महेंद्र के बढ़ते कारोबार से चिढ़ रहे थे तीन कालोनाइजर, कहीं वारदात की यही तो मुख्य वजह नहीं?
वाराणसी के सारनाथ में कालोनाइजर महेंद्र गौतम की गोली मारकर हत्या हो गई। पुलिस जमीनी विवाद के एंगल से जांच कर रही है और छह टीमें बनाई गई हैं। मृतक के जमीन संबंधी पुराने विवादों की भी जांच हो रही है। माना जा रहा है कि बढ़ते कारोबार से जलने वाले लोगों ने किराए के बदमाशों से हत्या करवाई।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। सारनाथ में सिंहपुर के अरिहंत नगर कालोनी में कालोनाइजर महेंद्र गौतम की गोली मारकर हत्या करने की वजह जमीनी विवाद तो नहीं है। इसी गुत्थी को सुलझाने में पुलिस की छह टीमें जुट गई हैं। कालोनाइजर ने कहां-कहां जमीन खरीदी है, इसका डिटेल भी पुलिस खंगाल रही है। एसओजी, सर्विलांस और क्राइम ब्रांच को भी बदमाशों की तलाश में लगाया गया है।
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बताया जा रहा है कि गोली मारने वाले बदमाश बाहरी थे और कालोनाइजर की रेकी की गई थी। पीछे से आए बदमाशों ने कालोनाइजर को गोली मारने के साथ सीधे निकल गए। कालोनाइजर की हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार, डीसीपी क्राइम सरवणन टी, एडीसीपी नीतू कात्यान, इंस्पेक्टर कैंट शिवाकांत मिश्रा समेत सारनाथ की पुलिस के साथ ही एसओजी भी मौके पर पहुंची। घटना स्थल का निरीक्षण कर स्थानीय लोगों से पूछताछ में जुट गई।स्थानीय लोग दबी जुबान चर्चा कर रहे थे कि कुछ लोग कालोनाइजर के बढ़ते कारोबार से चिढ़ते थे। उन्हीं लोगों ने ही किराए के बदमाशों को बुलाकर हत्या कराई होगी।
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शव की गाड़ी को रोका
सारनाथ थाने पर कालोनाइजर का शव थाने में कार में रखा था। शव को थाने से पोस्टमार्टम के लिए ले जाते समय मृतक के करीबी न्याय की मांग को लेकर शव को पोस्टमार्टम ले जाने से रोकने लगे। स्थानीय लोगों और पुलिस कर्मियों के समझाने-बुझाने पर मामला शांत हुआ।
कर्मचारी रविंद्र कुमार के नाम कराया था जमीन का सट्टा
कालोनाइजर महेंद्र गौतम का जमीन को लेकर सिंहपुर के तीन लोगों से विवाद चल रहा था। इस बाबत स्थानीय थाने पर कालोनाइजर के कर्मचारी रविंद्र कुमार ने तहरीर भी स्थानीय थाने पर दिया था। कर्मचारी द्वारा दिए गए तहरीर के करीब दो माह बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। तहरीर के मुताबिक मृतक कालोनाइजर ने अपने कर्मचारी रविंद्र कुमार के नाम से जमीन का सट्टा सिंहपुर निवासी राजेश्वर वर्मा, रामेश्वर वर्मा और राधेश्याम वर्मा से कराया था।
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इसके लिए 12 लाख रुपये आनलाइन एवं 10 लाख का चेक दिया था। पैसा लेने के बाद भी वह लोग रजिस्ट्री कराने की बात पर टाल-मटोल करते थे। आरोपितों द्वारा रुपये लेने के बाद भी बार-बार टाल-मटोल करने से परेशान कालोनाइजर ने जमीन की बाउंड्री करवा दी। इसके बाद तीनों ने कालोनाइजर के कर्मचारी रविंद्र कुमार के घर जाकर धमकी भी दी। जब रविन्द्र कुमार ने कहा कि मेरा पैसा लौटा दो या जमीन दो, इस पर आरोपितों ने कहा कि न पैसा देंगे और न ही जमीन देंगे। इसके बाद धमकी देते हुए चले गए।
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किसी से नहीं थी कोई रंजिश: श्यामनाथ राम
सारनाथ में कालोनाइजर महेंद्र की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर बेटे के शव का इंतजार कर रहे पिता श्यामनाथ राम ने बताया कि हमारी किसी से कोई रंजिश नहीं थी। महेंद्र सुबह घर से पेपर पढ़कर किसी को जमीन दिखाने के लिए निकला। कुछ देर बाद सारनाथ के ही चंद्रिका भंते ने फोन करके बेटे की हत्या सूचना दी। चंद्रिका भंते ने बताया कि उनको जब कालोनी के रामधीरज से बताया कि कालोनाइजर महेंद्र को गोली लगने की जानकारी मिल रही है। इस सूचना के बाद ही कालोनाइजर के पिता को फोन कर इसकी सूचना दी। पोस्टमार्टम हाउस पर भी महेंद्र के स्वजन के साथ ही उसके करीबियों की भीड़ जमा रही।
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