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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 09, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

IT Raids: 281 करोड़ के रैकेट का पर्दाफाश, एक बड़ी पार्टी के दिल्ली मुख्यालय से जुड़ा लिंक

By Amit SinghEdited By:
Published: Tue, 09 Apr 2019 10:16 AM (IST)Updated: Tue, 09 Apr 2019 02:40 PM (IST)

Income Tax Raid in Madhya Pradesh मुख्यमंत्री कमलनाथ के ओएसडी व अन्य करीबियों के ठिकानों पर तीसरे दिन भी आयकर ...और पढ़ें

IT Raids: 281 करोड़ के रैकेट का पर्दाफाश, एक बड़ी पार्टी के दिल्ली मुख्यालय से जुड़ा लिंक
IT Raids: 281 करोड़ के रैकेट का पर्दाफाश, एक बड़ी पार्टी के दिल्ली मुख्यालय से जुड़ा लिंक

भोपाल [जागरण स्पेशल]। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के विशेष कार्याधिकारी (OSD) प्रवीण कक्कड़ समेत अश्विन शर्मा और प्रतीक जोशी के ठिकानों पर आयकर विभाग के छापों में भारी मात्रा में नकदी, शराब व वन्यजीव ट्रॉफी समेत अन्य कीमती जीचें बरामद हुई हैं। इन लोगों के भोपाल और इंदौर में मौजूद ठिकानों पर सोमवार को भी आयकर विभाग की छापेमारी जारी रही। इससे पहले रविवार रात इनके ठिकानों पर मशीन लगाकर नोटों की गिनती की गई। मंगलवार को तीसरे दिन भी इनके ठिकानों पर आयकर की छापेमारी जारी है। पढ़ें- अब तक आयकर व वन विभाग की टीम को छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ है?

आयकर टीम ने अश्विन शर्मा और प्रतीक जोशी के भोपाल के प्लेटिनम प्लाजा स्थिति फ्लैट में छह मशीनें लगाकर रविवार को पूरी रात नोटों की गिनती की थी। नोट गिनने वाली मशीनें बैकों से मंगवाई गईं थीं। सोमवार दोपहर बाद सीआरपीएफ जवान कड़ी सुरक्षा में बरामद रुपयों को पांच पेटियों में भरकर बैंक में जमा कराने ले गए। अनुमान लगाया जा रहा है कि इन लोगों के ठिकानों से आयकर विभाग को 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की नकदी बरामद हुई है। हालांकि, आयकर विभाग की तरफ से छापेमारी के बाद की गई बरामदगी की आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है।

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हाईप्रोफाइल मामला होने की वजह से दिल्ली से आई आयकर इन्वेस्टीगेशन विंग इस मामले में पूरी गोपनीयता बरत रही है। यही वजह है मध्य प्रदेश आयकर में तैनात स्थानीय अधिकारियों को पूरी कार्रवाई से दूर रखा गया है। उनसे प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से कोई मदद नहीं ली जा रही है। आयकर अधिकारियों ने नकदी के अलावा इन लोगों के ठिकानों से काफी मात्रा में दस्तावेज भी जब्त किए हैं। दस्तावेजों को भी पेटियों में भरकर आयकर टीम जांच के लिए अपने साथ ले गई है।

आयकर विभाग के खुफिया सूत्रों ने इन लोगों के पास करोड़ों रुपए का कालाधन होने की इतनी पुख्ता सूचना दी थी कि टीम को तड़के तीन बजे मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबियों के यहां छापा मारना पड़ा। आयकर विभाग की टीम अमूमन छापे की कार्रवाई सूर्योदय के बाद ही शुरू करती है। इस मामले में टीम को डर था कि यदि एक मिनट की भी देरी की गई तो ऑपरेशन विफल हो सकता है।

