फिल्म समीक्षा

  • फिल्‍म रिव्‍यू: सरदार गब्‍बर सिंह (2.5 स्‍टार)

        
    Sardaar Babbar SinghUpdated on: Fri, 08 Apr 2016 08:26 AM (IST)

    यह अनाथ गब्बर की कहानी है। उसे 'शोले' फिल्म का गब्बर पसंद है, इसलिए उसने अपना नाम गब्बर रख लिया। वह निडर है। 'जो डर गया, समझो मर गया' उसका प्रिय संवाद और जीवन का आदर्श वाक्य है। एक पुलिस अधिकारी उसे पालता और पुलिस में नौकरी दिलवा देता है। और पढ़ें »

  • फिल्‍म रिव्‍यू: बदली हुई भूमिकाओं में 'की एंड का' (3 स्‍टार)

        
    Ki and KaUpdated on: Fri, 01 Apr 2016 12:24 PM (IST)

    कबीर बताता है...'घर संभाले तो की, बाहर जाकर काम करे तो का... अकॉर्डिंग टू हिंदुस्तानी सभ्यता।' आर बाल्की की फिल्म 'की एंड का' हिंदुस्तानी सभ्याता की इस धारणा का विकल्प पेश करती है और इसी बहाने बदले हुए समाज में स्त्री-पुरुष संबंधों में वर्चस्व के सवा...  और पढ़ें »

  • फिल्‍म रिव्‍यू: 'रॉकी हैंडसम', एक्‍शन से भरपूर (2.5 स्‍टार)

        
    Rocky HandsomeUpdated on: Sat, 26 Mar 2016 07:41 AM (IST)

    'रॉकी हैंडसम' एक्शसन फिल्म है। एक्शरन के लिए रॉकी और नावोमी के बीच के इमोशनल रिश्ते का सहारा लिया गया है। उस रिश्ते की प्रगाढ़ता को लेखक-निर्देशक हिंदी फिल्मों के प्रचलित तरीके से नहीं दिखा पाए हैं। नतीजतन फिल्म में इमोशन की कमी लगती है।  और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: काबिल बरखुरदार हैं 'कपूर एंड सन्स' (4 स्टार)

        
    kapoor  SonsUpdated on: Fri, 18 Mar 2016 06:11 PM (IST)

    धर्मा प्रॉडक्शंस पर औसत कहानियां पेश करने के आरोप लगते रहे हैं। इस फिल्म ने उस कलंक को धो दिया है। फिल्म की आत्मा यानी कहानी को बाकी आभूषणों से बढ़कर इज्जत बख्शी है। ‘कपूर एंड संस सिंस-1921’ एक आला दर्जे की फैमिली ड्रामा है।  और पढ़ें »

  • फिल्‍म रिव्‍यू: तेरा सुरूर (3 स्‍टार)

        
    Tera SuroorUpdated on: Fri, 11 Mar 2016 04:56 PM (IST)

    निश्चित ही हिमश रेशमिया अपनी खूबियों के बारे में जानते हैं। वे अपनी फिल्मों में उन खूबियों को पर्याप्त स्पेस और फोकस के साथ पेश करते हैं। उनकी फिल्मों की सजावट खूबसूरत और आकर्षक रहती है। 'तेरा सुरूर' में वे दर्शकों को डबलिन के लोकेशन पर ले जाते हैं। और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू- ग्लोबल बाबा (2.5 स्‍टार)

        
    Global BabaUpdated on: Fri, 11 Mar 2016 12:33 PM (IST)

    सूर्य कुमार उपाध्याय की कथा और विशाल विजय कुमार की पटकथा लेकर मनोज तिवारी ने प्रासंगिक फिल्म बनाई है। पिछलें कुछ सालों में बाबाओं की करतूतों की सुर्खियां बनती रही हैं।  और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू- 'जय गंगाजल', देसी मिजाज और भाषा (3.5 स्टार)

        
    Jai GangaajalUpdated on: Fri, 04 Mar 2016 05:57 PM (IST)

    हिंदी सिनेमा के फिल्मकार अभी ऐसी चुनौतियों के दौर में फिल्में बना रहे हैं कि उन्हें अब काल्पनिक कहानियों में भी शहरों और किरदारों के नामों की कल्पना करनी पड़ेगी। यह सावधानी बरतनी होगी कि निगेटिव छवि के किरदार और शहरों के नाम किसी वास्तविक नाम से ना म...  और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू- 'जुबान', एहसास और पहचान की कहानी (3.5 स्टार)

        
    ZubaanUpdated on: Fri, 04 Mar 2016 10:01 AM (IST)

