फिल्म समीक्षा

  • फिल्म रिव्यू: एंट मैन (4 स्टार)

        
    Ant-ManUpdated on: Sat, 25 Jul 2015 10:33 AM (IST)

    किसी भी सुपरहीरो के लिए जरूरी है कि वो बड़ा और मजबूत हो। उसमें असीमित योग्यताएं हो। वो अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कर दुनिया में शांति स्थापित करने के लिए करता है। इस बीच एक हीरोइन की भी जरूरत होती है जो कभी नहीं समझ पाती कि आखिर हीरो काऔर पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू : मसान (4 स्टार)

        
    MasaanUpdated on: Fri, 24 Jul 2015 10:10 AM (IST)

    बनारस इन दिनों चर्चा में है। हिंदी फिल्मों में आरंभ से ही बनारस की छवियां भिन्न रूपों में दिखती रही हैं। बनारस का आध्यात्मिक रहस्य पूरी दुनिया को आकर्षित करता रहा है। बनारस की हवा में घुली मौज-मस्ती के किस्से यहां की गलियों और गालियों की तरह नॉस्टैल... और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू : ऐसा ये जहां (2 स्टार)

        
    Aisa Yeh JahaanUpdated on: Fri, 24 Jul 2015 10:08 AM (IST)

    मेकर्स ने फिल्म की रिलीज के पहले यह माहौल बनाया था कि यह पहली ऐसी फिल्म है जो निष्पक्ष तौर पर बनाई गई है। मेकर्स ने इस बात को मजबूती से रखने के लिए सौ पौधे लगाने का लक्ष्य भी रखा था। इसका मकसद पर्यावरण को बचाना था। यह कहानीऔर पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: बजरंगी भाईजान (4 स्टार)

        
    Bajrangi BhaijaanUpdated on: Fri, 17 Jul 2015 02:20 PM (IST)

    सलमान खान की ‘बजरंगी भाईजान’ को देखने के कई तरीके हो सकते हैं। पॉपुलर स्टार सलमान की फिल्में समीक्षा से परे होती हैं। खरी-खोटी लिखने या बताने से बेहतर होता है कि फिल्मों की अपील की बातें की जाएं। सलमान खान की खास शैली है। एक फॉर्मूला सा बन गया और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: द गैलोज (1 स्टार)

        
    GallowsUpdated on: Sat, 11 Jul 2015 11:02 AM (IST)

    15 साल पहले ब्लेयर विच प्रोजेक्ट सामने आया था। इसने हॉलीवुड को एक आइडिया भी गिफ्ट किया जिसमें फुटेज हॉरर की बात की गई। मगर बाद में दिक्कत यह हो गई कि निर्माता एक ही तरीके से फिल्म बनाने लगे। बजाए इसके कि कुछ अच्छी कहानियां भी लिखी जाए। बसऔर पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: एमी (4 स्टार)

        
    AmyUpdated on: Sat, 11 Jul 2015 10:50 AM (IST)

    कुछ साल पहले निर्देशक आसिफ कपाड़िया ने एक छोटी फिल्म बनाई थी 'सेना'। यह फॉर्मूला वन रेसर पर बनी एक बायोपिक थी। फिल्म के अंत में कुछ सीन ऐसे थे जो आपके दिल को झकझोर कर रख दें। यह फिल्म सर्वकालिक तौर पर बेस्ट फिल्म है। इसे देख तो आदमीऔर पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: मिनियंस (3 स्टार)

        
    MinionsUpdated on: Sat, 11 Jul 2015 10:38 AM (IST)

    फिल्म देखने के बाद जब आप बाहर निकलेंगे तो पाएंगे कि बच्चे जहां बहुत ही खुश हैं वहीं युवा वर्ग खासा निराश। मगर एक बात जो कॉमन है। वो ये कि दोनों को ही फिल्म में हंसने-मुस्कुराने का मौका मिलता है। हालांकि फिल्म इतनी भी शानदार नहीं है मगर फिरऔर पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: बाहुबली (3 स्टार)

        
    Bahubali Movie ReviewUpdated on: Fri, 10 Jul 2015 12:50 PM (IST)

