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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 23, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

‘मॉडर्ना’ का पंजाब को सीधे कोरोना वैक्‍सीन देने से इन्कार, कहा- भारत सरकार से ही समझौता संभव

By Kamlesh BhattEdited By:
Published: Sun, 23 May 2021 05:44 PM (IST)Updated: Mon, 24 May 2021 08:05 AM (IST)

पंजाब में कोविड टीकों की कमी को देखते हुए राज्य सरकार ने कोविड टीका निर्माता ‘मॉडर्ना’ से संपर्क किया था ...और पढ़ें

‘माॅडरना’ ने पंजाब को सीधा टीका देने से किया इन्कार। सांकेतिक फोटो
‘माॅडरना’ ने पंजाब को सीधा टीका देने से किया इन्कार। सांकेतिक फोटो

जेएनएन, चंडीगढ़। कोविड टीकों के निर्माता कंपनी में से एक ‘मॉडर्ना’ ने पंजाब सरकार को सीधे टीके भेजने से इन्कार कर दिया है। कंपनी के अनुसार उसकी नीति के तहत वह सिर्फ भारत सरकार के साथ ही समझौता कर सकती है न कि किसी राज्य सरकार या निजी पक्ष के साथ।

टीकाकरण के लिए पंजाब के स्टेट नोडल अधिकारी और सीनियर आइएएस अधिकारी विकास गर्ग ने बताया कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा राज्य में जल्द टीकाकरण यकीनी बनाने के लिए सभी संभावित स्रोतों से टीकों की खरीद के लिए विश्वव्यापी टेंडर तय करने की संभावनाओं का पता लगाने संबंधी निर्देश पर अमल करते हुए सभी टीका निर्माताओं से अलग-अलग कोविड टीकों की सीधी खरीद के लिए संपर्क किया गया था। यह संपर्क स्पुतनिक वी, फाईजर, मॉडर्ना और जाॅनसन एंड जाॅनसन के साथ किया गया, लेकिन अभी तक सिर्फ माॅडरना की ओर से ही जवाब आया है।

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स्टेट नोडल अधिकारी गर्ग ने कहा कि अब तक सिर्फ मॉडर्ना से आए जवाब में कंपनी ने राज्य सरकार के साथ समझौता करन से इन्कार कर दिया है। कंपनी ने कहा कि वह सिर्फ भारत सरकार के साथ ही समझौता कर सकते हैं। बता दें, पंजाब सरकार पिछले तीन दिनों में पहले और दूसरे चरण के लिए टीकाकरण बंद करने के लिए मजबूर है। राज्य में टीकों की कमी को पूरा करने के लिए और टीके खरीदने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। भारत सरकार द्वारा अब तक टीकों की 44 लाख से कम खुराकें मिलीं हैं।

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गर्ग ने बताया कि भारत सरकार द्वारा तीसरे चरण (18-44 उम्र वर्ग) के लिए की गई अलाॅटमेंट के अनुसार राज्य सरकार सिर्फ 4.2 लाख की खुराक ही खरीद पाई है, जिसमें कल प्राप्त की गई 66,000 खुराकें भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि कुल 3.65 लाख टीकों का प्रयोग पहले ही किया जा चुका है और अब तक सिर्फ 64000 ही प्रयोग के लिए बचे हैं।