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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 21, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'उ. कोरिया की जिद के चलते युद्ध हुआ तो चीन-यूरोप नहीं रहेंगे बेअसर'

By Digpal SinghEdited By:
Published: Fri, 21 Apr 2017 11:22 AM (IST)Updated: Fri, 21 Apr 2017 12:10 PM (IST)

यह पूरा डर उत्तर कोरिया की जिद की वजह से पैदा हुआ है। ज्ञात हो कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ा रहा है।

'उ. कोरिया की जिद के चलते युद्ध हुआ तो चीन-यूरोप नहीं रहेंगे बेअसर'
'उ. कोरिया की जिद के चलते युद्ध हुआ तो चीन-यूरोप नहीं रहेंगे बेअसर'

नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। यूरोपीय संघ की फारेन पॉलिसी प्रमुख पेडेरिका मोघेर्नी ने हाल में चीन का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि कोरियाई प्रायद्वीप में किसी तरह की जंग को टालने की जिम्मेदारी संयुक्त रूप से चीन और यूरोप की है।

अपने तीन दिवसीय चीन दौरे के आखिरी दिन गुरुवार को उन्होंने सिंघुआ विश्वविद्यालय से दुनिया को चेताया कि उत्तरी कोरिया के संकट का असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। 

मोघेर्नी ने बताया कि उनकी 12 साल की लड़की भी समझती है कि कोरियाई प्रायद्वीप में किसी तरह की सैन्य कार्यवाही का बुरा असर पड़ेगा। उन्होंने कहा, अगर यूरोप की 12 साल की लड़की इसकी भीषणता को समझती है जो कि यहां से काफी दूर है दो यह सहज है कि चीन और यूरोप दोनों पर इसका फर्क पड़ेगा।

दरअसल यह पूरा डर उत्तर कोरिया की जिद की वजह से पैदा हुआ है। ज्ञात हो कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। वह जल्द से जल्द ऐसी स्थिति में पहुंचना चाहता है जिससे वह अमेरिका पर भी हमला कर सके। किम जोंग उन की यही जिद कोरियाई प्रायद्वीप के लिए संकट का कारण बन गई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से कहा है कि वह उत्तर कोरिया को समझाए और दबाव डाले कि वह अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को रद कर दे।

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