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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 18, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बीएमसी चुनाव 2017: बदल सकता है भाजपा-शिवसेना का संबंध

By Monika minalEdited By:
Published: Sat, 18 Jun 2016 10:55 AM (IST)Updated: Sat, 18 Jun 2016 10:57 AM (IST)

ऐसे समीकरण सामने आ रहे हैं जिससे मुंबई में 2017 के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा-शिवसेना गठबंधन बदलने की संभावनाएं दिख रही हैं।

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मुंबई। महाराष्ट्र में 2017 के मुंबई स्थानीय निकाय (बीएमसी) चुनावों से नये राजनैतिक परिदृश्यों का सूत्रपात होगा। मुंबई, ठाणे, पुणे और नासिक समेत दस निकायों में होने वाले चुनावों से भाजपा-शिवसेना के रास्ते बदल सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, आगामी 2019 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए दोनों दल एक दूसरे को काटने के मूड में हैं। मुंबई भाजपा कार्यकारिणी ने कहा कि उसकी पार्टी बीएमसी में नये सहयोगियों को तलाश सकती है। ऐसा ही शिवसेना के साथ भी है।

पर्यवेक्षकों ने कहा भाजपा पर शिवसेना लगातार हमला किए जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ मातोश्री के गठबंधन को सामना के भाजपा विरोधी क्रियाकलापों से अपूरणीय क्षति हुई है।

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पार्टी कार्यकारिणी ने कहा, ‘1990 में वाजपेयी और शिवसेना के बीच का पुल प्रमोद महाजन थे आज भाजपा में शिवसेना का कोई ऐसा मित्र नहीं।‘ शिवसेना के अनुसार, भाजपा ने बीएमसी चुनावों को प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष संजय निरुपम ने कहा, ‘शिवसेना दोनों ओर अच्छी दुनिया की चाहत रखती है। यह पावर चाहती है, न कि जिम्मेदारियां। जनता अब मूर्ख नहीं बनने वाल वे सेना का गेम देख सकते हैं।‘

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