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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 24, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Elections 2017: सरहद पार रची गई कानपुर ट्रेन हादसे की साजिश

By Nawal MishraEdited By:
Published: Fri, 24 Feb 2017 09:03 PM (IST)Updated: Sat, 25 Feb 2017 07:23 PM (IST)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आइएसआइ का नाम लिए बिना नेपाल में रची गई कानपुर ट्रेन दुर्घटना की साजिश का जिक्र किया।

Elections 2017: सरहद पार रची गई कानपुर ट्रेन हादसे की साजिश
Elections 2017: सरहद पार रची गई कानपुर ट्रेन हादसे की साजिश

गोंडा [आनन्द राय]। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोंडा में अवध क्षेत्र की पांचवीं रैली को संबोधित करते हुए राष्ट्रवाद की नई सीख दी। नेपाल सीमा पर होने वाले षड्यंत्र, गांव-गरीब, किसान, जवान और छात्रों के साथ ही स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय फलक से जोड़ते हुए उन्होंने आमजन से आशीर्वाद मांगा। मोदी ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ का नाम लिए बिना नेपाल में रची गई कानपुर ट्रेन दुर्घटना की साजिश का जिक्र किया। बोले कि पुलिस ने नेपाल में षड्यंत्र करने वालों का पता कर लिया। सरहद पार बैठे लोगों ने यह सारी साजिश रची थी। 

