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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 11, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बाबा साहेब अंबेडकर सही दृष्टिकोण वाले राष्ट्रवादी थे: आरएसएस

By Sanjay BhardwajEdited By:
Published: Sat, 11 Apr 2015 12:40 AM (IST)Updated: Sat, 11 Apr 2015 01:30 AM (IST)

बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की विरासत को हथियाने के लिए कांग्रेस और भाजपा के बीच होड़ मची है। ऐसे में ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की विरासत को हथियाने के लिए कांग्रेस और भाजपा के बीच होड़ मची है। ऐसे में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उन्हें एक राष्ट्रवादी नेता के रूप में पेश करना चाहता है। खासकर ऐसे नेता के रूप में जो राजनीतिक इस्लाम के खतरे के खिलाफ सतर्क था। इसके लिए उनकी 125वीं जयंती पर संघ अपने मुख पत्रों का उन पर संग्रहणीय संस्करण प्रकाशित करना चाहता है।

संघ अपने मुखपत्र ऑर्गेनाइजर और पांचजन्य का संग्रहणीय संस्करण निकालने जा रहा है। इसमें उन्होंने जो कुछ लिखा है व उनके अनुयायियों और आलोचकों ने जो कुछ उन पर लिखा है उनका संग्रहणीय संस्करण प्रकाशित होगा। इसका मकसद अंबेडकर को पूर्णतावादी नजरिये वाले नेता के रूप में पेश करना है।

ऑर्गेनाइजर के संपादक प्रफुल केतकर ने कहा कि अंबेडकर को केवल दलित आइकन या संविधान निर्माता बताकर छोटा कर दिया गया। हम एक नेता के रूप में जीवन के हर क्षेत्र में उनके योगदान को बताना चाहते हैं। हमें उन्हें एक संपूर्णतावादी नजरिये से देखना चाहिए। धर्म पर उनके विचार अत्यंत गहरे हैं। उन्होंने राजनीतिक इस्लाम के खतरे के बारे में भी अपनी किताब में विस्तार से लिखा है। उनके इन पहलुओं की अनदेखी की गई है।

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