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12वीं के बाद सीधे शिक्षक बनने का मौका: CSJMU Kanpur में BA-BEd और BSc-BEd, 2026-27 से शुरू होगा कोर्स

Published: Sun, 22 Feb 2026 07:02 PM (IST)

छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) कानपुर 2026-27 सत्र से चार वर्षीय बीए-बीएड और बीएससी-बीएड पाठ्यक्रम शुरू करेगा। यह कार्यक्रम ...और पढ़ें

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HighLights

  1. गुणवत्तापूर्ण शिक्षक तैयार करने की दिशा में खास पहल, 12वीं के बाद मिलेगा प्रवेश का मौका

  2. सत्र 2026-27 से लागू होगा आईटीईपी, 50-50 सीटों पर होंगे प्रवेश

  3. एनटीए के माध्यम से आवेदन, 10 मार्च अंतिम तिथि

जागरण संवाददाता, कानपुर। अब 12वीं की परीक्षा दे रहे विद्यार्थियों के लिए शिक्षक बनने का रास्ता और आसान हो गया है। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से चार वर्षीय इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (आईटीईपी) के तहत बीए-बीएड और बीएससी-बीएड पाठ्यक्रम शुरू करने की घोषणा कर दी है। खास बात यह है कि अब छात्र-छात्राओं को अलग से स्नातक और बीएड करने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि चार वर्षों में ही दोनों डिग्रियां एक साथ प्राप्त की जा सकेंगी।


विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से की मान्यता मिल गई है। एनसीटीई अधिनियम 1993 की धारा 14/15(3)(a) के तहत आवश्यक संसाधनों, आधारभूत संरचना, वित्तीय प्रबंधन और योग्य शिक्षकों की उपलब्धता की जांच के बाद यह स्वीकृति दी गई। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर बीए-बीएड और बीएससी-बीएड में 50-50 सीटों की एक-एक सेक्शन की मान्यता दी गई है। कार्यक्रम माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षक तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इस पाठ्यक्रम में प्रवेश राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा (एनटीए की ओर से आयोजित) के माध्यम से होगा। वर्ष 2026 में कक्षा 12 की परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थी और उत्तीर्ण विद्यार्थी निर्धारित पात्रता के अनुसार आवेदन कर सकेंगे।

यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (एनईपी) के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसमें विषय ज्ञान के साथ आधुनिक शिक्षण कौशल, डिजिटल शिक्षण तकनीक, विद्यालयी इंटर्नशिप और शोध-आधारित प्रशिक्षण पर विशेष जोर रहेगा। पाठ्यक्रम पूरा करने पर विद्यार्थियों को स्नातक के साथ बीएड की उपाधि मिलेगी, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी। चार वर्षों की अवधि पूर्ण करने पर अभ्यर्थियों को स्नातक उपाधि के साथ बीएड की डिग्री मिलेगी।

कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने बताया कि इस नए विषय में वर्ष 2026 में प्रवेश प्रक्रिया में 12वीं उत्तीर्ण या परीक्षा में सम्मिलित हो रहे विद्यार्थियों का प्रवेश का मौका मिलेगा। इसके लिए आवेदन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आनलाइन लिए जाएंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 10 मार्च निर्धारित की गई है। विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया विश्वविद्यालय अनुदान आयोग व राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित की जाएगी। काउंसिलिंग प्रक्रिया में आरक्षण नीति व मेरिट सूची के आधार पर सीट आवंटन किया जाएगा।


कुलपति ने बताया कि चार वर्षीय इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम के मान्यता की शर्तों के तहत विश्वविद्यालय को हर साल परफार्मेंस एप्रेजल रिपोर्ट (पीएआर) क्षेत्रीय समिति को प्रस्तुत करनी होगी और सभी आवश्यक जानकारियों का वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। नियमों के उल्लंघन पर मान्यता वापस लेने का प्रावधान भी है।

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