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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 25, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बालटाल में अमरनाथ यात्रा बेस कैंप के पास बादल फटा, दो मरे

By Kamal VermaEdited By:
Published: Sat, 25 Jul 2015 08:16 AM (IST)Updated: Sat, 25 Jul 2015 02:51 PM (IST)

श्री अमरनाथ की पवित्र गुफा के प्रमुख आधार शीविर बाल्‍टाल के पहाड और जो‍जिला टाप पर बीती रात बादल फटने ...और पढ़ें

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श्रीनगर। श्री अमरनाथ की पवित्र गुफा के प्रमुख आधार शीविर बाल्टाल के पहाड और जोजिला टाप पर बीती रात बादल फटने के बाद आधार शीविर में आई बाड व हुए भूस्खलन में अब तक दो नाबालिगों की मौत और 9 अन्य घायलल हो गए। सात लोगों के लापता होने की सूचना है( सेना और पुलिस के जवानों ने पूरे इलाके में राहत अभियान चला रखा है।

भूस्खलन में फंसे 780 श्रदालुओं केा आधार शीविर के आस पास स्थित टेंटों से सैन्यशीविर में और 1500 श्रदालुओं केा भंडारों में ठहराया गया है। एक दर्जन से ज्यादा दुकानें और दो भंडारा भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। एक दर्जन से ज्यादा टेंट तबाह हुए हैं। सेना की 15वीं कोर के कमांडर लेफटीनेंट जनरल सुब्रत साहा सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ खुद सुबह मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां जारी राहत अभियान का जायजा लिया। इस बीच, श्रीनगर लेह राष्ट्रीय राजमार्ग भी वाहनों के आवागमन के लिए बंद कर दिया गया है।

संबधित अधिकारियों ने बताया कि बादल फटने के बाद बाल्टाल गेट से लेकर रंगामोढ तक तीन जगह भूस्खलन हुआ है। भूस्खलन वाली जगह कई स्थानीय श्रमिक और कुछ यात्री फंसे हुए हैं। भूस्खलन वाली जगह से मलबा हटाने का काम जोरों पर जारी है। अब तक दो नाबालिगों 13 वर्षीय पूजा पुत्री प्रकाश निवासी राजस्थान और 12 वर्षीय विक्रम पुत्र कैलाश निवासी राजस्थान के श्ाव मिले हैं। इनके अलावा नौ लोग घायल हुए हैं। उन्हें उपचार के लिए श्रीनगर के अस्पताल में लाया गया है।

भूस्खलन के बाद लापता बताए जा रहे सात लोगों में मैसर अहमद पुत्र याकूब अहमद निवासी शोपियां, अनिल साहू निवासी इंदोर, असहाक शाहिद मीर निवासी कंगन, रियाज अहमद लोन निवासी कगन, मुश्ताक अहमद निवासी रियासी,रमादेवी पत्नी कैलाश निवासी राजस्थानश् और फैयाज अहमद निवासी रियासी शामिल हैं।

इस बीच कश्मीर घाटी में शनिवार की सुबह तड़के 2.29 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिएक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.3 मापी गई है। श्रीनगर स्थित मौसम विभाग के निदेशक सोनम लोटस ने बताया कि इसका केंद्र पाकिस्ताान में था। अलबत्ताी, इसमें किसी प्रकार का जान माल का कोई नुकसान नहीं हुआ है

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