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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 19, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पटियाला हाउस कोर्ट ने खारिज की एसएआर गिलानी की जमानत याचिका

By JP YadavEdited By:
Published: Fri, 19 Feb 2016 01:47 PM (IST)Updated: Fri, 19 Feb 2016 09:36 PM (IST)

प्रेस क्लब में देश विरोधी नारे लगने के मामले में गिरफ्तार दिल्ली यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर एसएआर गिलानी की जमानत याचिका पटियाला हाउस कोर्ट ने खारिज कर दी है।

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नई दिल्ली। प्रेस क्लब में देश विरोधी नारे लगने के मामले में गिरफ्तार दिल्ली यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर एसएआर गिलानी की जमानत याचिका पटियाला हाउस कोर्ट ने खारिज कर दी है। पिछली सुनवाई में कोर्ट नें गिलानी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था।

कोर्ट में गिलानी के वकील ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान उन्होंने नारे लगाए थे, इसका कोई सबूत नहीं है।एफआईआर में भी इस बात का जिक्र है कि गिलानी ने भीड़ को नियंत्रित करने और नारेबाजी से रोकने की कोशिश की थी।

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गिलानी पर आरोप है कि उन्होंने 10 फरवरी को प्रेस क्लब में जिस कार्यक्रम का आयोजन किया था उसमें आतंकी अफजल गुरु के समर्थन में देश विरोधी नारे लगाए गए थे। सुनवाई से पहले कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।

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वकीलों ने निकाला मार्च

देश विरोधी नारों को लेकर वकीलों की नाराजगी जारी है। विरोध प्रदर्शन करते हुए वकीलों ने पटियाला हाउस कोर्ट से इंडिया गेट तक मार्ट निककाला। मार्च में बड़ी संख्या में वकीलों ने हिस्सा लिया। मार्च के दौरान वकीलों ने वंदे मातरम के नारे लगाए।

गौरतलब है कि कल कोर्ट ने दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया में संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु के समर्थन में नारे लगाने के आरोपी दिल्ली यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर एसएआर गिलानी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

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यह है मामला

प्रेस क्लब में 10 फरवरी को आयोजित एक कार्यक्रम में कुछ लोगों ने कथित तौर पर संसद हमले के दोषी अफजल गुरु के समर्थन में नारेबाजी की थी, जिसके बाद पुलिस ने गिलानी और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस का कहना है कि गिलानी पर इसलिए मामला दर्ज किया गया क्योंकि उन्हें समारोह का मुख्य आयोजक माना गया है।