ग्रीनलैंड से लेकर क्यूबा तक....., वेनेजुएला पर हमले के बाद ट्रंप का अगला निशाना कौन?
वेनेजुएला पर हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कई देशों को धमकी दी है, जिससे वैश्विक तनाव बढ़ गया है। ग्रीनलैंड को अमेरिका में मिलाने के उनके दा ...और पढ़ें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप। (रॉयटर्स)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप वेनेजुएला पर हमले के बाद से कई देशों के धमकी दे चुके हैं। ट्रंप के इस कदम से दुनिया के कई इलाकों में तनाव पैदा हो सकता है। ट्रंप ने कोलंबिया, ग्रीनलैंड, वेनेजुएला, क्यूबा और ईरान पर टिप्पणियां की हैं। ट्रंप की ये टिप्पणियां वैश्विक शांति के लिए बड़ा खतरा साहित हो सकती हैं।
ट्रंप की धमकी के बाद लैटिन अमेरिकी देशों से लेकर यूरोप तक नाराजगी भरी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। कोलंबिया ने जहां लैटिन अमेरिकी देशों से एकजुट होने की अपील की, वहीं ग्रीनलैंड को लेकर नार्डिक और बाल्टिक देशों समेत पूरे यूरोप ने अमेरिका का विरोध किया है। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरस ने भी वेनेजुएला में अमेरिकी आपरेशन के बाद देश में अस्थिरता बढ़ने को लेकर चिंता जताई।
ट्रंप के दावे के बाद यूरोप में तनाव
न्यूयार्क टाइम्स के मुताबिक, ग्रीनलैंड को अमेरिका में मिलाने के ट्रंप के दावे के बाद डेनमार्क और ग्रीनलैंड समेत पूरे यूरोप में तनाव बढ़ गया है। आशंका जताई जा रही है कि ट्रंप वहां भी वेनेजुएला जैसा कुछ कर सकते हैं। ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स फ्रेडरिक नीलसन ने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि बस, बहुत हुआ। ट्रंप ग्रीनलैंड को अमेरिका में मिलाने का सपना न देखें। आर्कटिक द्वीप का भविष्य यहां के लोग तय करेंगे।
नार्डिक और बाल्टिक देशों ने भी डेनमार्क और ग्रीनलैंड के प्रति अपना समर्थन दोहराया है। फ्रांस भी ग्रीनलैंड के साथ खड़ा नजर आ रहा है। डेनमार्क के पीएम मेट्टे फ्रेडरिकसन ने कहा कि ट्रंप का ये कहना बेमतलब है कि अमेरिका को ग्रीनलैंड की जरूरत है। ट्रंप धमकाना बंद कर दें।
ये बात कई बार कही जा चुकी है कि ग्रीनलैंड बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है। जर्मनी के विदेश मंत्री जान वेडफल ने सुझाव दिया कि अगर ग्रीनलैंड को खतरा है तो नाटो इसकी सुरक्षा को मजबूत करने पर चर्चा कर सकता है। यूरोपीय संघ ने कहा कि हम राष्ट्रीय संप्रभुता के सिद्धांत को बनाए रखने पर जोर देते हैं।
ब्रिटेन के पीएम कीएर स्टार्मर ने कहा कि ग्रीनलैंड का भविष्य दूसरे लोग तय नहीं कर सकते हैं। इसका अधिकार डेनमार्क और ग्रीनलैंड के लोगों के पास ही रहना चाहिए।
कोलंबिया ने एकजुटता का किया आह्वान
कोलंबिया पर सैन्य कार्रवाई की ट्रंप की धमकी पर कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने लैटिन अमेरिकी देशों को एकजुट होने का आह्वान करते हुए एक्स पर लगभग 700 शब्दों की एक पोस्ट में ड्रग तस्करी से लड़ने के मामले में अपनी सरकार के ट्रैक रिकार्ड का बचाव किया।
उन्होंने "दुनिया के इतिहास में कोकेन की सबसे बड़ी जब्ती" अभियान का भी हवाला दिया। उन्होंने आगे कहा कि मैं नाजायज नहीं हूं, न ही मैं कोई नार्को हूं। मेरे पास संपत्ति के तौर पर सिर्फ मेरा पारिवारिक घर है, जिसके लिए मैं अब भी अपने वेतन से भुगतान करता हूं।
पेट्रो ने कहा कि उन्होंने मानवीय कानून का पालन करते हुए ड्रग्स से जुड़े सशस्त्र समूहों के खिलाफ लक्षित बमबारी का आदेश दिया है। वहीं, कोलंबिया के विदेश मंत्रालय ने कड़ी प्रतिक्रिया में कहा कि एक चुने हुए नेता को ऐसी धमकी देना अस्वीकार्य है। ट्रंप का बयान देश के आंतरिक मामलों में दखलंदाजी और अंतरराष्ट्रीय कानून के मानकों के खिलाफ है।
मेक्सिको में अमेरिकी दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं
मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाडिया शेनबाम ने ट्रंप के बयान को खारिज करते हुए कहा कि देश के आंतरिक मामलों में अन्य देशों की दखलंदाजी को हम सिरे से खारिज करते हैं। उन्होंने कहा कि मेक्सिको एक संप्रभु देश है और वह अमेरिका के साथ ड्रग तस्करी और सुरक्षा के मामलों में सहयोग कर रहा है।
उन्होंने कहा कि सहयोग के लिए हम सदा तैयार हैं, लेकिन दखलंदाजी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। शेनबाम ने कहा कि ये दोहराना जरूरी है कि मेक्सिको में जनता शासन करती है। उन्होंने मीडिया से कहा कि मेक्सिको में अमेरिकी दखल की कोई संभावना नहीं है।
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