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मुजफ्फरनगर में हालात बेकाबू, सेना तैनात

Publish Date:Sun, 08 Sep 2013 04:53 AM (IST) | Updated Date:Sun, 08 Sep 2013 04:56 AM (IST)
मुजफ्फरनगर में हालात बेकाबू, सेना तैनात
बीते सात दिनों से हो रही छिटपुट हिंसक घटनाओं व बने तनाव के माहौल ने शनिवार को सांप्रदायिक टकराव का रूप ले लिया। हिंसा की लपटों में पड़ोसी जिले मेरठ के हस्तिनापुर और रामराज कस्बे भी

जागरण न्यूज नेटवर्क, मुजफ्फरनगर। बीते सात दिनों से हो रही छिटपुट हिंसक घटनाओं व बने तनाव के माहौल ने शनिवार को सांप्रदायिक टकराव का रूप ले लिया। हिंसा की लपटों में पड़ोसी जिले मेरठ के हस्तिनापुर और रामराज कस्बे भी झुलस गए। जिले में अलग-अलग स्थानों पर दो संप्रदायों के बीच हुई मारपीट, चाकूबाजी और फायरिंग में देर रात तक दस लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में एक टीवी चैनल का पत्रकार भी शामिल है। विभिन्न स्थानों पर तीन दर्जन लोगों के घायल होने की खबर है। हालात बेकाबू देख मुजफ्फरनगर में क‌र्फ्यू लगा दिया गया और देर रात सेना तैनात कर दी गई। पूरे प्रदेश को अलर्ट कर दिया गया है।

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गत 27 अगस्त को कवाल गांव में युवती से छेड़छाड़ को लेकर हुई हिंसा में उसके दो भाइयों की मौत हो गई थी। पुलिस द्वारा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई न किए जाने से क्षुब्ध इलाके के लोगों ने प्रशासन को चेतावनी देने के बाद शनिवार को नंगला मंदौड़ में महापंचायत आयोजित की थी। पंचायत में जा रहे लोगों पर बसी गांव में संप्रदाय विशेष के लोगों ने पथराव और फायरिंग कर दी। हमले में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए।

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जैसे ही घायल लोग महापंचायत स्थल पर पहुंचे तो भीड़ में आक्रोश फैल गया। पंचायत स्थल से थोड़ी दूरी पर मिले एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इसकी सूचना शहर में पहुंची तो शहर के मीनाक्षी चौक, अबुपुरा, किदवईनगर, कृष्णापुरी, खादरवाला, शेरनगर समेत कई स्थानों पर दोनों समुदाय के लोगों में आमने-सामने आ गए और घंटों पथराव और फायरिंग हुई। अबुपुरा में कवरेज करने पहुंचे टीवी चैनल के पत्रकार राजेश वर्मा की गोली लगने से मौत हो गई। इसी दौरान पुलिस द्वारा नियुक्त फोटोग्राफर इसरार को भी मार डाला गया। जौली गंगनहर व मीरापुर के मुझेड़ा के पास भी जमकर फायरिंग और पथराव हुआ।

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यहां पर चार लोगों की मौत हो गई। जनपद के हालत बिगड़ते देख पुलिस प्रशासन ने शाम पांच बजे शहर में क‌र्फ्यू घोषित कर दिया और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया। लेकिन इससे हालात नियंत्रित नहीं हुए। देर रात तक कई इलाकों में हिंसा जारी होने की खबर है। प्रदेश के आइजी कानून व्यवस्था आरके विश्वकर्मा ने बताया है कि हालात पर काबू पाने का प्रयास जारी है। हिंसा में दस लोग मारे गए हैं। मुजफ्फरनगर शहर के तीन थाना क्षेत्रों में क‌र्फ्यू घोषित कर दिया गया है।

पत्रकार के परिजनों को 15 लाख

लखनऊ। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पुलिस तैनाती के बावजूद मुजफ्फरनगर में हिंसा होने पर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने हिंसा को शीघ्र काबू करने के लिए उपद्रवियों से सख्ती से निपटने और भाईचारा कायम करने के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने हिंसा में मारे गए टीवी पत्रकार राजेश वर्मा के परिजनों को 15 लाख रुपये की आर्थिक मदद का एलान किया है, जबकि बाकी मृतकों के परिजनों को दस-दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। सरकार ने 27 अगस्त की हिंसा में मारे गए तीनों युवकों के परिजनों को भी आर्थिक सहायता देने का एलान किया है।

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Web Title:ten killed in communal riots in Muzaffarnagar, curfew clamped, army deployed(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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