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    Exclusive: 'पिंक' के सेट पर क्यों मौजूद रहती थी वकीलों की फौज, जानें रितेश शाह से!

    By Manoj KumarEdited By:
    Updated: Mon, 12 Sep 2016 07:08 PM (IST)

    रितेश ने बताया कि यह विषय ही ऐसा था कि हमने इस फिल्म की शूटिंग के दौरान सात से आठ वकील से हमेशा कंसल्ट किया और वे जब हरी झंडी दिखाते थे, तभी हम आगे बढ़ ...और पढ़ें

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    अनुप्रिया वर्मा, मुंबई। अमिताभ बच्चन की फिल्म 'पिंक' जल्द ही रिलीज होने वाली है। इस डार्क थ्रिलर को अनिरुद्ध रॉय चौधरी ने डायरेक्ट किया है, जबकि शूजीत सरकार इसके सह-निर्माता है।

    पिंक के लेखक रितेश शाह हैं, जो इससे पहले नमस्ते लंदन, मदारी, डीडे, बीए पास, एयरलिफ्ट जैसी फिल्मों के लेखन से जुड़े रहे हैं। जागरण डॉट कॉम ने रितेश शाह से फिल्म की मेकिंग को लेकर विशेष बातचीत की, जिसे रितेश ने पांच बिंदुओं में समेटा है।

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    1. कुछ यूं बनीं पिंक की टीम: रितेश बताते हैं कि यह फिल्म कोलकाता की पृष्ठभूमि पर बनने वाली थी, और टोनी दा (फिल्म के निर्देशक) वहीं की वर्किंग गर्ल की कहानी लेकर आये थे, लेकिन जब मैंने और शूजीत दा ने पढ़ी तो हमें दिल्ली की याद आयी। हमने दिल्ली में काफी वक्त बिताया तो पूरी दिल्ली हमारे सामने दिखी। फिर मैंने एक बात गौर की, कि यह कहानी हम सबको इसलिए अपील कर गयी, क्योंकि हम सभी बेटियों के पिता हैं। बच्चन साहब की बेटी हैं, टोनी दा, शूजीत दा, रॉनी (निर्माता) और मैं सभी की बेटियां हैं। हमें लगा कि आने वाले समय में भी ये हालात होंगे, तो यह कहानी कहनी जरूरी है। हमने बस तय यह किया कि इस मुद्दे को भाषणबाजी के माध्यम से नहीं पहुंचायेंगे, क्योंकि भाषणबाजी से चीजें बोर हो जाती हैं।

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    2. दमदार व बोल्ड डायलॉग: इस फिल्म के ट्रेलर में अमिताभ बच्चन द्वारा बोले गये संवाद यू आर वीमेन आॅफ क्वेश्चनेबल करेक्टर... को सुन कर सभी हैरान थे। हिंदी सिनेमा में आमतौर पर इतने बोल्ड संवाद कम लिखे जाते हैं. इस बारे में रितेश कहते हैं कि एक बात हमने तय कर लिया था कि हम बिना झिझक के अपनी बात रखेंगे।अमिताभ सर ने भी हमारा साथ दिया। मुझे याद है एक संवाद में अमिताभ सर को हमने 28 शब्दों वाला संवाद दिया था। बिना कॉमा, फुलस्टॉप के उन्हें संवाद बोलना था। मुझे लगा कि उन्हें यह बोलने में आॅकवार्ड लग रहा होगा, तो मैं उनके पास गया और मैंने कहा कि सर यह आॅकवार्ड लग रहा है, तो मैं चेंज कर देता हूं, तो उन्होंने मुझे तुरंत रोका और कहा कि नहीं...यह संवाद आवश्यक है। इसे चेंज करने से बात नहीं बनेगी, और फिर उन्होंने उसे पूरे डेडिकेशन के साथ एक्ट किया। रितेश मानते हैं कि अमिताभ खुद लेखक के बेटे हैं। इसलिए लेखकों की इज्जत करना जानते हैं।

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    3. और फिर यूं संतुष्ट हुए अमिताभ: रितेश बताते हैं कि अमिताभ बच्चन में आज भी बहुत हंगर है अपने काम को लेकर। वो जब तक बेस्ट ना दे दें। तब तक खुद का पैकअप नहीं करते। बकौल रितेश मुझे याद है कि शूटिंग के दौरान एक 14-15 मिनट का सीन था। हम लोग लगभग पैकअप करने वाले थे। लोग जा भी चुके थे। मैंने भी जब हेडफोन पर सुना था, तो मुझे ओके ही लगा था, लेकिन अमिताभ सर आये और उन्होंने कहा कि मुझे लग रहा है कि कुछ गड़बड़ है। मैंने एक शब्द बोलने में गलती कर दी है। उस दिन बाकी लोग जा चुके थे, लेकिन सेट पर साउंड डिजाइनर मौजूद थे। उन्होंने खुद हेडफोन उठाया और साउंड इक्विपमेंट के साथ ध्यान से 14-15 मिनट की पूरी रिकॉर्डिंग सुनी, और फिर जब वो खुद संतुष्ट हो गये, तब वहां से गये. यह दर्शाता है कि आज भी बच्चन साहब अपने काम को लेकर कितने अधिक डेडिकेटेड हैं।

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    4. सेट पर हमेशा मौजूद रहते थे वकील: रितेश ने बताया कि यह विषय ही ऐसा था कि हमने इस फिल्म की शूटिंग के दौरान सात से आठ वकील से हमेशा कंसल्ट किया और वे जब हरी झंडी दिखाते थे, तभी हम आगे बढ़ते थे। वकील राजीव पांडे तो हमारे सारे पूरी तरह से सेट पर मौजूद रहे, और यह जरूरी भी है, क्योंकि हम अगर कोई भी त्रुटि करते तो परेशानी आ सकती थी।

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    5. तापसी, कीर्ति ने पूछे जमकर सवाल: मुझे इस फिल्म के लेखन में इसलिए भी काफी मजा आया, क्योंकि फिल्म में काम कर रहीं सारी अभिनेत्रियों ने खूब जमकर हर सीन में सवाल पूछे। आरग्यू किया। वे आसानी से बस यूं ही नहीं मान जाती थीं। कीर्ति, तापसी और आंद्रे सभी इन सवालों के जवाब जानना चाहती थीं कि आखिर ये सीन में ये संवाद क्यों, कैसे? पिंक 16 सितंबर को रिलीज हो रही है।