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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 17, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सपा दिग्गजों की सुरक्षा हटी, सरकार बनने के बाद कुछ और की बारी

By Nawal MishraEdited By:
Published: Fri, 17 Mar 2017 05:02 PM (IST)Updated: Fri, 17 Mar 2017 07:57 PM (IST)

उत्तर प्रदेश में सपाइयों की सुरक्षा की नये सिरे से समीक्षा का दौर है। ऐसे में कई लोगों की सुरक्षा भाजपा सरकार बनने के बाद वापस ले ली जाएगी।

सपा दिग्गजों की सुरक्षा हटी, सरकार बनने के बाद कुछ और की बारी
सपा दिग्गजों की सुरक्षा हटी, सरकार बनने के बाद कुछ और की बारी

लखनऊ (जेएनएन)। विधानसभा चुनाव में भाजपा को बहुमत के बाद अब उत्तर प्रदेश में सपाइयों की नये सिरे से सुरक्षा की समीक्षा का दौर है। ऐसे में कई लोग सुरक्षा बनाये रखने की दौड़ में है तो कुछ ने अपनी सुरक्षा खुद वापस कर दी है। सुरक्षा लौटाने वालों में एक नाम समाजवादी युवजन सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास यादव का भी है। विकास ने एस्कोर्ट के साथ मिली वाई श्रेणी की सुरक्षा वापस कर दी और सिर्फ एक गनर उपलब्ध बनाए रखने को कहा है। श्रेणीबद्ध सुरक्षा हासिल व्यक्तियों की सुरक्षा की नए सिरे समीक्षा शुरू है। सरकार का गठन होने के बाद अंतिम फैसला होगा। 

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22 के पास जेड और जेड-प्लस सुरक्षा

उल्लेखनीय है कि कल सपा के निर्वतमान मंत्री अभिषेक मिश्र, राजेन्द्र चौधरी, बलवंत सिंह रामूवालिया, रविदास मेहरोत्रा, अरविंद सिंह गोप समेत आधा दर्जन लोगों की सुरक्षा वापस ले ली गई थी। सूत्रों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में इस समय आठ लोगों को जेड प्लस सुरक्षा हासिल है। इसमें तीन पूर्व मुख्यमंत्री है। जेड प्लस सुरक्षा वाले व्यक्तियों को सरकारी गाड़ी के साथ चौबीसो घंटे कमांडों सुरक्षा हासिल रहती है।

राज्य के 14 लोगों को जेड श्रेणी की सुरक्षा हासिल है। इनकी सुरक्षा में पुलिस एस्कोर्ट के साथ आठ जवान चौबीसो घंटे की ड्यूटी पर रहते है। इसके अलावा प्रदेश के 15 लोगों को एस्कोर्ट के साथ वाई श्रेणी और 35 लोगों को बिना एस्कोर्ट वाई श्रेणी की सुरक्षा हासिल है। 60 लोगों को एक्स श्रेणी की सुरक्षा मिली है। इस श्रेणी की सुरक्षा पाने वाले व्यक्ति के साथ शैडो तैनात रहते हैं।