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रुड़की, जेएनएन। अपने विवादित बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाले खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने रविवार को एक साथ दो विवादों को जन्म दे दिया। एक विवादित बयान में उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता का दर्जा महात्मा गांधी को नहीं बल्कि बाबा साहब डॉ. भीम राव आंबेडकर को दिया जाना चाहिए था। नेहरू को प्रधानमंत्री बनाना महात्मा गांधी की सबसे बड़ी भूल थी। इतना ही नहीं, उन्होंने करेंसी से महात्मा गांधी की फोटो हटाकर डॉ. आंबेडकर की फोटो लगाए जाने की भी मांग की। उधर, रविवार को ही चैंपियन का एक वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें वह अपनी ही सरकार के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की कार्यशैली पर तंज कसते हुए उन्हें कठघरे में खड़ा करते नजर आ रहे हैं।

विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन वर्ष 2016 में उन 10 विधायकों में शामिल थे, जो कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें टिकट दिया और वह चुनाव जीतकर विधायक भी बने। कांग्रेस में रहते हुए भी चैंपियन अलग-अलग कारणों से विवादों में घिरते रहे और भाजपा में शामिल होने के बाद भी उनका रवैया जस का तस रहा। इन दिनों चैंपियन की अपनी ही पार्टी के विधायक देशराज के साथ जुबानी तकरार चल रही है, जिसने अनुशासित पार्टी की छवि वाली भाजपा को भी असहज कर रख दिया है। अब वह फिर दो नए विवादों में घिर गए हैं।

रविवार को लंढौरा के रंग महल में विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन की ओर से डॉ. आंबेडकर की जयंती पर हुए कार्यक्रम में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता नहीं मानते। देश का संविधान बनाने वाले डॉ. भीमराव आंबेडकर राष्ट्रपिता के असली हकदार हैं। उन्होंने कहा कि गांधीजी ने जवाहर लाल नेहरू को देश का प्रधानमंत्री बनाया, उनकी वजह से चीन से युद्ध हारे। कश्मीर की समस्या और धारा 307 नेहरू की ही देन है, जो आज गले की फांस बन गई है। अगर महात्मा गांधी नेहरू को न चाहते तो सरदार पटेल देश के प्रधानमंत्री होते। इससे बड़ी बड़ी बात यह है कि अगर जिन्ना को प्रधानमंत्री बनाया जाता तो पाकिस्तान ही नहीं बनता। चैंपियन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डॉ. आंबेडकर को बहुत सम्मान देते हैं। उन्होंने कहा कि करेंसी से महात्मा गांधी की फोटो हटाने की मांग को विधानसभा और प्रदेश सरकार के समक्ष उठाया जाएगा।चैंपियन का दूसरा ताजा विवाद एक वीडियो से जुड़ा है। 

रविवार को कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन का एक वीडियो वायरल हुआ। इनमें उन्हें इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से बात करते हुए दिखाया गया है। इस वीडियो में चैंपियन यह कहते हुए दिख रहे हैं कि प्रदेश के सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज को कुछ जानकारी नहीं रहती है। इस दौरान उन्होंने मीडिया को एक ऑडियो टेप भी सुनाया, जिसमें वह सतपाल महाराज से बजट के संबंध में बात कर रहे हैं। 

इस ऑडियो में सतपाल महाराज उन्हें उनके क्षेत्र की नदियों में तटबंध बनाने के लिए स्वीकृति मिलने के संबंध में जानकारी दे रहे हैं। इसी ऑडियो में चैंपियन के फाइल के संबंध में पूछने पर महाराज कुछ समय लेते हैं। इस पर वीडियो में चैंपियन मीडिया कर्मियों से चुटकी लेते हुए कहते हैं कि पता ही नहीं कि किस के बारे में बात हो रही है, यह है मंत्रियों का हाल। ऑडियो में आगे महाराज उनके क्षेत्र के कार्यों की स्वीकृति कराने की बात कहते हैं और चैंपियन उन्हें धन्यवाद देते हैं। 

इसी वायरल वीडियो में इससे पहले विधायक खानपुर कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने कहा कि उत्तराखंड सरकार मैदानी क्षेत्रों की उपेक्षा कर रही है, सौतेला व्यवहार किया जाता है। क्षेत्र में बाढ़ आई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया, जबकि पहाड़ पर कोई आपदा आ जाती है तो बड़े-बड़े पहुंच जाते हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने क्षेत्र के लिए लगातार संघर्ष किया है। जनता के हितों के लिए कुछ भी कदम उठाने को तैयार हैं। 

उधर, रविवार को इस वायरल वीडियो के संबंध में संपर्क करने पर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि शनिवार को क्षेत्र के विकास के संबंध में मीडिया से बातचीत में यह जानकारी दी थी कि किस तरह उन्होंने सरकार से खादर क्षेत्र के लिए बजट दिलाया।

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Posted By: Raksha Panthari

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