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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 06, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

फजलुल्‍लाह को पकड़वाने वाले को मिलेगा एक करोड का इनाम

By Kamal VermaEdited By:
Published: Tue, 06 Jan 2015 04:05 PM (IST)Updated: Tue, 06 Jan 2015 05:07 PM (IST)

पाकिस्‍तान की खैबर पख्‍तूनख्‍वां सरकार ने तालिबान के प्रमुख मुल्‍लाह फजलुल्‍लाह को जिंदा या मुर्दा पकड़वाने वाले को एक करोड़ ...और पढ़ें

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पेशावर। पाकिस्तान की खैबर पख्तूनख्वां सरकार ने तालिबान के प्रमुख मुल्लाह फजलुल्लाह को जिंदा या मुर्दा पकड़वाने वाले को एक करोड़ का इनाम देने की घोषणा की है। इसकी जानकारी देते हुए प्रांतीय मंत्री मुश्ताख गनी ने कहा कि इस घोषणा के बाद तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान के 615 आतंकियों और इसके चीफ पर रखे गए इनाम की कीमत 760 मिलियन पहुंच गई है। फजलुल्लाह पेशावर के स्कूल में हुए हमले का मास्टरमाइंड है। इस हमले में 150 लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा खैबर पख्तूनख्वां सरकार ने लश्कर ए इस्लाम ग्रुप के प्रमुख मंगल बाघ को जिंदा या मुर्दा पकड़वाने वाले को भी एक करोड़ का इनाम देने की घोषणा की है। इस घटना के बाद तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान [टीटीपी] ने नेताओं के बच्चों को मारने की घमकी दी है।

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चालीस वर्षीय फजलुल्लाह को रेडियो मुल्लाह के नाम से भी जाना जाता है। वह एकमात्र ऐसा शख्स है जो पेशावर हमले के दौरान लगातार आतंकियों से संपर्क में था। तालिबान की कमान संभालने से पहले वह स्वात घाटी में तालिबान का सबसे बड़ा लीडर था। वर्ष 2013 में हकीमुल्लाह मेहसूद की मौत के बाद तालिबान की कमान उसके हाथों में आ गई थी। मेहसूद उत्तरी वजरिस्तान में हुए अमेरिकी हमलों के दौरान मारा गया था।

गौरतलब है कि पिछले माह पेशावर के आर्मी स्कूल में हुए भीषण नरसंहार के बाद पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में संविधान में संशोधन करके आतंकी मामलों में जल्द सुनवाई के लिए मिलिट्री कोर्ट बनाने की मांग भी की गई थी। पेशावर की घटना के बाद ही प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने देश में फांसी की सजा पर लगी रोक को हटा लिया था। तब से लेकर आज तक सात आतंकियों को फांसी की सजा भी दी जा चुकी है।