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    वेनेजुएला के बाद ट्रंप का मिशन ग्रीनलैंड, क्यों इस पर कब्जा करना चाहते हैं अमेरिकी राष्ट्रपति?

    Updated: Mon, 05 Jan 2026 08:41 PM (IST)

    अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बनाने में दिलचस्पी दिखाई है। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक महत्व को इसका ...और पढ़ें

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    ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बनाना चाहते हैं ट्रंप। (सोशल मीडिया)

    स्मार्ट व्यू- पूरी खबर, कम शब्दों में

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को राजधानी काराकस में मिलिट्री ऑपरेशन में पकड़ने के कुछ दिन बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बनने में अपनी दिलचस्पी जाहिर की है।

    एयर फोर्स वन में एक रिपोर्टर के सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा, "हमें राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से ग्रीनलैंड की जरूरत है और डेनमार्क ऐसा नहीं कर पाएगा। हम लगभग दो महीने में ग्रीनलैंड के बारे में सोचेंगे, चलो 20 दिनों में ग्रीनलैंड के बारे में बात करते हैं।"

    ट्रंप पहले भी जाता चुके हैं ग्रीनलैंड के खरीदने की इच्छा

    इससे पहले भी एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा था कि हमें ग्रीनलैंड की जरूरत है, हमें यह रक्षा के लिए चाहिए। ट्रंप की इस टिप्पणी की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा हुई और डेनमार्क के स्वायत्त क्षेत्र के प्रधानमंत्री, जेन्स-फ्रेडरिक नील्सन ने चेतावनी देते हुए कहा था कि अब बहुत हो गया।

    नील्सन ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, "अब और दबाव नहीं। अब और इशारे नहीं। अब विलय की कोई कल्पना नहीं। हम बातचीत के लिए तैयार हैं। हम चर्चा के लिए तैयार हैं। लेकिन यह सही चैनलों के जरिए से और अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करते हुए होना चाहिए।"

    ग्रीनलैंड में ट्रंप की दिलचस्पी कोई नई बात नहीं है। उन्होंने पहली बार साल 2019 में डेनमार्क के इस द्वीप को खरीदने में अपनी दिलचस्पी जाहिर की थी, लेकिन उन्हें मना कर दिया गया था।

    ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा क्यों बनाना चाहते हैं ट्रंप?

    ग्रीनलैंड जो कि डेनमार्क की सदस्यता के जरिए नाटो का हिस्सा है, अमेरिकी सेना और उसके बैलिस्टिक मिसाइल अर्ली-वॉर्निंग सिस्टम के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यूरोप से उत्तरी अमेरिका तक का सबसे छोटा रास्ता सिर्फ इस द्वीप से होकर गुजरता है।

    डेनमार्क इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल स्टडीज के एक सीनियर रिसर्चर और ग्रीनलैंड एक्सपर्ट उलरिक प्राम गैड ने रायटर्स को बताया कि ग्रीनलैंड भोगोलिक रूप से उत्तरी अमेरिकी महाद्वीप का हिस्सा है और संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए यह महत्वपूर्ण है कि कोई भी अन्य बड़ी शक्ति इस द्वीप पर अपना पैर न जमा पाए।

    अमेरिका वर्तमान में उत्तर-पश्चिमी ग्रीनलैंड में पिटुफिक स्पेस बेस में मौजूद है। वॉशिंगटन ने पहले ग्रीनलैंड, आइसलैंड और ब्रिटेन के बीच के पानी की निगरानी के लिए इस मौजूदगी का विस्तार करने पर विचार किया था, जो रूसी नौसेना के जहाजों और परमाणु पनडुब्बियों के लिए एक प्रवेश द्वार है। अमेरिकी सेना पहले से ही ग्रीनलैंड के उत्तर-पश्चिम में स्थित पिटुफिक एयर बेस में मौजूद है।

    ग्रीनलैंड में खनिज तेल और प्राकृतिक गैस का भंडार

    2023 के एक सर्वे के अनुसार, यूरोपीय यूनियन द्वारा महत्वपूर्ण कच्चे माल माने जाने वाले 34 खनिजों में से 25 इस द्वीप पर पाए गए हैं। इनमें ग्रेफाइट, लिथियम साथ ही ईवी में इस्तेमाल होने वाला दुर्लभ तत्व भी शामिल है। ग्रीनलैंड में खनिज ,तेल और प्राकृतिक गैस का भंडार है।

    हालांकि ग्रीनलैंड ने पर्यावरण कारणों से तेल और प्राकृतिक गैस निकालने पर प्रतिबंध लगा दिया है। जिसके कारण इसकी अर्थव्यवस्था मछली पकड़ने पर निर्भर है, जो 95% से ज्यादा निर्यात का हिस्सा है। यह डेनमार्क से मिलने वाली सालाना सब्सिडी पर भी निर्भर है, जो ग्रीनलैंड के बजट का लगभग आधा है।

    ग्रीनलैंड की कानूनी स्थिति

    ग्रीनलैंड की कानूनी स्थिति की बात करें तो 1953 में डेनमार्क का एक औपचारिक क्षेत्र बन गया और डेनिश संविधान के अधीन है। इसका मतलब है कि द्वीप की कानूनी स्थित में किसी भी बदलाव के लिए संवैधानिक संशोधन की जरूरत होगी।

    ग्रीनलैंड को 2009 में स्वशासी स्वायत्तता दी गई, जिसमें जनमत संग्रह के जरिए डेनमार्क से स्वतंत्रता घोषित करने का अधिकार शामिल है। ग्रीनलैंड और डेनमार्क दोनों ने साल 2029 में द्वीप को खरीदने के ट्रंप के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था।

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