देहरादून, राज्य ब्यूरो। कांग्रेस उत्तराखंड की सभी पांचों लोकसभा सीटों पर अपनी स्थिति को मजबूत मानकर चल रही है। पार्टी ने ये आकलन कार्यकर्ताओं से मिले प्रारंभिक फीडबैक के आधार पर किया है। 

पार्टी के रणनीतिकार, दिग्गज नेता और प्रत्याशी प्रदेशभर में मतदान के आंकड़े, उसके ट्रेंड को लेकर शुक्रवार दिनभर गुणा-भाग में जुटे रहे। जिन विधानसभा क्षेत्रों में मत प्रतिशत बढ़ा है और जिनमें कमी आई है, मत व्यवहार में इस बदलाव की भी थाह ली गई है। 

इस चुनाव में मतदान प्रतिशत नहीं बढ़ने के लिए पार्टी ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी फैक्टर और मतदान केंद्रों में निर्वाचन आयोग की व्यवस्थाओं को जिम्मेदार ठहराया है। प्रदेशभर में मतदान के अंतिम आंकड़े अभी सामने आने बाकी हैं। 

अलबत्ता, सियासी दलों ने अब तक प्राप्त मतदान के आंकड़ों के आधार पर संभावित परिणामों का आकलन शुरू कर दिया है। विधानसभावार अब तक सामने आई मतदान की स्थिति के सत्यापन के लिए बूथों पर तैनात समितियों से भी फीडबैक लिया गया है। विभिन्न स्तर पर मतदान के ट्रेंड की समीक्षा के पीछे कांग्रेस की रणनीति जल्द वस्तुस्थिति का पता लगाना भी है। 

दरअसल कांग्रेस का मुख्य मुकाबला भाजपा से है। भाजपा के कब्जे में पांचों सीटें हैं। भाजपा ने राज्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे को आगे कर लोकसभा चुनाव लड़ा है। पार्टी सूत्रों की मानें तो अंदरखाने ये जानकारी भी जुटाई जा रही है कि मोदी को लेकर क्या अंडर करंट जैसी स्थिति रही या नहीं। 

बस्तों से लेकर मतदान केंद्रों तक मतदाताओं ने जिसतरह चुप्पी ओढ़े रखी है, प्रमुख प्रतिपक्षी दल उसका भी आकलन कर रहा है। 

जिलों, बूथों से ले रहे फीडबैक 

चुनावी ऊंट किस करवट बैठेगा, इसकी थाह लेने में पार्टी ने जिलों और ब्लॉकों में अपनी इकाइयों से विस्तृत ब्योरा लिया जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने इसके लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। समिति के सदस्य और महानगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष लालचंद शर्मा का कहना है कि जिलाध्यक्षों, वार्ड समितियों और बूथों पर तैनात पार्टी कार्यकर्ताओं से मतदान केंद्रवार मतदाताओं के रुख की थाह ली जा रही है। 

आम जनता के साथ ही सरकारी कार्मिकों, कारोबारियों और विभिन्न वर्गो से भी बातचीत कर कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान की जानकारी जुटाई जा रही है। युवा मतदाताओं की थाह ले रही पार्टी यही नहीं नए मतदाताओं के व्यवहार पर पार्टी की निगाहें टिकी हैं। 

नए बने वोटर में अधिकतर कम आयु वर्ग के हैं। इस आयु वर्ग के मतदाताओं में मतदान के प्रति उत्साह भी दिखाई दिया है। इस मतदाता पर किस दल ने प्रभाव डाला है, पार्टी रणनीतिकारों ने शुक्रवार को भी इसका आकलन किया। पार्टी रणनीतिकारों की मानें तो जनता ने इस बार बदलाव के लिए मतदान किया है। मतदान के विधानसभावार उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर उनका ये भी आकलन है कि एंटी इनकंबेंसी का असर भी इस बार दिखाई देगा। 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि इस लोकसभा चुनाव में जनता बदलाव के साथ खड़ी हुई है। हालांकि भाजपा ने इस बदलाव से ध्यान हटाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिली। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस राज्य की सभी संसदीय सीटों पर जीत दर्ज करेगी। मतदान प्रतिशत में आई कमी के बारे में पूछने पर उन्होंने निर्वाचन आयोग की ओर से मतदान केंद्रों में की गई तैयारी पर सवाल खड़े किए।

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