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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 19, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मोदी को राजन जैसे अधिकारी नहीं चाहिएः राहुल गांधी

By anand rajEdited By:
Published: Sun, 19 Jun 2016 12:38 AM (GMT+05:30)Updated: Sun, 19 Jun 2016 05:29 AM (GMT+05:30)

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने रघुराम राजन के दूसरा कार्यकाल नहीं संभावले वाले बयान पर पीएम मोदी पर निशाना साधा है।

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नई दिल्ली। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी को रघुराम राजन जैसे विशेषज्ञ अधिकारियों की जरूरत नहीं। राजन द्वारा रिजर्व बैंक के गवर्नर पद का कार्यभार दोबारा न लेने के निर्णय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राहुल ने ट्वीट किया कि प्रधानमंत्री सब कुछ भलीभांति जानते हैं फिर भी स्थितियां असहज हो रही हैं। एक अन्य ट्वीट में कहा, कठिन समय में राजन ने देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

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निर्णय निराशा भराः चिदंबरम
पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा,रघुराम राजन का निर्णय बेहद कष्टदायी व घोर निराशा भरा है, हालांकि मुझे इस पर आश्चर्य नहीं हुआ। मैंने कुछ समय पहले कहा था कि हम आर्थिक मोर्चे पर पिछड़े हुए हैं पर फिर भी इस सरकार को राजन की जरूरत नहीं। सरकार ने ओछे हथकंडे अपनाते हुए यह स्थिति पैदा की है।
सरकार ने राजन का "शिकार" किया
कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि सरकार ने रिजर्व बैंक के गवर्नर राजन का "शिकार" किया है। उसमें इतनी हिम्मत नहीं थी कि राजन को पद छोड़ने के लिए कह सके। राजन ने अपने कार्यकाल में उल्लेखनीय कार्य किया।
टिप्पणी नहीं: भाजपा
भाजपा प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हाराव ने नए घटनाक्रम पर टिप्पणी करने से इनकार किया है। उन्होंने कहा, भाजपा आमतौर पर किसी स्वतंत्र नियामक अथवा संवैधानिक स्थिति पर राजनीतिक टिप्पणी नहीं करती।
अर्थव्यवस्था के अच्छे जानकार
कांग्रेस प्रवक्ता संदीप दीक्षित ने कहा कि अर्थव्यवस्था के एक अच्छे जानकार को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। यह दुखद स्थिति है।

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देश, सरकार के लिए दुर्भाग्यपूर्ण
नोबल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने कहा है कि भारत विश्र्व स्तरीय दक्ष आर्थिक चिंतक को खोने जा रहा है। उनका निर्णय उदास करने वाला है। यह देश और सरकार के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। एक निजी टीवी चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा, रिजर्व बैंक पूर्ण रूप से स्वायत्तशासी संस्था नहीं है। यह सत्य है कि सत्ताधारी पार्टी के कुछ लोग उनका कद छोटा करने में लगे रहे, यह उचित नहीं।

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