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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 14, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राष्ट्रपति के भोज में बिना लहसुन व प्याज पनीर क्रंची और रबड़ी अंगूरी

By Nawal MishraEdited By:
Published: Thu, 14 Sep 2017 10:54 PM (GMT+05:30)Updated: Fri, 15 Sep 2017 08:07 AM (GMT+05:30)

राष्ट्रपति के भोज में पनीर मखाना, नवरतन कोरमा, आलू-मिर्च, पुदीना-कालीमिर्च पकौड़ी, भिंडी तिलवाली, तंदूरी गोभी, आलू पुलाव, अरहर दाल, दाल मखानी। और भी।

राष्ट्रपति के भोज में बिना लहसुन व प्याज पनीर क्रंची और रबड़ी अंगूरी
राष्ट्रपति के भोज में बिना लहसुन व प्याज पनीर क्रंची और रबड़ी अंगूरी

लखनऊ (जेएनएन)। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के स्वागत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अपने सरकारी आवास पर रात्रिभोज का आयोजन किया। इसमें राष्ट्रपति और राज्यपाल के अलावा खास शाही मेहमान शामिल हुए। देश के प्रथम नागरिक और खास मेहमानों के लिए आयोजित इस भोज में लहसुन-प्याज को भले न जगह मिली हो, पर स्वाद और विविधता में कोई कमी नहीं थी। मसलन स्टार्टर में पनीर क्रंची थी तो भोजन के बाद लिए जाने वाली मिठाई में अंगूरी होने के नाते रबड़ी खास थी।

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खास मौके पर परोसे जाने वाले व्यंजन ही मैन्यू में रखे गए थे। योगी आदित्यनाथ ने इसमें खुद रुचि ली। स्टार्टर में हरियाली टिक्की, कोठमीर बड़ी, दाल की टिक्की और वेज टेंपुरा था तो सूप में दाल और दाल धनिया का शोरबा। दहीवड़ा और बूंदी के रायते के साथ करीब चार तरह के सलाद थे। सब्जी में मनीर मखाना, नवरतन कोरमा, आलू-मिर्च, पुदीना और कालीमिर्च की पकौड़ी, भिंडी तिलवाली, तंदूरी गोभी और आलू पुलाव के साथ अरहर दाल तड़का, दाल मखानी। रोटी में कुलचा और लच्छा पराठा खास था तो मुहं मीठा के करने के लिए परंपरागत जलेबी और कालाजाम, चाकलेट वालनट पुडिंग और वनीला आइसक्रीम भी थी।

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मुख्यमंत्री ने अतिथियों का स्वागत किया और राष्ट्रपति से सबका परिचय कराया। भोज में राज्यपाल राम नाईक, विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डा.महेंद्र नाथ पांडेय, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, डा.दिनेश शर्मा, हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, सरकार के मंत्री, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी, शासन के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे। राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार प्रदेश आगमन पर रामनाथ कोविंद प्रोटोकाल तोड़कर मुख्यमंत्री आवास पर रात्रिभोज में गए। शुक्रवार को वह कानपुर में स्वच्छता ही सेवा अभियान पखवाड़े की शुरुआत करेंगे। उनके साथ मुख्यमंत्री भी होंगे।

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राष्ट्रपति, गवर्नर और मुख्यमंत्री ने साथ-साथ किया भोजन

राष्ट्रपति के भोजन के लिए लगी लगी टेबिल वहां मौजूद हर किसी के लिए खास थी। इस पर राष्ट्रपति के साथ राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष, विधान सभा और विधान परिषद के अध्यक्ष बैठे थे। सबने साथ-साथ भोजन किया। बीच-बीच में अनौपचारिक बातें भी होती रहीं।  

तस्वीरों में देखें-यूपी में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का अभिनंदन 

राजभवन से पांच कालिदास तक कोविंद का अभूतपूर्व स्वागत 

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के आगमन की वजह से गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास पांच कालिदास से लेकर राजभवन तक का माहौल बदला था। वह मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित रात्रिभोज में शामिल हुए तो राजभवन में रात गुजारेंगे। दोनों जगह कोविंद का अभूतपूर्व स्वागत हुआ। अपने स्वागत से वह अभिभूत थे, हालांकि बागपत में नाव हादसे में लोगों की मौत ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया था। अपने अभिनंदन समारोह में वह इस हादसे पर दुख जताना नहीं भूले। राष्ट्रपति अमौसी हवाई अड्डे पर अपनी पत्नी सविता कोविंद के साथ आए। उनकी अगुवानी के लिए उत्तर प्रदेश सरकार खड़ी थी। राज्यपाल राम नाईक, उनकी पत्नी कुंदा नाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व डॉ. दिनेश शर्मा ने राष्ट्रपति का स्वागत किया। राम नाईक ने कोविंद और कुंदा ने सविता कोविंद को पुष्पगुच्छ भेंट किया। फिर उनका काफिला राजभवन पहुंचा। राष्ट्रपति के रूप में कोविंद पहली बार राजभवन पहुंचे थे। कुंदा नाईक ने सविता कोविंद को प्रथम बार राजभवन आने पर गुलदस्ता एवं उपहार भी भेंट किया। राज्यपाल ने इस अवसर पर राजभवन में तैनात उपनिरीक्षक कुलदीप से राष्ट्रपति का परिचय कराया। कुलदीप ने राष्ट्रपति के स्वागत में रचित कविता उन्हें भेंट की। इसके पहले राष्ट्रपति ने अंबेडकर महासभा में डॉ. अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। 25 जुलाई को शपथ लेने के बाद राम नाथ कोविंद पहली बार उप्र के दौरे पर आए हैं।