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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 01, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पूर्व मुख्यमंत्रियों ने हाई कोर्ट को बताया कि वे सरकारी बंगला खाली करने को हैं तैयार

By sunil negiEdited By:
Published: Sat, 01 Oct 2016 10:05 AM (IST)Updated: Sun, 02 Oct 2016 02:00 AM (IST)

पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी आवास के खिलाफ दाखिल याचिका में शुक्रवार को सुनवाई हुई। इस दौरान पूर्व सीएम की ओर ...और पढ़ें

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नैनीताल, [जेएनएन]: पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी आवास व अन्य सुविधाओं के खिलाफ दाखिल याचिका में शुक्रवार को सुनवाई हुई। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्रियों की ओर से कोर्ट में बताया गया कि वह आवास खाली करने को तैयार हैं। कोर्ट ने उन्हें सोमवार तक यह बताने को कहा है कि वह कब तक सरकारी आवास खाली कर देंगे।
रूरल लिटिगेशन एंड एनटाइटलमेंट केंद्र देहरादून की ओर से जनहित याचिका दायर कर कहा गया है कि राज्य सरकार द्वारा पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी आवास व अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। पिछली सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि पूर्व मुख्यमंत्रियों से गनर, गार्ड चालक, कुक इत्यादि हटा लिए गए हैं।

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शुक्रवार को सुनवाई के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, विजय बहुगुणा के अधिवक्ताओं की ओर से बताया गया कि वह सरकारी आवास खाली करने को तैयार हैं, जबकि सरकारी अधिवक्ता की ओर से कहा गया कि पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी को भी सरकारी आवास खाली करना होगा।

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याचिकाकर्ता के अधिवक्ता कार्तिकेय गुप्ता ने कोर्ट में दलील दी कि पूर्व मुख्यमंत्रियों से आवास खाली कराने के साथ ही पिछला किराया भी वसूला जाए। मामलेकी सुनवाई मुख्य न्यायाधीश केएम जोसफ व न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की खंडपीठ में हुई।

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