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    जानिए भारत में अब तक आए चक्रवाती तूफानों के बारे में

    By Rajesh NiranjanEdited By:
    Updated: Mon, 27 Oct 2014 02:38 PM (IST)

    कुछ दिन पहले ही 'हुदहुद' का सामना कर चुके भारत पर एक और ऊष्णकटिबंधीय चक्रवाती तूफान 'नीलोफर' का खतरा मंडराने लगा है। भारत में राज्यवार अब तक आए चक्रवा ...और पढ़ें

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    नई दिल्ली। कुछ दिन पहले ही 'हुदहुद' का सामना कर चुके भारत पर एक और ऊष्णकटिबंधीय चक्रवाती तूफान 'नीलोफर' का खतरा मंडराने लगा है। भारत में राज्य वार अब तक आए चक्रवाती तूफान इस प्रकार हैं:-

    आंध्रप्रदेश

    1997 आंध्रपदेश चक्रवात [जेटीडब्ल्यूसी/06बी]: 19 नवंबर 1997 में आए इस विनाशकारी तूफान ने आंधप्रदेश और उसके पड़ोसी राज्यों में भारी तबाही मचाई थी। यह भारत में आए सबसे विनाशकारी तूफानों में से एक था। इस तूफान से 14, 204 लोगों के मारे जाने पुष्टि हुई थी। जबकि अपुष्ट सूत्रों के अनुसार इस तूफान में 50 हजार लोग मारे गए थे। इस तूफान में लगभग 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर का नुकसान हुआ था।

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    बीओबी01/जेटीडब्ल्यूसी/02बी: मई 1990 में आए इस तूफान में 967 से अधिक लोग मारे गए थे। इसके विनाशकारी प्रभाव की चपेट में आकर एक लाख से अधिक जानवरों भी मौत के मुंह में समा गए थे। इससे करोड़ों रुपये की फसलों का नुकसान हुआ।

    बीओबी05 [18 मई से 17 दिसंबर 1988 तक]: 20 मई को आए 01बी तूफान में कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई और पूर्वी बांग्लादेश में कम से कम 4 हजार मछुआरे लापता हो गए। मध्य अक्टूबर में चक्रवाती तूफान से आंधप्रदेश में आई बाढ़ की वजह से 122 लोग मारे गए। नवंबर में आए ऊष्णकटिबंधीय चक्रवात 06बी से पूर्वी भारत में छह लोगों की मौत हो गई और करोड़ों की संपत्ति का नुकसान हुआ। बांग्लादेश में इससे 40 लोगों की मौत हो गई और 100 मछुआरे लापता हो गए।

    03बी [10 मई से 16 दिसंबर 2003 तक]: इसके प्रभाव से गर्मियों में हुई भारी वर्षा और बाढ़ से भारत और पाकिस्तान में 285 लोग मारे गए। अक्टूबर की शुरुआत में एक बार फिर से इसका प्रभाव देखा गया और इस बार आंध्रप्रदेश में 21 लोग मारे गए। वर्ष के अंत में एक बार फिर से इस चक्रवाती तूफान का दक्षिण भारत पर प्रभाव देखा गया। इसमें 81 लोगों की मौत हो गई और करोड़ों की संपत्ति का नुकसान हुआ।

    येमयिन [21 से 26 जून 2007 तक]: इसका असर तीन देशों में देखा गया। पाकिस्तान में 730, भारत में 140 और अफगानिस्तान में 113 लोग मारे गए। करीब 2.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर संपत्ति का भारत और पाकिस्तान में नुकसान हुआ।

    इनके अलावा तूफान..

    नाम -- केंद्रीय दबाव [मिलिबार में] -- वर्ष

    आंध्रप्रदेश

    खाई - मुक -- 996 -- 2008

    लैला -- 986 -- 2010

    नीलम -- 992 -- 2012

    हेलन -- 990 -- 2013

    लहर -- 980 -- 2013

    हुदहुद -- 940 -- 2014

    गुजरात

    एआरबी01 -- 976 -- 1996

    एआरबी02 -- 958 -- 1998

    एआरबी05 -- 996 -- 1998

    एआरबी01 -- 932 -- 2001

    ओनिल -- 990 -- 2004

    येमयिन -- 986 -- 2007

    कर्नाटक

    बीओबी06 -- 994 -- 1992

    बीओबी03 -- 968 -- 1993

    केरल

    बीओबी06 -- 994 -- 1992

    बीओबी05 -- 968 -- 1993

    बीओबी06 -- 970 -- 2000

    फनूस -- 999 -- 2005

    महाराष्ट्र

    एआरबी02 -- 994 -- 1994

    फ्यान -- 988 -- 2009

    जल -- 988 -- 2010

    उड़ीसा

    बीओबी05 -- 968 -- 1999

    बीओबी06 -- 912 -- 1999

    फैलिन -- 940 -- 2013

    हुदहुद -- 960 -- 2014

    तमिलनाडु

    बीओबी09 -- 998 -- 1991

    बीओबी06 -- 994 -- 1992

    बीओबी03 -- 968 -- 1993

    08बी -- 986 -- 1996

    बीओबी05 -- 958 -- 2000

    फनूस -- 998 -- 2005

    निशा -- 996 -- 2008

    जल -- 988 -- 2010

    थेन -- 972 -- 2011

    नीलम -- 992 -- 2013

    माडी -- 986 -- 2013

    पढ़े: गुजरात में नीलोफर का खतरा

    हुदहुद के असर से जन-जीवन अस्त-व्यस्त