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पेंशन लेने के लिए टूटी कुर्सी के सहारे नंगे पांव चलने को मजबूर बुजुर्ग, वित्त मंत्री ने SBI को लगाई फटकार

यह मामला ओडिशा के नबरंगपुर जिले के झरिगांव ब्लॉक का है जिसमें एक बुजुर्ग महिला को तपती गर्मी में नंगे पैर एक कुर्सी के सहारे पेंशन लेने के लिए बैंक जाते देखा जा सकता है। इस पर वित्‍त मंत्री ने एसबीआइ को फटकार लगाई है।

By Jagran NewsEdited By: Arijita SenFri, 21 Apr 2023 12:25 PM (IST)
वायरल वीडियो को देख वित्‍त मंत्री ने एसबीआइ को लगाई फटकार

संतोष कुमार पांडेय, अनुगुल। ओडिशा के नबरंगपुर जिले में एक 70 वर्षीय महिला अपनी वृद्धावस्था पेंशन पाने के लिए संघर्ष करते दिखी। उन्हें अपनी सरकार द्वारा प्रदत्त पेंशन लेने के लिए टूटी कुर्सी के साथ सड़क पर नंगे पैर चलते हुए देखा गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, जिले के झरीगन ब्लॉक के बनुआगुड़ा गांव की इस पीड़िता बुजुर्ग महिला की पहचान सूर्या हरिजन के रूप में की गई है।

वायरल वीडियो पर पड़ी वित्त मंत्री निर्मल सीतारमण की नजर

बुजुर्ग महिला का वीडियो वायरल होते ही वित्त मंत्री निर्मल सीतारमण की गुरुवार को इस पर नजर पड़ी, जिसमें महिला को ओडिशा के नबरंगपुर में पेंशन का पैसा लेने के लिए चिलचिलाती गर्मी व धूप में कई किलोमीटर तक नंगे पैर चलते दिखाया गया है। सीतारमण ने इसे लेकर भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की खिंचाई कर दी और कहा कि क्या वहां कोई बैंक मित्र नहीं हैं?

— Nirmala Sitharaman (@nsitharaman) April 20, 2023

एसबीआई ने वित्त मंत्री के ट्वीट पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि वीडियो को देखकर उन्हें भी उतना ही दुख हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि अगले महीने से पेंशन उनके घर पर पहुंचाई जाएगी।

She visited our Jharigaon Branch with her relative. Our Branch Manager immediately paid the amount by manually debiting her account. Our Branch Manger has also communicated that her pension will be delivered to her doorstop from next month.— State Bank of India (@TheOfficialSBI) April 20, 2023

सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रही हैं सूर्या

यह घटना 17 अप्रैल को ओडिशा के नबरंगपुर जिले के झरिगांव ब्लॉक में हुई थी। झरिगांव,ओडिशा से एक चौंकाने वाली घटना में, एक 70 वर्षीय महिला को बैंक से अपनी पेंशन लेने के लिए कई किलोमीटर तक नंगे पैर चलते देखा गया। गौरतलब है कि जरूरतमंद नागरिकों की सहायता के लिए सरकारी योजनाएं होने के बावजूद, सूर्या हरिजन अपने विभिन्न मुद्दों के कारण लाभ नहीं उठा पा रही हैं। उनका जीवन स्तर बहुत खराब है।

एक छोटी सी झोपड़ी में रहता है सूर्या का पूरा परिवार

अपने परिवार का पेट पालने के लिए उनका बड़ा बेटा एक प्रवासी मजदूर के रूप में दूसरे राज्य में काम करता है और उनका छोटा बेटा उनके साथ रहता है और दूसरों के मवेशियों को चराकर आजीविका चलाता है। उनकी छोटी सी झोपड़ी में उनका जीवन दिनों दिन दयनीय होता जा रहा है। पहले हरिजन को पेंशन का पैसा हाथ में दिया जाता था। हालांकि, अब नियम बदल जाने के कारण पैसा उनके खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर किया जा रहा है।

अंगूठे का निशान नहीं खाता नमूने से मेल

बैंक प्राधिकरण के अनुसार, बुढ़ापे के कारण सूर्या के बाएं अंगूठे का निशान (एलटीआई) कभी-कभी नमूने से मेल नहीं खाता है, जिससे उन्‍हें पेंशन की राशि का भुगतान करने में समस्या होती है। सूत्रों के अनुसार उन्‍हें पिछले चार महीनों से पेंशन नहीं मिली है।

शारीरिक तौर पर उपस्थिति के लिए उन्‍हें बैंक जाने की जरूरत पड़ती है। हालांकि, सूर्या बहुत कमज़ोर हैं,और अपने दम पर चल भी नहीं सकती हैं, जिस कारण बैंक जाने के लिए उन्‍होंने एक कुर्सी का सहारा लिया।

स्‍थानीय प्रशासन ने किया मदद का वादा

ब्लॉक और पंचायत कार्यालय में मदद के लिए उनके बार-बार अनुरोध करने के बावजूद उन्‍हें कोई सहयोग नही मिला। हालांकि, मामला में वित्त मंत्री के संज्ञान लेने के बाद अब स्थानीय प्रशासन ने वृद्ध महिला को सभी जरूरी सुविधाएं देने और उसके घर पर पेंशन मुहैया कराने का वादा किया है।