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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 23, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एक दिन रामदेव भी मोदी को योग गुरू के रूप में करेंगे स्वीकार- शिवसेना

By kishor joshiEdited By:
Published: Thu, 23 Jun 2016 11:27 AM (IST)Updated: Thu, 23 Jun 2016 11:37 AM (IST)

शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए 'नरेंद्रासन' शीर्षक से एक लेख लिखा है, जिसमें तंज भरे लहजे में योग के लिए पीएम की तारीफ की गई है।

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नई दिल्ली (जेएनएन)। केंद्र और महाराष्ट्र सरकार में भाजपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने योग दिवस की सफलता को लेकर जहां एक ओर पीएम मोदी की सराहना की है वहीं पाकिस्तान को लेकर पीएम मोदी की नीति पर भी सवाल उठाते हुए कहा है कि पाकिस्तानियों के लिए हमेशा का 'शवासन' ही योग्य है।

अपने मुखपत्र 'सामना' में नरेंद्रासन' शीर्षक के साथ लिखे गए संपादकीय में शिवसेना ने लिखा है, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महिमा की कितना वर्णन करें? हिंदुस्तान के 'योग' को वह दुनियाभर में ले गए और लोकप्रिय किया। योगाभ्यास में मोदी को इतनी योग्यता हासिल हुई है कि एक दिन रामदेव बाबा भी मोदी को योग गुरू के रूप में स्वीकार करेंगे। मोदी की कोशिश के कारण ही 21 जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में 130 देशों में मनाया जा रहा है।'

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लेख में आगे लिखा गया है कि बिहार और यूपी के मुख्यमंत्रियों द्वारा योग दिवस का विरोध करना समझा जा सकता है लेकिन इसे 'नौटंकी' कहना ठीक नहीं है। मोदी का विरोध हो सकता है लेकिन योग दिन का विरोध नहीं किया जा सकता क्योंकि यह भारत की संस्कृति है।

हालांकि इसके बाद अगली पंक्तियों में लिखा गया है, 'क्या योग के कारण दैनिक जीवन की महंगाई से भ्रष्टाचार तक की वेदना को भुलाया जा सकता है? इस पर भी रोशनी डाली गई तो उचित होगा।' संपादकीय के अंतिम पैराग्राफ में लिखा गया है, "पाकिस्तान को लिटाने का 'योग' सिर्फ शस्त्र बल से हो सकता है। हमेशा का 'शवासन' यही योग पाकिस्तानियों के लिए योग्य है।"

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वहीं शिवसेना ने आज कहा है कि हम योग दिवस का समर्थन करते हैं, लेकिन मोदी जी के महंगाई कम करने के आसन का इंतजार है। आरएसएस द्वारा इफ्तार पार्टी दिए जाने पर शिवसेना ने कहा है कि यह भाजपा-आरएसएस का एक विशुद्ध पाखंड है। पहले वो इफ्तार पार्टियों के आयोजन के लिए कांग्रेस की आलोचना करते थे।