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चौपाल सागर के पास गोंडा और बलरामपुर जिले के उम्मीदवारों के पक्ष में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि गोंडा और बलरामपुर नेपाल की सीमा पर हैं। साजिश रचने वालों से सर्वाधिक खतरा गोंडा को है। अगर गोंडा सुरक्षित रहेगा तो देश सुरक्षित रहेगा। बाकी जिलों में एक-दो गलती हो गई और दूसरा कोई जीत गया तो चल जाएगा लेकिन, गोंडा में देशभक्ति के जज्बे वालों को ही चुनना चाहिए। गोंडा में सपा-बसपा का एक भी बंदा नहीं जीतना चाहिए। 
कहीं और लोग न सीख लें सपा का कारोबार 
मोदी ने परीक्षा में होने वाली नकल का जिक्र किया और कहा कि गोंडा में तो इसका थोक कारोबार होने लगा है। कहा, गोंडा में जत्थाबंद चोरी का बिजनेस चलता है। जनता से पूछा कि क्या परीक्षा केंद्रों की नीलामी बंद नहीं होनी चाहिए। फिर व्यंग्य किया। कहने लगे कि टीवी पर बहुत से लोग मुझे सुनते हैं। डर लगता है कि सपा का यह कारोबार कहीं कुछ और लोग न सीख लें। शिक्षा के साथ जुडऩे वाला यह अपराध आने वाली पीढिय़ों को तबाह करके रख देगा।
तीसरे नेत्र से सच परख लेता गरीब 
महाशिवरात्रि के दिन गरीबों के अंदर सच परखने की अद्भुत क्षमता का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि गरीब भले स्कूल का दरवाजा न देखा हो, टीवी और अखबार से उसका जुड़ाव न हो लेकिन उसके पास भी भगवान शिव की तरह तीसरा नेत्र होता है। सच क्या है, गलत क्या है वह अपने तीसरे नेत्र से बखूबी समझ लेता है। मोदी ने कहा कि तीन माह के अंदर जहां-जहां चुनाव हुए जनता ने तीसरे नेत्र की ताकत से भाजपा को भरपूर आशीर्वाद दिया। इसलिए अब हमारी जिम्मेदारी बढ़ गई है। इस अपार समर्थन से हमें दिन रात काम करने की प्रेरणा मिलती है। मैं देश को लूटने वालों को छोडऩे वाला नहीं हूं। 70 साल में जो लूटा गया उसे गरीबों को लौटाना चाहता हूं। अपने खिलाफ चलने वाले विपक्ष के बयानों पर आक्रामक मोदी ने कहा कि उन लोगों का झूठ फैलाने का भरपूर प्रयास होता है लेकिन हमारे देश का गरीब से गरीब इंसान सच पकड़ लेता है। 
सपा-बसपा की भाषा हुई एक 
बहराइच की रैली में मायावती का तनिक भी जिक्र न करने वाले मोदी गोंडा में उन पर खूब हमलावर दिखे। कहा कि जबसे नोटबंदी हुई तबसे एक बड़ी ताकत झूठ फैलाने में जुटी है। परेशानी यह है कि बड़े-बड़े लोग भी बच नहीं पाए। मायावती और मुलायम तो संसद में कहने लगे कि मोदीजी 500 और 1000 के नोट बंद करो लेकिन, समय तो दे दो। जिनका-जिनका जमा किया लुट गया अब सब गले लग रहे हैं। मोदी ने तंज किया कि 15 वर्षों से एक-दूसरे के उल्टा बोलने वाले सपा और बसपा की नोटबंदी के बाद भाषा, बोली एक हो गई। 
अटल और शास्त्री की याद 
मोदी ने लालबहादुर शास्त्री और अटल विहारी वाजपेयी को याद किया। कहा, अटलजी को इस क्षेत्र ने सबसे ज्यादा आशीर्वाद दिया है और उनके सपनों को पूरा करने की कोशिश कर रहा हूं। शास्त्रीजी ने जय जवान-जय किसान का नारा दिया था और अटल जी ने जय जवान, जय किसान के साथ ही जय विज्ञान का नारा दिया। वैज्ञानिकों ने 104 सेटेलाइट अंतरिक्ष में छोड़ा तो दुनिया दंग रह गई। 
मौका मिलता तो कश्मीर कुछ और होता 
मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक की याद दिलाई। बोले कि हमारे देश में जवानों का हौसला इतना बुलंद है कि कि वह कहते हैं कि ऐसा मौका पहले मिला होता तो शायद कश्मीर कुछ और होता। फौजियों ने सर्जिकल स्ट्राइक किया। सीमा पार दुश्मनों के घर जाकर उनको दिन में तारे दिखा आए। मोदी जब यह बोल रहे थे तो सभास्थल पर उमड़ी भीड़ पूरे जोश- खरोश के साथ हर-हर मोदी के नारे लगा रही थी। मोदी यहीं नहीं रुके। उन्होंने सेना के जवानों पर उठाए जा रहे सवालों और सर्जिकल स्ट्राइक का सुबूत मांगने का मसला छेड़कर अखिलेश और राहुल पर जमकर तीर चलाए। कहा कि मुलायम देश के रक्षामंत्री थे और अखिलेश ने जिनको गले लगाया उनका 70 साल का शासन था लेकिन इन्होंने कभी जवानों की इच्छा पूरी नहीं की। इन्होंने फौजियों का मजाक उड़ाया लेकिन हमने वन रैंक-वन पेंशन योजना लागू कर फौजियों की मांग पूरी कर दी। 
सीएम के चेहरे पर फिर तंज 
मोदी ने कहा कि अखिलेश का चेहरा देखकर पता चल जाता है कि चार चरण के मतदान में क्या हुआ। ओडिशा, महाराष्ट्र, चंड़ीगढ़ में हुए चुनाव के हवाले से उन्होंने कहा कि अखिलेश ने जिनको गले लगाया उनको देश की जनता ने विदाई दे दी है। 
ताकि किसानों के साथ न हो धोखेबाजी 
किसान बहुल इलाके में मोदी ने किसानों को खूब तरजीह दी। गन्ना किसानों का बकाया न मिलने के साथ घटतौली और देर से तौल को मुद्दा बनाते हुए मोदी ने कहा कि भाजपा की सरकार आने पर तकनीक जानने वालों का टास्क फोर्स बनाऊंगा ताकि किसानों के साथ धोखेबाजी न हो। उन्होंने किसान फसल बीमा और भाजपा के संकल्प पत्र में कर्जमाफी जैसे वायदों को दुहराते हुए किसानों की उम्मीद जगाई। अखिलेश पर तंज कसते हुए सवाल भी किया कि आखिर आपकी किसानों से क्या दुश्मनी है कि सारे राज्यों में 50 से 60 फीसद बीमा होता है और उत्तर प्रदेश में बीमा 14 प्रतिशत से अधिक नहीं हो पाता। कहा, समाजवादी सरकार के समाजवाद में किसान नजर नहीं आता है।

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