यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 19, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हाटकोटी : सर्च ऑपरेशन बंद, मलबे के नीचे नहीं मिला कोई और
शिमला के हाटकोटी में पांच मंजिला भवन गिरने के बाद मलबे में लोगों के दबे होने की अाशंका को लेकर ...और पढ़ें

रोहड़ू [जेएनएन] : हाटकोटी कैंचर मोड़ मे गिरे बहुमंजिला भवन मे लोगों को निकालने के लिए सर्च ऑपरेशन वीरवार को देर शाम तक चलता रहा। शाम तक कोई भी व्यक्ति मलबे के नीचे से नहीं मिला।इसके बाद अब सर्च आॅपरेशन को बंद कर दिया गया है। वहीं, पुलिस ने इस मामले में भवन के मालिक जोगिंद्र छाज्टा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
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प्रशासन का कहना है कि अब मलबे के नीचे किसी दबे होने की संभावना कम ही है। अधिकाश मलबा हटा लिया गया है। एनडीआरएफ की टीम पिछले कल सुबह पांच बजे ही राहत कार्य मे जुट गई थी। इसके साथ स्थानीय प्रशासन, पुलिस और स्थानीय लोग बुधवार दोपहर से राहत कार्य मे जुटे रहे। लोग रातभर भूख-प्यासे मलबे को हटाते रहे कि किसी को जिदा बचाया जा सके। लेकिन रात साढे़ सात बजे के बाद कोई भी शव और घायल मलबे से नहीं निकला है। वहीं पुलिस ने मामले की जाच भी बढ़ा दी है। जिला प्रशासन राजस्व के रिकार्ड का आकलन करने मे जुट गया है कि भवन किस भूमि पर था।
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बुधवार को दोपहर को हाटकोटी में एक बहुमंजिला इमारत गिर गई थी। इसके नीचे से सात लोगों को निकाला गया था। इनमें दो लोगों की मौत हो चुकी थी, जबकि पांच अस्पताल में उपचाराधीन है। प्रशासन ने वीरवार को सारा मलबा खंगाल मारा, मगर कुछ भी सुराग रेस्कयू और एनडीआरएफ टीम को नहीं मिली। देर शाम को प्रशासन ने सर्च ऑपरेशन बंद करने का फैसला लिया। वहीं अभी तक प्रशासन के पास किसी ने भी लापता होने की शिकायत नहीं की है। प्रशासन यही मान रहा है कि सात ही लोग भवन की चपेट मे आए थे। पांच घायल अस्पताल मे उपचाराधीन है। पुलिस व राजस्व जांच में अभी सामने आ रहा है कि भवन का कुछ हिस्सा अवैध था।
