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देहरादून, राज्य ब्यूरो। प्रदेश में पहले पंचायत चुनाव और फिर 2022 में विधानसभा चुनाव की ओर बढ़ रही कांग्रेस अपनों से मिले दर्द को तो सहन करेगी, लेकिन धोखा देने वालों और मन से साथ नहीं जुड़ने वालों को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। 

एक के बाद एक मिल रही हार के बाद पार्टी के मनोबल में यह बदलाव साफ दिख रहा है। ऐसे में सबसे बड़ी मार उन पर पड़ने जा रही है जो अनुशासनहीनता को बढ़ावा देंगे। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अनुग्रह नारायण सिंह ने चेतावनी भरे लफ्जों में साफ कर दिया कि पार्टी में जितना भी बड़ा नेता हो, अनुशासनहीनता करेगा तो उस पर कार्रवाई तय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस की नई कार्यकारिणी का गठन पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष तय होने के बाद होगा। प्रदेश में पार्टी के सामने अब पंचायत चुनाव की चुनौती है।

ढाई साल बाद विधानसभा चुनाव भी होंगे। लगातार हार और टूट से पस्तहाल कांग्रेस ने प्रदेश में आगे की लड़ाई और मजबूती से लड़ने के संकेत दिए हैं। शुक्रवार को दून दौरे पर आए पार्टी के प्रदेश प्रभारी अनुग्रह नारायण सिंह ने कहा कि संगठन पूरी मजबूती से आगे की चुनौती का मुकाबला करने को तैयार है। जिसे भी पार्टी छोड़कर जाना है, वह जाए। भागने वाले जा रहे हैं, लेकिन पार्टी अब उन्हें नहीं मनाएगी। जो भी मन से पार्टी के साथ नहीं है, वह जा सकता है। 

दरअसल, बीते दिनों प्रदेश में पार्टी के भीतर बड़े और छोटे नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह को निशाने पर लिया था। इनमें अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस भी थमाया जा चुका है। प्रदेश संगठन का कोई कार्यक्रम हो या किसी भी तरह के चुनाव की चुनौती नेताओं के बीच छिड़ने वाली जुबानी जंग और असंतोष के चलते पार्टी की एकजुटता पर सवाल उठते रहे हैं।

प्रदेश प्रभारी ने ऐसे मामलों में पार्टी हाईकमान के सख्त रुख का अहसास क्षेत्रीय नेताओं को कराया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि पार्टी में जो भी रहे, वह मन से संकल्पित होकर साथ रहे। कांग्रेस में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर बने असमंजस पर उन्होंने कहा कि यह जल्द दूर होगा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद से हटने की बात भले ही कही हो, लेकिन यह कभी नहीं कहा कि राजनीति से संन्यास ले रहे हैं। कांग्रेस सत्तारूढ़ भाजपा या उसकी केंद्र सरकार को वॉक ओवर नहीं देगी।

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