'मोदी ने मुझे खुश करने की कोशिश की है', ट्रंप ने भारत पर नए टैरिफ लगाने की दी धमकी
डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को रूस से तेल खरीदने पर नए टैरिफ लगाने की धमकी दी। उन्होंने दावा किया कि भारत ने अमेरिकी दबाव में रूस से तेल खरीद कम की है, लेकि ...और पढ़ें

रूस से तेल खरीदने के लिए भारत पर भी नए टैरिफ लगाने की चेतावनी (फाइल फोटो)
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। वेनेजुएला पर हमला करने और वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने के बाद रविवार देर शाम को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का तेवर कुछ अलग ही स्तर पर था। वह पूरी तरह आत्ममुग्ध थे। एक तरफ उन्होंने क्यूबा, ईरान, मेक्सिको, कोलंबिया, ग्रीनलैंड को धमकियां दी, तो दूसरी तरफ रूस से तेल खरीदने के लिए भारत पर भी नए टैरिफ लगाने की चेतावनी दी।
इस धमकी से इतर भारत को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप ने जिस भाषा का इस्तेमाल किया है, वह दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों में असहजता को भी बता रहा है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि भारत और अमेरिका के बीच कारोबारी समझौते को लेकर चल रही वार्ता किसी खास नतीजे की तरफ नहीं बढ़ रही है।
भारत ने रूस से तेल खरीदना कम किया
ट्रंप ने एक तरफ दावा किया है कि अमेरिका के दबाव में भारत ने रूस से तेल खरीदना कम कर दिया है, तो दूसरी तरफ संकेत दिया कि भारत पर और ज्यादा शुल्क लगाने की तैयारी है। इसके लिए वह नया कानून बनाने की कोशिश कर रहे हैं।अपने कुछ अधिकारियों और अमेरिकी सांसद लिंडसे ग्राहम के साथ पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी टैरिफ के कारण भारत ने रूस से तेल खरीदना कम कर दिया है।
लेकिन, साथ ही यह भी जोड़ दिया कि अगर भारत ने रूस से तेल खरीद पर अमेरिका की मदद नहीं की तो उस पर और ज्यादा शुल्क लगाया जाएगा। ट्रंप ने कहा- उन्होंने (भारत) मुझे खुश करने की कोशिश की है (रूस से कम तेल खरीद कर)। मोदी एक अच्छे व्यक्ति हैं। वह जानते हैं कि मैं खुश नहीं हूं। मुझे खुश करना जरूरी है। अगर वह (रूस के साथ) कारोबार करते हैं तो हम जल्द ही शुल्क बढ़ा सकते हैं।
टैरिफ बढ़ाने के लिए नया विधेयक लाएंगे ग्राहमट्रंप के साथ मौजूद अमेरिकी सांसद लिंडसे ग्राहम ने मीडिया को बताया कि कैसे यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए वह रूस से कारोबार करने वाले देशों पर और ज्यादा शुल्क लगाने को लेकर एक नया विधेयक लाने वाले हैं। अमेरिकी सांसद ने दावा किया कि उन्होंने हाल ही में अमेरिका में भारत के राजदूत (विनय क्वात्रा) से मुलाकात की और इस दौरान भारतीय राजदूत ने उन्हें बताया कि रूस से तेल की खरीद काफी कम कर दी गई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत के साथ जो किया, उसकी वजह से ही उसने तेल खरीदना कम किया है।
कई बार आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर चुके हैं ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति पिछले पांच-छह महीनों में में कई बार भारत के लिए इस तरह की आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर चुके हैं। पीएम नरेन्द्र मोदी, विदेश मंत्री एस जयशंकर के इन्कार करने और विदेश मंत्रालय की तरफ से आधिकारिक तौर पर बयान देने के बावजूद वह लगातार वह दावा करते रहे हैं कि मई, 2025 में पाकिस्तान पर भारत के ऑपरेशन सिंदूर को उन्होंने इन दोनों देशों के साथ कारोबार नहीं करने की धमकी देकर खत्म की थी।
कूटनीतिक विशेषज्ञ ने लापरवाही भरा बयान बताया
ट्रंप ने जो भारत पर और ज्यादा शुल्क लगाने की बात कही है, उस पर भारत सरकार की तरफ से आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है। हालांकि कूटनीतिक विश्लेषक इसे लापरवाही भरा बयान बता रहे हैं। पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल ने कहा है कि यह बयान उनकी आत्ममुग्धता की गहराई को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि वह सोचते हैं कि दुनिया का यह कर्तव्य है कि उन्हें खुश रखे। चूंकि खुशी को मापा नहीं जा सकता और कोई भी हर समय खुश नहीं रह सकता, इसलिए किसी को नहीं पता कि उनकी खुशी की सीमा क्या है और उनका मूड कैसे बदल रहा है। वह बहुत ही लापरवाही से और अधिक टैरिफ लगाने की धमकी दे रहे हैं।

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