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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 25, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

15 साल बाद गीता की घर वापसी आज, सभी औपचारिकताएं पूरी

By Test1 Test1Edited By:
Published: Sun, 25 Oct 2015 12:38 PM (IST)Updated: Mon, 26 Oct 2015 02:18 AM (IST)

पाकिस्तान में रह रही मूक-बधिर भारतीय युवती गीता सोमवार को अपने घर लौटेगी। पाकिस्तानी उच्चायोग ने बताया कि वह सुबह ...और पढ़ें

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कराची। पाकिस्तान में रह रही मूक-बधिर भारतीय युवती गीता सोमवार को अपने घर लौटेगी। पाकिस्तानी उच्चायोग ने बताया कि वह सुबह 10 बजकर 20 मिनट पर नई दिल्ली इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पहुंच जाएगी। दोनों देशों की सरकारों ने उसकी स्वदेश वापसी को लेकर सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। गीता गलती से सीमा पार करने के बाद करीब एक दशक से पाकिस्तान में रह रही है।

गीता का होगा डीएनए टेस्ट
23 साल की गीता कराची में ईदी फाउंडेशन के आश्रय स्थल में रहती है। फाउंडेशन के फहद ईदी ने बताया कि गीता सोमवार सुबह पाकिस्तान एयरलाइंस के विमान से नई दिल्ली के लिए रवाना होगी। उसके साथ वह खुद, उनके पिता फैजल ईदी, मां तथा दादी बिलकीस ईदी भी जाएंगे। डीएनए जांच से गीता के माता-पिता की पुष्टि होने तक वे भारत में रहेंगे। जांच में पुष्टि होने पर ही उसे परिवार वालों को सौंपा जाएगा। उन्होंने बताया कि डीएनए जांच निगेटिव होने पर भारतीय अधिकारियों ने गीता को सुरक्षित जगह पर रखने का आश्वासन दिया है। गीता के साथ भारत आने वाले सभी लोगों को सरकारी अतिथि का दर्जा दिया जाएगा।

गीता ने फोटो से पहचाना परिवार को
भारतीय उच्चायोग द्वारा भेजे गए फोटो से गीता ने अपने परिवार वालों की पहचान की थी। इसके मुताबिक उसका परिवार बिहार के सहरसा जिले के धाप कबीरा गांव का रहने वाला है। बताया जाता है कि गीता जब 11--12 साल की थी, तब पाकिस्तानी रेंजर्स को वह लाहौर रेलवे स्टेशन पर समझौता एक्सप्रेस में अकेली बैठी हुई मिली थी। पुलिस उसे लाहौर के चैरिटेबल ईदी फाउंडेशन में ले गई। बाद में उसे कराची में एक आश्रय स्थल में रखा गया। इसी साल अगस्त में भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने गीता को वापस ले जाने की घोषणा की थी।
अपनी हीरा से मिलने को बेकरार परिजन
नई दिल्ली। परिजन लंबे अरसे बाद अपनी हीरा (गीता का असली नाम) से मिलने को बेकरार हैं। बिहार के सहरसा से उसके माता-पिता और भाई कुछ दिन पहले ही दिल्ली आ चुके हैं। बताया जा रहा है कि विदेश मंत्रालय के अधिकारी जवाहर भवन में गीता से परिजन की मुलाकात करवा सकते हैं। गीता कहां रहेगी इस संबंध में परिवार को कोई जानकारी नहीं दी गई है। गीता के पिता जनार्दन महतो और मां शांति देवी बिहार भवन में ठहरे हुए हैं। उनके साथ गीता का 11 वर्षीय बेटा संतोष भी है।

गीता मेरी बेटी है, अब उसे अपने पास रखूंगा

इंधी फाउंडेशन का कहना है कि गीता हमारे परिवार के सदस्य की तरह है पर अब उसे अपना परिवार मिल गया है तो उसे अपने असली परिवार के पास लौट जाना चाहिए।

डीएनए टेस्ट के लिए दिल्ली रवाना हुए गीता के पिता

वहीं पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित गीता के स्वागत के लिए आईजीआई एयरपोर्ट पर मौजूद रहेंगे।इसी साल अगस्त में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने गीता को भारत लाने की घोषणा की थी। उन्होंने पाकिस्तान में उच्चायुक्त टीसीए राघवन को गीता से मिलने और उसके परिवार का पता लगाने को कहा था।