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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 29, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दंगे कराने की भी सुपारी ले रहे साइबर अपराधी

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Published: Fri, 29 Nov 2013 11:40 AM (IST)Updated: Sat, 30 Nov 2013 12:50 AM (IST)

सोशल नेटवर्किग वेबसाइट्स तेजी से हमारे जीवन में जगह बना रही हैं। वहीं इनके सहारे एक नए किस्म का अंडरव‌र्ल्ड ...और पढ़ें

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नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। सोशल नेटवर्किग वेबसाइट्स तेजी से हमारे जीवन में जगह बना रही हैं। वहीं इनके सहारे एक नए किस्म का अंडरव‌र्ल्ड भी तेजी से खड़ा हो रहा है। कई आइटी कंपनियां दूसरों को बदनाम करने से लेकर दंगे फैलाने तक की सुपारी ले रही हैं।

ये दावा करती हैं कि सुरक्षा एजेंसियों के लिए इनको पकड़ना मुमकिन नहीं, क्योंकि ये विदेशी आइपी एड्रेस और हैक किए हुए कंप्यूटर का इस्तेमाल करती हैं। इनमें से कई ने दावा किया कि वे मौजूदा राजनीतिक लड़ाई में भी बड़ी भूमिका निभा रही हैं। ऐसी कंपनियों के दावों को मानें तो भाजपा सोशल मीडिया प्रचार में सबसे आगे चल रही है।

'कोबरापोस्ट' वेबसाइट ने स्टिंग ऑपरेशन 'ब्लू वायरस' कर दिल्ली, मुंबई और बेंगलूर सहित देश के विभिन्न हिस्सों में चल रही ऐसी आइटी कंपनियों के गोरखधंधे का पर्दाफाश किया है। छुपे कैमरे पर इन कंपनियों के लोगों ने दावा किया कि वे फेसबुक और ट्विटर पर आसानी से किसी की भी छवि बना या बिगाड़ सकते हैं। यहां तक कि पैसे के बदले इन्होंने रिपोर्टर की बताई एक छद्म एविएशन कंपनी के खिलाफ दुष्प्रचार शुरू भी कर दिया।

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इन कंपनियों का कहना था कि ये ऐसे काम अमेरिका और कोरिया जैसे दूसरे देशों के आइपी एड्रेस से करते हैं। इस काम के लिए खास तौर से कंप्यूटर असेंबल किया जाता है और काम होने के बाद उनके पुर्जे अलग-अलग कर दिए जाते हैं। इससे सुरक्षा एजेंसियों के लिए उन्हें पकड़ना नामुमकिन होता है। कुछ तो इस काम के लिए हैक किए कंप्यूटर इस्तेमाल करते हैं। प्रॉक्सी कोड के जरिए ये अपनी लोकेशन भी आसानी से बदल लेते हैं।

ये कंपनियां किसी विपक्षी पार्टी या किसी भी व्यक्ति के खिलाफ चरित्रहनन का अभियान चलाने को तैयार दिखीं। इनमें से कुछ ने दावा किया कि देश के एक बड़े नेता के लिए चल रहे साइबर अभियान में मुख्य कंपनी ने इन्हें भी काम पर लगाया हुआ है। इसके तहत ये उनकी विरोधी पार्टियों के नेताओं के खिलाफ ऑनलाइन दुनिया में जमकर प्रचार कर रहे हैं। हालांकि, इनके साथ संबंध को लेकर किए गए उनके दावों की पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन ये कंपनियां ऐसे काम में माहिर दिखाई दीं। इस काम के लिए ये बड़ी तादाद में फर्जी प्रोफाइल बना लेते हैं। ये कंपनियां भड़काऊ वीडियो या प्रचार सामग्री डालने और उसे लोगों के बीच लोकप्रिय बनाने का पैकेज भी तैयार करती हैं। ऑपरेशन 'ब्लू वायरस' की जद में आई कंपनियों का दावा है कि भाजपा सोशल मीडिया प्रचार में सबसे आगे चल रही है। कोबरापोस्ट का सवाल है कि क्या ये साइबर अपराधी भाजपा के पीएम प्रत्याशी नरेंद्र मोदी के लिए काम कर रहे हैं। जब कोबरापोस्ट से पूछा गया, 'स्टिंग ऑपरेशन में सिर्फ नरेंद्र मोदी का नाम ही क्यों लिया गया, किसी अन्य नेता का क्यों नहीं तो वेबसाइट ने कहा कि किए गए सभी स्टिंग ऑपरेशन में उनका नाम 5-6 बार आया।

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'मैंने हाल में खुफिया ब्यूरो की बैठक में इस मुद्दे को उठाया था। मेरी चिंता सच साबित हो गई।'

-सुशील कुमार शिंदे, गृह मंत्री

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'यह कांग्रेस का डर्टी गेम है। कांग्रेस इन दिनों घबराहट में यह सब करा रही है। नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता आमजन के बीच है, यह रैलियों में भी दिख रहा है।'

-प्रकाश जावड़ेकर, भाजपा प्रवक्ता

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