

About Jagran Agri Panchayat
Agriculture is at the heart of India's growth story, evolving beyond food production into a driver of innovation, sustainability, exports and economic prosperity. As the sector undergoes rapid transformation, stronger collaboration between policymakers, farmers, industry leaders, startups and innovators has become more important than ever.
Building on the success of its inaugural edition, Jagran Agri Panchayat - Season 2 is envisioned as India's premier platform for dialogue, collaboration and action. The conclave will bring together key stakeholders to discuss emerging technologies, progressive policies, sustainable practices, market opportunities and public-private partnerships that will shape the future of Indian agriculture.
More than a conclave, Jagran Agri Panchayat is a movement towards building a future-ready, globally competitive and farmer-centric agricultural ecosystem.
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मुख्य चर्चा
अनुभाग
उद्देश्य
विषय
अनुभाग
कृषि के लिए नीतिगत पहल और योजनाएं
उद्देश्य
कृषि को बढ़ावा देने वाली सरकारी नीतियों को उजागर करना।
विषय
सॉइल हेल्थ कार्ड, ई-एनएएम (इलेक्ट्रॉनिक राष्ट्रीय कृषि बाजार), पीएमएफबीवाई (प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना) और फसल अवशेष प्रबंधन जैसी योजनाओं का अवलोकन।
सॉइल हेल्थ, बाजार तक पहुंच, फसल बीमा कवरेज और अपशिष्ट प्रबंधन पर ध्यान देने के लिए बनी योजनाओं के प्रभाव का आकलन।
सफल कार्यान्वयन और जमीनी स्तर की चुनौतियों पर प्रकाश डालने वाली केस स्टडी।
प्रभावी नीति कार्यान्वयन के लिए भविष्य की दिशाओं और संभावित सुधारों पर चर्चा।
अनुभाग
कृषि संसाधनों का बेहतर उपयोग करके उत्पादन बढ़ाना
उद्देश्य
बीज, उर्वरक और कीटनाशकों का सही से उपयोग करके कृषि उत्पादकता को अधिकतम करने की रणनीतियों पर चर्चा।
विषय
स्थानीय कृषि-जलवायु परिस्थितियों के लिए उपयुक्त उच्च गुणवत्ता वाले बीजों के चयन और उपयोग में समझदारी।
पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना मिट्टी की उर्वरता और फसल की पैदावार में सुधार के लिए संतुलित उर्वरक की तकनीकें।
फसल कीटों को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के लिए इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट (आईपीएम) के महत्व को उजागर करना।
अनुभाग
डेयरी और पशुपालन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाना
उद्देश्य
किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण आजीविका में सुधार लाने के लिए डेयरी और पशुपालन क्षेत्रों में अवसरों का पता लगाना।
विषय
स्थायी आय सृजन के लिए डेयरी फार्मिंग और पशुपालन में विविधीकरण का महत्व।
डेयरी और पशुपालन उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए सरकारी योजनाएं और वित्तीय उपलब्ध सहायता।
डेयरी और पशुधन गतिविधियों को अपनी कृषि प्रणालियों में सफलतापूर्वक एकीकृत करने वाले किसानों की सफलता की कहानियां।
पैनलिस्ट


श्री आरजी अग्रवाल,

अशोक दलवई, आईएएस

डॉ. मीनेश शाह

अरुण रस्ते

डॉ. ओपी चौधरी, आईएफएस

डॉ. कल्याण गोस्वामी

चंद्र भूषण

डॉ. धीर सिंह

डॉ. यू.एस. गौतम

सुशील कुमार

योगेश द्विवेदी

पद्मश्री राम चेत चौधरी

प्रो. राकेश मोहन जोशी

श्री बिनोद आनंद

डॉ. अशोक कुमार मोहंती

डॉ. सुनील कुमार ओंटेरू

रिकी थापर

डॉ. ज्ञान प्रकाश मिश्र

श्री विनय कुमार,

डॉ. कल्याण गोस्वामी,

श्री चंद्र भूषण

डॉ. अरविंद कपूर
Past Partners

DIRECTORATE HORTICULTURE AND FARM FORESTRY, CHHATTISGARH













