Varanasi News: यूपी कॉलेज में मजार पर जड़ा गया दूसरा ताला, छात्रों ने रखी ये मांगें
वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज में मजार के मुख्य गेट पर दूसरा ताला लगने से विवाद और गहरा गया है। पुलिस और कॉलेज प्रशासन भी इस बात से अनजान है कि यह ताला किसने लगाया है। छात्रों के विरोध के बाद से कॉलेज परिसर में भारी पुलिस बल तैनात है। छात्रों ने मांग की है कि कॉलेज में सिर्फ पढ़ाई होनी चाहिए किसी भी तरह की धार्मिक गतिविधि नहीं।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। उदय प्रताप कालेज स्थित मजार के मुख्य गेट पर बुधवार को दूसरा ताला जड़ा नजर आया। यह ताला किसने लगाया, इससे पुलिस अधिकारी और कालेज प्रशासन को भी नहीं है। अभी तक पुलिस गार्द का एक ताला ही गेट पर जड़ा रहता था।
यूपी कालेज में पिछले कई दिनों से फोर्स तैनात है। कालेज परिसर स्थित मजार पर नमाज पढ़ने के लिए एक ज्यादा भीड़ उमड़ पड़ी थी। उसी दिन से विवाद गहरा गया, जब छात्र विरोध पर उतर आए। छात्रों का कहना था कालेज शिक्षा का मंदिर है। यहां सिर्फ पढ़ाई होनी चाहिए। किसी ने नमाज पढ़ी तो हमलोग हनुमान चालीसा पढ़ेंगे।
छात्रों की चेतावनी के बाद कालेज परिसर भारी फोर्स तैनात कर दी गई। पुलिस ने न हनुमान चालीसा का किसी को पाठ करने दिया, नाहीं कोई नमाज पढ़ पाया। एक सप्ताह से कालेज में एंट्री करने के लिए पुलिस पूछताछ करने के बाद परिचयपत्र देख रही है।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए मस्जिद के पूरब और दक्षिणी गेट पर पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई है। उधर एक राजनीतिक पार्टी के लोग कमिश्नर से मुलाकात कर अपनी बात रखी। एसीप विदुष सक्सेना ने दूसरा ताला किसका है, के सवाल पर अनभिज्ञता जताई। खुफिया एजेंसियों की नजर भी पूरे घटनाक्रम पर बनी रहीं। राज्य से आई एक टीम ने पूरे घटनाक्रम पर सक्रिय नजर आई।
खुले छात्रावास, छात्रों पर दर्ज मुकदमे हों वापस
उदय प्रताप महाविद्यालय के छात्रनेता समीर सिंह को गिरफ्तारी को लेकर छात्रों में रोष है। इस क्रम में छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को प्राचार्य प्रो. डीके सिंह से उनके आवास पर मुलाकात की। इसमें उन्हें तीन तीन सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। इसमें छात्रों पर दर्ज मुकदमे हटाने, सभी छात्रावासों खोलने व कॉलेज की समृद्ध परंपराओं को पुनर्जीवित करने की मांग शामिल है।
यूपी कालेज के प्राचार्य को ज्ञापन देते छात्रनेता। जागरण
कॉलेज के स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के बाद कुछ छात्रों ने जमकर उपद्रव किया था। इसे देखते हुए प्राचार्य ने समीर सिंह सहित सात छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके आधार पर पुलिस ने दस दिसंबर को समीर सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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इससे नाराज छात्रों ने 11 दिसंबर से आंदोलन करने की चेतावनी दी थी। छात्रों के संभावित आंदोलन को देखते हुए सुबह से ही कालेज परिसर में पुलिस फोर्स बुला लिया गया था। हालांकि छात्र प्राचार्य को सिर्फ ज्ञापन देकर वापस चले गए।
इस दौरान प्राचार्य ने दो टूट कहा कि अध्ययन की आड़ में अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही सभी छात्रावास की मरम्मत कराकर अगले सत्र से खोलने व पूर्व छात्रों को हास्टल कमेटी में शामिल करने पर विचार करने का आश्वासन दिया। उधर छात्रों ने मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। ज्ञापन सौंपने वालों में शिवम सिंह, कृष्णमूर्ति सिंह, राजीव सिंह, जयकिशन सिंह, अनुज त्रिपाठी, प्रिंस सिंह, नमन त्रिपाठी और सत्यम चौबे समेत कई छात्र शामिल थे।
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