विनाशकारी विरासत खत्म करने को छह महीने नाकाफी : कैप्टन
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने लंदन से बयान जारी कर कहा कि राज्य को गंभीर वित्तीय संकट में डालने के बाद अकाली दल और आप घटिया राजनीति पर उतर आए हैं ...और पढ़ें
जेएनएन, चंडीगढ़। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सरकार के आलोचकों पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि सरकार को अभी सत्ता संभाले मुश्किल से छह माह हुए हैं। हमने अधिकतर वादों को लागू कर दिया है। सूबे की अस्थिर हुई आर्थिक स्थिति को पटरी पर लाने के लिए भी तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। 10 साल की विनाशकारी विरासत को छह माह में खत्म नहीं किया जा सकता।
मुख्यमंत्री ने लंदन से बयान जारी कर कहा कि राज्य को गंभीर वित्तीय संकट में डालने के बाद अकाली घटिया राजनीति पर उतर आए हैं। आम आदमी पार्टी भी ऐसा ही कर रही है, जिसकी राजनीतिक फिलॉसफी हमेशा नकारात्मक रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के पास सभी समस्याओं का हल करने के लिए कोई जादू की छड़ी नहीं है। यह समस्याएं शिरोमणी अकाली दल-भाजपा सरकार के 10 साल के कुशासन के दौरान विरासत में मिली हैं। इसके बावजूद सरकार ने पिछले छह माह में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। सरकार राज्य को फिर से पटरी पर लाने का प्रयास कर रही है। कैप्टन ने यह बयान उस समय दिया है, जब राज्य में लोकसभा उपचुनाव का बिगुल बज चुका है।
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कर्ज माफी के लिए केंद्रीय सहायता का इंतजार
किसानों के कर्ज माफी पर कैप्टन ने कहा कि सरकार वित्तीय जिम्मेदारी व बजट प्रबंध (एफआरबीएम) एक्ट, 2003 में ढील दिए जाने व कर्ज की सीमा में विस्तार किए जाने के लिए केंद्र से दी जाने वाली सहायता का इंतजार कर रही है। वित्तीय मुश्किलों के बावजूद सरकार किसानों की कर्ज माफी को प्राथमिकता दे रही है। कर्मचारियों को वेतन देने में हुई देरी पर दुख व्यक्त करते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि जीएसटी संबंधी केंद्र सरकार का योगदान जून में प्राप्त होना था, यह अटका होने के कारण वेतन का भुगतान टालना पड़ा है। बद्किस्मती से सूबे का खजाना खाली है और राज्य सरकार मौजूदा परिस्थितियों में सरकारी खजाने से वेतन देने की स्थिति में नहीं है।
तीन लाख नौकरियां पैदा की
कैप्टन ने कहा कि उनकी सरकार ने बेरोजगार नौजवानों के लिए पहले ही तीन लाख के करीब नौकरियां पैदा कर दी हैं। औद्योगिक विकास पर कैप्टन ने कहा कि सरकार पांच रुपये प्रति यूनिट बिजली का वादा जल्द पूरा करेगी। नौजवानों को स्मार्टफोन देने के वादे पर भी काम चल रहा है। किसी भी सरकार की सफलता या असफलता को मापने के लिए छह महीनों का समय कोई मापदंड नहीं है।

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