    एसएस राजामौली की फिल्म 'बाहुबली' मूल रूप से हिंदी में बनी फिल्म नहीं है। फिर भी यह हिंदी दर्शकों के लिए दक्षिण की सौगात है। इस पैमाने पर हिंदी में फिल्में नहीं सोची गई हैं। हम बिग बजट फिल्मों में अलग प्रयोग करते रहे हैं। पीरियड में जाकर काल्पनिक कथाऔर पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: सेकेंड हैंड हस्बैंड (2 स्टार)

        
    Second Hand HusbandUpdated on: Sat, 04 Jul 2015 11:12 AM (IST)

    समीप कंग ने इसमें टीम लगभग सारी पंजाबी ही ली है इसलिए यही महसूस होता है जैसे हिंदी में पंजाबी फिल्म देख रहे हों।और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: गुड्डू रंगीला (3 स्टार)

        
    Guddu RangeelaUpdated on: Fri, 03 Jul 2015 10:28 AM (IST)

    'फंस गए रे ओबामा' और 'जॉली एलएलबी' से अपनी धाक जमाने और आत्मविश्वास हासिल करने के बाद सुभाष कपूर ने छलांग मारी है। 'गुड्डू रंगीला' में वे हिंदी सिनेमा की परिपाटी के मैदान में अपनी चुटीली और जागरुक विशेषताओं के साथ आए हैं। उनकी मौलिकता इस बार अधिकाधि... और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: इनसाइड आउट (5 स्टार)

        
    Inside OutUpdated on: Sat, 27 Jun 2015 08:54 AM (IST)

    आप लोगों को साल 2009 तो याद ही होगा। आप थिएटर पहुंचे थे फिल्म 'पिक्सर' देखने जहां पर आपने उम्मीद की थी कि एक कार्टून देखने को मिलेगा। शुरू के दस मिनट तो आपने जैसे-तैसे निकाले थे। इसके बाद इस फिल्म ने आपके दिल में जगह बना ली थी। इसऔर पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: युवा (1.5 स्टार )

        
    UvaaUpdated on: Sat, 27 Jun 2015 08:42 AM (IST)

    फिल्म मे एक गाना है जिसकी लाइन है, 'लगाके तारों में तड़का, चलो मैगी बनाते हैं'। यह हालिया मामले पर तंज के समान है। हालांकि फिल्म में इतनी सारी बातें है कि एक पल ऐसा लगने लगता है कि खिचड़ी बन गई है। ऐसे में सारी बातें उलट जाती है।और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: इंसीडियस 3 (3 स्टार)

        
    Insidious 3Updated on: Sat, 27 Jun 2015 08:30 AM (IST)

    जेम्स वान ने मूल फिल्म में कुछ असाधारण सा बनाया था। इसके बाद सात सालों के सात सीक्वल बेच दिए। हालांकि हर सीक्वल पिछली की तुलना में कम प्रभावी रहा। और अंततः हुआ यह है कि एक के बाद एक सीक्वल में कुछ न कुछ कमी रहने लगी। इन फिल्मोंऔर पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू : मिस टनकपुर हाजिर हो (2.5 स्टार)

        
    Miss Tanakpur Haazir HoUpdated on: Fri, 26 Jun 2015 02:24 PM (IST)

    पत्रकार रहे विनोद कापड़ी की पहली फिल्मं है 'मिस टनकपुर हाजिर हो'। राजस्थान की सच्ची घटनाओं पर आधारित इस फिल्म की कथाभूमि हरियाणा की कर दी गई है। विनोद कापड़ी ने कलाकारों से लेकर लोकेशन तक में देसी टच रखा है। यह फिल्म भारतीय समाज के एक विशेष इलाके मे... और पढ़ें »

  • फिल्म रिव्यू: एंटोरेज (2 स्टार)

        
    EntourageUpdated on: Sat, 20 Jun 2015 08:36 AM (IST)

    'एंटोरेज' टेलीविजन पर सालों पहले एक सक्सेस शो था। इसकी कॉमेडी का अपना ब्रांड था क्योंकि यहां पर अजीबोगरीब चुटकुले से हास्य पैदा करने की कोशिश की जाती थी। इसे बाद में पसंद किया जाने लगा। कुछ ही टीवी शो ऐसे हुए हैं जिनपर बाद में फिल्म बनी और सफलऔर पढ़ें »

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