    दिलशेर बच्चा है। वह अपने पिता के साथ गुरूद्वारे में जाता है। वहां पिता के साथ गुरूवाणी और सबद गाता है। पिता बहरे हो रहे हैं। उनकी आवाज असर खो रही है और वे एक दिन आत्महत्या कर लेते हैं। दिलशेर का संगीत से साथ छूट जाता है। वह हकलाता और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: 'अलीगढ़', साहसी और संवेदनशील (4.5 स्टार)

        
    AligarhUpdated on: Fri, 26 Feb 2016 04:48 PM (IST)

    हंसल मेहता की 'अलीगढ़' उनकी पिछली फिल्म 'शाहिद' की तरह ही हमारे समकालीन समाज का दस्तावेज है। अतीत की घटनाओं और ऐतिहासिक चरित्रों पर नीरियड फिल्में बनाना मुष्किल काम है, लेकिन अपने वर्तमान को पैनी नजर के साथ चित्रबद्ध करना भी आसान नहीं है। हंसल मेहता...  और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: 'तेरे बिन लादेन : डेड ऑर अलाइव', टुकड़ों में हंसी (2.5 स्टार)

        
    Tere Bin Laden Dead or AliveUpdated on: Fri, 26 Feb 2016 10:57 AM (IST)

    पहली कोशिश मौलिक और आर्गेनिक होती है तो दर्शक उसे सराहते हैं और फिल्म से जुड़ कलाकारों और तकनीशियनों की भी तारीफ होती है। अभिषेक शर्मा की 2010 में आई 'तेरे बिन लादेन' से अली जफर बतौर एक्टर पहचान में आए। स्वयं अभिषेक शर्मा की तीक्ष्णता नजर आई। उम्मीद ...  और पढ़ें »

  • फिल्‍म रिव्‍यू: 'नीरजा', दिलेर बेटियों को समर्पित (4 स्‍टार)

        
    NeerjaUpdated on: Sat, 20 Feb 2016 06:08 AM (IST)

    'नीरजा' में नीरजा बनी सोनम कपूर ने अपनी लाइफटाइम परफॉरमेंस दी है। उस किरदार को उन्होंने पूरी शिद्दत से निभाया है। नीरजा के व्यक्तित्‍व से जुड़ी सभी मुमकिन बारीकियों पर उनकी मेहनत साफ दिखती है। और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: 'लवशुदा', पुरानी बोतल में नई शराब (2.5 स्टार)

        
    LoveshhudaUpdated on: Fri, 19 Feb 2016 06:25 PM (IST)

    अगर इंसान दिल से खुश न हो तो उसका असर चेहरे पर झलकता है। वह जिससे प्यार करे, उसके साथ उसका खुश रहना जरूरी है। विज्ञापन की दुनिया से आए लेखक-निर्देशक वैभव मिश्रा ने लवशुदा में यही बात कहने की कोशिश की है। और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू : 'डेडपूल' एक सुपरहीरो की कहानी ( 3.5 स्टार )

        
    DeadPoolUpdated on: Sat, 13 Feb 2016 12:29 PM (IST)

    'डेडपूल' का ह्यूमर, कॉमिक एक्शन कमाल का है। फिल्म की कहानी भूतपूर्व स्पेशल फोर्स ऑपरेटिव वेड विल्सन के इर्द-गिर्द घूमती है। ये किरदार रेयान रेनॉल्ड्स ने निभाया है। और पढ़ें »

  • फिल्‍म रिव्‍यू: लोकेशन और इमोशन से भरी 'सनम रे'(2.5 स्‍टार)

        
    Sanam ReUpdated on: Sat, 13 Feb 2016 05:40 AM (IST)

    दिव्या खोसला कुमार की 'सनम रे' मनोरंजन की ऐसी थाली बन गई है, जिसमें मनोरंजन के व्यंजनों की भरमार है, लेकिन सब कुछ थोड़-थोड़ा है। और यह थाली ढंग से सजी भी नहीं है। फिल्म का गीत-संगीत बेहतर है।  और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू : 'फितूर', सजावट सुंदर, बुनावट कमजोर (2.5 स्टार)

        
    Film Review FitoorUpdated on: Fri, 12 Feb 2016 11:49 AM (IST)

    अभिषेक कपूर की ‘फितूर’ चार्ल्स डिकेंस के उपन्यास ‘ग्रेट एक्पेेक्टेशंस’ का हिंदी रूपांतरण है। दुनियाभर में इस उपन्यास पर कई फिल्में बन चुकी हैं। कहानी का सार हिंदी फिल्मों की अपनी कहानियों से काफी मेल खाता है। और पढ़ें »

यह भी देखें

    जागरण RSS

    बॉलीवुडRssgoogle plusyahoo ad
    मिर्च-मसालाRssgoogle plusyahoo ad
    बॉक्स ऑफिसRssgoogle plusyahoo ad
    फिल्म समीक्षाRssgoogle plusyahoo ad

    और देखें