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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 13, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सबसे बड़े गैर-परमाणु बम जीबीयू-43 के बारे में यह सब जानते हैं आप?

By Digpal SinghEdited By:
Published: Thu, 13 Apr 2017 11:53 PM (IST)Updated: Fri, 14 Apr 2017 05:55 AM (IST)

नीचे पढ़ें आखिर जीबीयू-43 क्या है और यह कितना खतरनाक बम है...

सबसे बड़े गैर-परमाणु बम जीबीयू-43 के बारे में यह सब जानते हैं आप?
सबसे बड़े गैर-परमाणु बम जीबीयू-43 के बारे में यह सब जानते हैं आप?

नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन आईएसआईएस के खिलाफ अमेरिका ने अब तक के सबसे बड़े हथियार का इस्तेमाल किया है। अमेरिका ने अफगानिस्तान में पाकिस्तान बॉर्डर के पास गुफाओं में छिपे आईएसआईएस आतंकियों के खिलाफ गुरुवार को सबसे बड़े गैर-परमाणु बम जीबीयू-43 का इस्तेमाल किया। नीचे पढ़ें आखिर जीबीयू-43 क्या है और यह कितना खतरनाक है...

  • जीबीयू-43/बी मैसिव ऑर्डिनेंस एयर ब्लास्ट (एमओएबी) 21600 पाउंड यानि 9797 किलो का जीपीएस आधारित बम है।
  • अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के अनुसार 'मदर ऑफ ऑल बॉम्स' सबसे बड़ा गैर-परमाणु बम है।
  • इस बम को किसी भी लड़ाई में पहली बार इस्तेमाल किया गया है। इसे लॉकहीड एमसी-130 एयरक्राफ्ट से गिराया गया।
  • इस बम को अमेरिकी सेना के लिए अल्बर्ट वीमोर्ट ने विकसित किया था। इस बम का पहला टेस्ट साल 2003 में किया गया था।
  • टेस्ट के बाद साल 2003 में इराक युद्ध के दौरान ही इस बम को बनाया गया था, लेकिन इससे पहले कभी इसका इस्तेमाल नहीं किया गया।
  • वायुसेना के अनुसार पिछली बार जब साल 2003 में एमओएबी का टेस्ट किया गया था, उस समय 20 मील यानि करीब 32 किमी दूर से भी एक बड़े मशरूम के आकार का धुंआ उठते हुए देखा गया था।
  • इसके कुछ ही समय बाद रूस ने 'फादर ऑफ ऑल बम्स' विकसित किया, बताया जाता है कि रूस का बनाया गया बम अमेरिका के एमओएबी से भी चार गुणा ज्यादा शक्तिशाली है।
  • जीबी-43 का इस्तेमाल अफगानिस्तान के नंगरहार प्रोविंस में अचिन जिले की गुफाओं में छिपे बैठे आईएसआईएस के आतंकवादियों के खिलाफ किया गया है। बता दें कि जहां बम गिराया गया है वह जगह पाकिस्तान बॉर्डर के बिल्कुल करीब है।

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