांग्रेस)

    हमारे किसान हमारी शक्ति और हमारा गौरव हैं। पिछले पांच साल में मोदी जी और भाजपा ने उन्हें बोझ की तरह समझा और व्यवहार किया। भारत का किसान अब जाग रहा है और वह न्याय चाहता है

  • नरेंद्र मोदी(भाजपा)

    आज भारत दुनिया में तेजी से अपनी जगह बना रहा है, लेकिन कांग्रेस, डीएमके और उनके महामिलावटी दोस्त इसे स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए वे मुझसे नाराज हैं

  • राबड़ी देवी(राजद)

    जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर लालू जी से मिलने उनके और तेजस्वी यादव के आवास पर पांच बार आए थे। नीतीश कुमार ने वापस आने की इच्छा जताई थी और साथ ही कहा था कि तेजस्वी को वो 2020 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं और इसके लिए 2019 के लोकसभा चुनाव में लालू उन्हें पीएम पद का उम्मीदवार घोषित कर दें।

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