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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 26, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करेगी माकपा

By Sumit KumarEdited By:
Published: Sun, 26 Apr 2015 09:23 AM (IST)Updated: Sun, 26 Apr 2015 09:34 AM (IST)

माकपा ने कांग्रेस के साथ गठबंधन की संभावना को खारिज कर दिया है। पार्टी ने शनिवार को यह स्पष्ट करते ...और पढ़ें

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तिरुअनंतपुरम। माकपा ने कांग्रेस के साथ गठबंधन की संभावना को खारिज कर दिया है। पार्टी ने शनिवार को यह स्पष्ट करते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण, जीएसटी और किसानों की समस्या जैसे मामलों पर संसद में भाजपा नीत राजग सरकार को मजबूर करने के लिए वह कांग्रेस के साथ मुद्दों पर आधारित तालमेल करेगी।

माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने यहां प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में कहा, ‘कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं हो सकता क्योंकि यह वही पार्टी है जिसने देश में नव उदारवादी आर्थिक नीतियां शुरू कीं। इसी नीति का भाजपा सरकार जोर शोर से अनुसरण कर रही है।’ उन्होंने कहा कि कुछ मुद्दों पर कांग्रेस के विरोध को समझना अभी जल्दबाजी होगी। हालांकि भूमि अधिग्रहण और नेट न्यूट्रलिटी के मामले में रुख सकारात्मक है।

येचुरी ने कहा कि कांग्रेस ने भूमि मुद्दे पर एक रुख अपनाया है लेकिन हमें यह देखने के लिए इंतजार करना होगा कि वह अपने फैसले पर टिकी रहती है या नहीं। इस बारे में उन्होंने कहा कि सरकार बीमा और कोयला के क्षेत्र में कांग्रेस के समर्थन के बिना प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआइ) पर आगे नहीं बढ़ सकती।

राजग सरकार की आलोचना करते हुए येचुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवकों को आकृष्ट करने के लिए रोचक योजनाओं के साथ आए थे लेकिन कोई पूरी नहीं हुईं। उन्होंने समाजवादियों के एक होने और उनकी पार्टियों के विलय का स्वागत करते हुए इसे सकारात्मक बताया।

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