यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 14, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ट्रंप ने IS के खिलाफ छेड़ी जंग, अफगानिस्तान में गिराया सबसे बड़ा गैर परमाणु बम
अमेरिका ने पूर्वी अफगानिस्तान में शरण लिए इस्लामिक स्टेट आतंकियों के ठिकानों पर एक विशाल जीबीयू-43 बम गिराया है।

नई दिल्ली (एजेंसी)। अमेरिकी सेना ने बृहस्पतिवार को अफगानिस्तान के नांगरहार प्रांत में पाकिस्तान सीमा के करीब अभी तक का सबसे बड़ा बम गिराया है। जीबीयू-43 बम से आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आइएस) की गुफाओं और सुरंगों को निशाना बनाया गया। पहली बार इस गैर परमाणु बम का इस्तेमाल किया गया।
अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन ने 9,525 किलो वजन वाले जीबीयू-43 बम अचिन जिले में गिराए जाने की पुष्टि की है। अमेरिका ने यह कार्रवाई इसी क्षेत्र में आइएस के साथ लड़ाई में सेना के विशेष बल ग्रीन बेरेट के कमांडो के मारे जाने के कुछ ही दिनों बाद की है। सैन्य सूत्रों ने सीएनएन टीवी को बताया कि नुकसान के आकलन के लिए टीम भेजी गई है। जीपीएस निर्देशित बम अफगानिस्तान में पहले से ही रखा गया था।
एयरफोर्स स्पेशल ऑपरेशंस कमान द्वारा संचालित एमसी-130 विमान ने इसे गिराया। जीबीयू-43 का आधिकारिक नाम मैसिव आर्डिनेंस एयर ब्लास्ट (एमओएबी) बम है। इसे मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स (एमओएबी) भी कहा जाता है। बम का परीक्षण 2003 में किया गया लेकिन इसका इस्तेमाल पहली बार किया गया। 21,000 पौंड (9,525 किलो) वजन वाले इस बम की विशालता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले सप्ताह सीरिया में दागे गए हर टॉमहॉक क्रूज मिसाइल का वजन 1,000 पौंड था।
