विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 08, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कांग्रेस सड़क पर उतर कर किसानों की लड़ाई लड़े: रमेश

By Sachin BajpaiEdited By:
Published: Wed, 08 Apr 2015 06:00 PM (IST)Updated: Wed, 08 Apr 2015 06:27 PM (IST)

वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा है कि पार्टी को सड़क पर आंदोलन की राजनीति फिर शुरू कर खुद ...और पढ़ें

News Article Hero Image

हैदराबाद । वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा है कि पार्टी को सड़क पर आंदोलन की राजनीति फिर शुरू कर खुद को पुनजीर्वित करना चाहिए। लोकसभा चुनाव में हार पार्टी की पुनर्सरचना और नई पी़ढ़ी से जुड़ने का अवसर है। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी ही पार्टी अध्यक्ष बनेंगे, लेकिन कब बनेंगे, यह वक्त बताएगा।

पूर्व केन्द्रीय मंत्री रमेश ने कहा कि राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष अपनी मां के उत्तराधिकारी होंगे, इसमें कोई अनिश्चितता नहीं है, यह वक्त की बात है। कांग्रेस पुराना संगठन है, वह लंबे समय तक सत्ता में रही है, लेकिन अब उसे अपनी आंदोलनकारी राजनीति फिर शुरू करनी होगी। अब वह ऐसी स्थिति में है कि उसे सड़क व आंदोलनों की राजनीति कर खुद को पुन: खोजना होगा। उसे किसानों की राजनीति करनी होगी, पार्टी के लिए यह बड़ी चुनौती होगी।

सत्ता में रहते पुनर्सरचना संभव नहीं

संप्रग सरकार में ग्रामीण विकास और पर्यावरण मंत्री रहे रमेश ने कहा कि जब पार्टियां सत्ता में रहती हैं तो पुनर्सरचना बमुश्किल हो पाती है, जब वे सत्ता से बाहर होती हैं, तभी यह होता है। अब हमारे लिए अवसर है और भूमि अधिग्रहण विधेयक हमारे लिए संजीवनी है। चिकमंगलूर भी इसी तरह हमारे लिए संजीवनी साबित हुआ था, जब 1978 में इंदिरा गांधी लोकसभा उपचुनाव में फिर जीतकर आई थीं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के पार्टी अध्यक्ष बनने को लेकर कोई अनिश्चितता नहीं है, लेकिन किसी अन्य नेता को यह पद दिए जाने को लेकर अनिश्चितता है। जब कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ने का फैसला करेंगी तो एकमात्र उपाध्यक्ष राहुल ही होंगे, जो यह पद संभालेंगे, पार्टी में दो उपाध्यक्ष नहीं हैं। सवाल सिर्फ समय और उसके तौर--तरीकों का है।

राहुल मैराथन मैन

जयराम रमेश ने उन आशंकाओं को खारिज किया कि राहुल को राजनीति का लंबा अनुभव नहीं है। उनके अनुसार राहुल भारतीय राजनीति के मैराथन मैन हैं। वे लंबी पारी के लिए राजनीति में आए हैं, उनकी सोच सिर्फ सत्ता तक नहीं है। वे जो भी काम करते हैं, उसमें नया अंदाज लाते हैं।

पढ़ें : मोदी को तबाह किसानों की नहीं विदेश सैर की फिक्र

मोदी को दुर्योधन कहने पर रमेश से कांग्रेस खफा