नामांकन के दौरान कमलनाथ ने दी प्रतिक्रिया
करीबियों पर चल रही आयकर की छापेमारी पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंगलवार को नामांकन भरने जाते वक्त पत्रकारों के सवाल पर प्रतिक्रिया दी है। कमलनाथ ने मंगलवार को छिंदवाड़ा विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया है। इस दौरान उन्होंने आयकर छापों पर कहा 'राजनीतिक दृष्टि से जो करने का प्रयास किया जा रहा है, उसमें कोई सफल होने वाला नहीं है।' इससे पहले वरिष्ठ कांग्रेसी नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी ने कहा था कि मोदी सरकार प्रदेश की कमलनाथ सरकार के निर्णयों से भयभीत है। दुर्भावनावश आयकर छापेमारी की जा रही है। सुरेश पचौरी कांग्रेस पार्टी की तरफ से मध्य प्रदेश लोकसभा चुनाव प्रबंधन प्रभारी भी हैं।

बयान दर्ज किए गए
आयकर टीम ने सोमवार को दिनभर अश्विन और प्रतीक से बरामद करोड़ों रुपए का हिसाब-किताब लिया और उनके बयान दर्ज किए। इस दौरान नोटों के अलावा इनके ठिकानों से बरामद अन्य दस्तावेजों के बारे में भी गहन पूछताछ की गई। कक्कड़, शर्मा और जोशी के परिजनों के नाम पर बैंकों में जो लॉकर और अकाउंट हैं, उन्हें भी सील कर दिया गया है। आयकर अफसरों ने बैंक लॉकर में रखी सामग्री का ब्योरा भी कागजों में लिखवाया है। घर में बरामद हुए बहुमूल्य आभूषण और हीरा-जवाहरात का मूल्यांकन भी कराया जा रहा है।

ओएसडी के बैंक लॉकरों की जांच शुरू
मुख्यमंत्री कमलनाथ के OSD प्रवीण कक्कड़ के इंदौर स्थित आवास पर सोमवार रात तक आयकर की छापेमारी चलती रही। दिन में भी आयकर टीम ने कक्कड़ के तमाम ठिकानों पर छापेमारी कर सबूत एकत्र किए। इस दौरान काफी मात्रा में टीम ने दस्तावेज भी जमा किए हैं। दिन में आयकर टीम, प्रवीण के बेटे सलिल को लेकर बीसीएस हाइट्स बिल्डिंग स्थित कक्कड़ की कंपनी थर्ड आई पहुंची थी। बताया जा रहा है कि टीम ने आइडीबीआइ, यूनियन बैंक और कुछ अन्य बैंकों में प्रवीण कक्कड़ के परिवार के सदस्यों के नाम से लिए गए बैंक लॉकरों की जांच भी शुरू कर दी है।

कक्कड़ के सीए ने कहा IT को जांच का अधिकार है
ओएसडी प्रवीण कक्कड़ के सीए अनिल गर्ग का कहना है कि आयकर विभाग को जांच का पूरा अधिकार है। उन्होंने बताया कि प्रवीण कक्कड़ की ओर से सभी ज्वैलरी और संपत्ति की जानकारी पहले ही विभाग को आयकर रिटर्न में दी जा चुकी है। प्रवीण कक्कड़, पूरा आयकर जमा करते हैं। उनके घर या दफ्तर से कोई अघोषित ज्वैलरी, नकदी या दस्तावेज बरामद नहीं हुए हैं। उन्होंने आयकर विभाग द्वारा करोड़ों रुपये और दस्तावेज जब्त करने का भी खंडन किया है। उन्होंने आयकर विभाग की कार्रवाई को परेशान करने वाला बताया। आयकर अधिकारी, सीए अनिल गर्ग को भी प्रवीण कक्कड़ की कंपनी में जांच-पड़ताल के लिए ले गए थे।

