अपनी बात

  • खुशी

    Updated on: Sat, 21 Jan 2017 12:54 AM (IST)

    खुशी पाने के लिए मनुष्य यहां-वहां भटकता रहता है, जबकि खुशी उसके अंतर्मन में निहित है। दुर्भाग्यवश ज्यादातर लोग यह बात जानते हुए भी इससे अनजान बने रहते हैं। और पढ़ें »

  • सड़क, समाज और अराजकता

    Updated on: Fri, 20 Jan 2017 04:44 AM (IST)

    अभी हाल में पटना में एक नौका डूबी। 20 से ज्यादा लोग असमय काल के गाल के समा गए। तय है कि लोग जल्द ही इस हादसे को भूल जाएंगे। और पढ़ें »

  • राजग के लिए बड़ा मौका

    Updated on: Fri, 20 Jan 2017 04:33 AM (IST)

    केंद्र सरकार की अगुआई कर रही भाजपा के लिए इन राज्यों के चुनाव सरकार बनाने से भी कहीं बढ़कर मायने रखते हैं।  और पढ़ें »

  • कांग्रेस के साथ सपा का भविष्य

    Updated on: Thu, 19 Jan 2017 01:19 AM (IST)

    अब उत्तर प्रदेश में आगामी सरकार सपा-कांग्रेस की ही बनेगी और भाजपा का पत्ता साफ होगा। और पढ़ें »

  • भद्रलोक का विस्मयकारी मौन

    Updated on: Thu, 19 Jan 2017 01:17 AM (IST)

    बरकती के बयान पर अभी बंगाल के बुद्धिजीवी जिस तरह मौन हैं उसी तरह वे धूलागढ़ की सांप्रदायिक हिंसा पर चुप रहे थे। वे मालदा की हिंसा पर भी खामोश थे।  और पढ़ें »

  • नाम स्मरण

    Updated on: Thu, 19 Jan 2017 01:16 AM (IST)

    दरअसल परमात्मा को प्राप्त करने के लिए अपने जीवन को सांसारिक बंधनों से अलग करना पड़ता है, ताकि हमारी आंखों और कानों में संसार प्रवेश न कर सके। मंदिरों में जोर-जोर से मंत्र पाठ किया जाता है। और पढ़ें »

  • सिर्फ हंगामा खड़ा करने से क्या होगा

    Updated on: Wed, 18 Jan 2017 01:23 AM (IST)

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को केंद्र की सत्ता में रहते हुए ढाई साल हो गए हैं। इस दौरान उनके काम-काज से विपक्ष के मन में पैदा हुई असुरक्षा की भावना को साफ तौर पर महसूस किया जा सकता है। और पढ़ें »

  • एकपक्षीय चिंतन की समस्याएं

    Updated on: Wed, 18 Jan 2017 01:22 AM (IST)

    सोशल मीडिया पर अपने पक्ष या दूसरे के खिलाफ ट्रेंड कराने को ही सही-गलत होने का पैमाना मान लिया गया है। यह सही नहीं, क्योंकि कई बार किसी व्यक्ति, संगठन के पर्याप्त समर्थक सोशल मीडिया पर नहीं होते। और पढ़ें »

  • मन का खेल

    Updated on: Wed, 18 Jan 2017 01:22 AM (IST)

    बीज बोने के बाद खेत की निरंतर देखभाल होती है और समय पर सिंचाई की जाती है, खाद आदि डाली जाती है। खेत की सुरक्षा के लिए चारों ओर बाड़ लगा दी जाती है। इसके बाद लहलहाती फसल की कामना की जाती है। और पढ़ें »

  • जनहित याचिकाओं का कारोबार

    Updated on: Tue, 17 Jan 2017 02:50 AM (IST)

    यह समझना कठिन है कि एक-दो-चार या फिर 27-28 फरवरी को बजट पेश किया जाना जनहित याचिका का मसला कैसे हो सकता है? और पढ़ें »

  • बुद्धि बल

    Updated on: Tue, 17 Jan 2017 02:50 AM (IST)

    मनुष्य की बुद्धि का ही कमाल है कि उसने नई-नई खोज करके मानव सभ्यता को श्रेष्ठतम ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया। और पढ़ें »

  • निश्चित आमदनी का सही समय

    Updated on: Tue, 17 Jan 2017 02:31 AM (IST)

    जनकल्याण के नाम पर तमाम अधकचरी योजनाओं को बंद कर दिया जाए तो यूनिवर्सल बेसिक इनकम के लिए वर्तमान बजट में ही रकम उपलब्ध हो जाएगी।  और पढ़ें »

  • नाजुक दौर में अफगानिस्तान

    Updated on: Mon, 16 Jan 2017 01:10 AM (IST)

    अफगानिस्तान में दफ्तर सुबह आठ बजे खुलते हैं और शाम को चार बजे बंद हो जाते हैं। इस दौरान चूंकि दफ्तरों के आसपास लोगों और वाहनों का जमावड़ा बढ़ जाता है, लिहाजा आतंकी हमला करने के लिए इसी समय को चुनते हैं, ताकि हताहतों की संख्या अधिक हो सके। और पढ़ें »

  • चंदे में पारदर्शिता का उपाय

    Updated on: Mon, 16 Jan 2017 01:09 AM (IST)

    चुनाव सुधार और राजनीतिक दलों के चंदे में पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संदेश दिया है कि भाजपा इसकी अगुआई करने को तैयार है। और पढ़ें »

  • जीवन का आशय

    Updated on: Mon, 16 Jan 2017 12:48 AM (IST)

    बहुत देर हो जाने के बाद यह अहसास जरूर होता कि उन्होंने अपना पूरा जीवन व्यर्थ में ही गवां दिया। और पढ़ें »

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