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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 08, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

क्या पढ़ाई में नही लगता आपके बच्चे का मन?

By Babita kashyapEdited By:
Published: Fri, 08 Jul 2016 11:17 AM (IST)Updated: Fri, 08 Jul 2016 12:38 PM (IST)

वास्तु शास्त्र के अनुसार बच्चों का मन पढ़ाई में लगाने के लिये कुछ आसान टिप्स हैं जिनसे बच्चों का मन ...और पढ़ें

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बच्चे स्वभाव से ही चंचल होते हैं, उन्हें हर चीज में बस खेल ही नजर आता है। ऐसे में माता-पिता की परेशानी ये सोचकर बढ़ जाती है कि बच्चे का मन पढ़ाई में कैसे लगाये। वास्तु शास्त्र के अनुसार बच्चों का मन पढ़ाई में लगाने के लिये कुछ आसान टिप्स हैं जिनसे बच्चों का मन तो पढ़ाई में लगेगा ही साथ ही उन्हें अच्छे अंक भी मिलेंगे।

स्टडी रूम का स्थान

बच्चे का स्टडी रूम कभी भी शौचालय के नीचे न बनवाएं। कमरे में शीशे को ऐसे स्थान पर न लगाये जहां किताबों के ऊपर शीशे की छाया पड़े। इससे बच्चे के ऊपर पढ़ाई का दबाव बनता है।

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स्टडी टेबल का आकार

बच्चों की स्टडी टेबल का आकार गोल, आयताकार या चौकोर होना चाहिये। तिरछे आकार या टूटी हुई टेबल से बच्चे के ऊपर नकारात्मक असर पड़ेगा जिसके परिणामस्वरूप वो पढ़ाई में अपना मन नही लगा पाएगा।

स्टडी टेबल कहां रखें

बच्चों की स्टडी टेबल हमेशा उत्तर की ओर होनी चाहिये इससे बच्चे में पॉजीटिव एनर्जी आती है और उसकी स्मरण शक्ति बढ़ती है। पढ़ते समय बच्चे का चेहरा भी उत्तर दिशा में होना चाहिये इससे बच्चे की थकान दूर होती है और उसमें ऊर्जा का संचार होता है।

पीठ के पीछे

पढ़ते समय पीठ के पीछे खिड़की होनी चाहिये। इससे पढ़ाई करते समय बच्चे को ऊर्जा मिलेगी और उसका मन भी पढ़ाई में लगेगा।

स्टडी टेबल के सामने स्पेस

स्टडी टेबल के सामने कम से कम 2 फुट की जगह होनी चाहिये। ऐसा करने से बच्चे को मिलने वाली उर्जा में कोई बाधा नहीं पड़ती है। इसलिए स्टडी टेबल को दीवार से सटा कर नहीं रखना चाहिए। स्टडी रूम और स्टडी टेबल को व्यवस्थित रखें। काम में न आने वाले पुरानी किताबें और नोट्स कोस्टडी रूम से हटा दें।

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स्टडी रूम की दीवारों का रंग

बच्चों के स्टडी रूम की दीवारों का रंग पीला या वायलेट होना चाहिए। इसी तरह कुर्सी और टेबल ब्राइट कलर का होना चाहिये। इससे स्टडी रूम कमें पॉजीटिव एनर्जी आएगी और बच्चे का मन भी पढ़ाई में लगेगा।

कम्प्यूटर का स्थान

कम्प्यूटर भी अब स्टडी रूम का जरूरी हिस्सा है। कम्प्यूटर को हमेशा दक्षिण पूर्वी कोण में रखें।

सरस्वती मां

विद्या की देवी सरस्वती मां का चित्र या मूर्ति स्टडी रूम में जरूर रखें। चित्र को ऐसे स्थान पर लगाये जिससे बच्चे की नजर बार-बार उन पर पडें। ऐसा करने से मां कि कृपा हमेशा बनी रहेगी।

बच्चों की सोने की दिशा

जिन बच्चों का मन पढ़ाई में बिल्कुल नहीं लगता उनको उत्तर दिशा की ओर पैर करके सोना चाहिये।

स्टडी रूम की खिड़की

स्टडी रूम में खिड़की पूर्व की दिशा में बनवायें और उसे अधिक समय तक खोलकर रखें। इससे ताजी हवा के साथ-साथ सूर्य का प्रकाश भी आयेगा। जिससे बच्चे को पॉजीटिव एनर्जी मिलेगी और नेगेटिव एनजी का नाश होगा।

तस्वीरों का चुनाव

बच्चों के स्टडी रूम में उगते सूरज, दौड़ते घोड़े, सर्टिफिकेट और ट्रॉफी आदि भी सजा सकते हैं। भूलकर भी वहां हिंसात्मक या दुखद चित्र न लगायें।

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