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अब तक की छापेमारी में ये हुई बरामदगी
आयकर विभाग को छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री कमलनाथ के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ के करीबी अश्विन शर्मा के आवास से काला हिरन, बाघ, हिरण और तेंदुए आदि की ट्रॉफी भी बरामद हुई हैं। अतिसंरक्षित जीवों में शामिल चित्तीदार हिरण की भी एक ट्रॉफी बरामद की गई है। मामला वन्य जीव संरक्षण अधिनियम से जुड़ा होने की वजह से वन विभाग को इस संबंध में सूचना दे दी गई है। वन विभाग की टीम भी जांच में जुट गई है। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार वन्य जीव ट्रॉफी से संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद मामले में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

सोमवार को आयकर विभाग ने मध्य प्रदेश में की गई छापेमारी के दौरान 281 करोड़ रुपये की नकदी जुटाने के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया था। आयकर विभाग के अनुसार ये रैकेट इतना बड़ा है कि इसमें कई नेता, व्यवसायी और सरकारी कर्मचारी शामिल हैं। इस रैकेट के तार एक बड़ी राजनीतिक पार्टी के दिल्ली मुख्यालय से भी जुड़े हैं। आयकर ने सोमवार को अब तक 14 करोड़ रुपये नकद जब्त करने की भी पुष्टि की है। आयकर विभाग ने इस रैकेट का खुलासा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के सहयोगियों के ठिकानों पर की गयी छापेमारी के बाद किया था। मामले में जहां-जहां चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है, उसकी जानकारी आयकर विभाग ने चुनाव आयोग को भी दे दी है।

आयकर विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, भोपाल, इंदौर और गोवा में 52 जगहों पर छापेमारी कर इस मामले से जुड़े सबूत और दस्तावेज बरामद किये हैं। इसमें हाथ से लिखी डायरियां, कंप्यूटर फाइल और एक्सेल शीट भी हैं, जो इस बात की तस्दीक करती हैं कि कहां और किसे कितना कैश भेजा गया। इसके अलावा शराब की 252 बोतलें और हथियार आदि भी बरामद की गयी हैं। इसके अलावा टैक्स हैवंस में 80 से अधिक कंपनियों के फर्जी बिलों के माध्यम से 242 करोड़ रुपये के गबन का प्रमाण भी मिला है। साथ ही दिल्ली में कई पॉश इलाकों में बेनामी संपत्तियों के सबूत मिले हैं। विभाग के मुताबिक इस रैकेट को खुलासा करने के लिए चार राज्यों में ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें 300 से अधिक आयकर अधिकारी शामिल हुए।

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सलिल को आयकर विभाग कर चुका है सम्मानित
दिल्ली के आयकर विभाग की टीम भले ही प्रवीण कक्कड़ और उनके बेटे सलिल के यहां अघोषित आय की तलाश में दिन-रात जुटी है, लेकिन इंदौर का आयकर विभाग दो साल पहले सलिल को बेहतर करदाता के रूप में सम्मानित कर चुका है। सीए अनिल गर्ग के मुताबिक, कक्कड़ का नाम क्षेत्र में सबसे ज्यादा आयकर जमा करने वाले लोगों में शामिल है। इस बीच एक और बात सामने आई है कि आयकर की जांच में तमाम कंपनियों में प्रवीण कक्कड़ की सीधी भूमिका नहीं मिल रही है। सूत्रों के मुताबिक ओएसडी के तौर पर नियुक्ति से पहले ही कक्कड़ खुद को कंपनियों के बोर्ड और निदेशक के तौर पर अलग कर चुके थे। इन कंपनियों में उनके बजाय पत्नी और पुत्र निदेशक के तौर पर जुड़ गए थे।

कांग्रेस के नेता ऐसे ही आरोप लगाते हैं: शिवराज
आयकर की छापेमारी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं पर जांच एजेंसी कार्रवाई करती है, तो वह ऐसे ही आरोप लगाते हैं। पैसा उनके पास कोई भाजपा वाले रख आए क्या? शिवराज सोमवार को जबलपुर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह का नामांकन दाखिल करने उनके साथ रैली में शामिल हुए थे।

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