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CSJMU Kanpur में बड़ा बदलाव, परीक्षाओं में अब AI की एंट्री, IIT बनाएगा पूरा रोडमैप

Published: Sun, 22 Feb 2026 06:50 PM (IST)

सीएसजेएमयू कानपुर अपनी परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रियाओं में एआई का उपयोग बढ़ाएगा। आईआईटी कानपुर प्रश्नपत्र निर्माण, मूल्यांकन और छात्र सेवाओं के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार करेगा।

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HighLights

  1. परीक्षा और मूल्यांकन में एआई का उपयोग बढ़ेगा।

  2. आईआईटी कानपुर एआई रोडमैप तैयार करने में मदद करेगा।

  3. प्रणाली को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और समयबद्ध बनाएगा।

जागरण संवाददाता, कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) प्रशासन अब अपने परीक्षा और मूल्यांकन में एआइ के प्रयाेग को बढ़ाने जा रहा है। इसके लिए विश्वविद्यालय भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (आइआइटी) का सहयोग लेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, आइआइटी कानपुर एआइ के माध्यम से प्रश्नपत्र निर्माण, मूल्यांकन प्रक्रिया और छात्रों को दी जाने वाली विभिन्न सुविधाओं में तकनीकी समावेशन के लिए विस्तृत प्लान और रोडमैप तैयार करेगा। शनिवार को हुई परीक्षा समिति की बैठक में परीक्षाओं में एआइ माडल लागू करने का निर्णय लिया है।

विश्वविद्यालय अपने परीक्षा में निगरानी प्रक्रिया, प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर मूल्यांकन प्रक्रिया को हाईटेक करने करेगा। इसके लिए एआइ की मदद से ई-सर्विलांस सिस्टम बनाने के लिए आइआइटी कानपुर की मदद लेगा। विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से एआइ के उपयोग से प्रश्न-पत्र निर्माण और गुणवत्ता सुनिश्चित करने में, वस्तुनिष्ठ (एमसीक्यू) परीक्षाओं में सटीक व मूल्यांकन, लिखित उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में विश्लेषणात्मक सहायता, परिणाम विश्लेषण एवं शैक्षणिक सुधार के लिए तकनीक विकसित करने में मदद लेगा।


कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि परीक्षा में एआइ को जोड़ने के लिए परीक्षा से जुड़ी सभी प्रक्रिया को इसे जोड़ा जाएगा। इसके लिए प्रवेश के समय ही सभी छात्रों के फिंगर प्रिंट, फोटो व अन्य जानकारी के डाटा से मिलान किया जाएगा। साथ ही विश्वविद्यालय में एक कंट्रोल रूम भी तैयार होगा, जिसमें एआइ से जुड़े सभी टूल इंस्टाल किए जाएंगे। जिससे प्रश्नपत्र बनाने के लिए एआइ का चैट जीपीटी जैसे तकनीक की मदद से पेपर का कुछ हिस्सा तैयार किया जाएगा। इसके लिए आइआइटी अपने परीक्षा व मूल्यांकन में एआइ का प्रयोग करता है उसे विश्वविद्यालय में लागू किया जाएगा।


कुलपति ने बताया कि मौजूदा समय में विश्वविद्यालय में फेसलेस प्रणाली संचालित है, जिसके अंतर्गत नाम संशोधन, अंकपत्र और डिग्री सत्यापन, डुप्लीकेट मार्कशीट, डिग्री जारी करना, माइग्रेशन प्रमाणपत्र व अन्य सेवायें आनलाइन माध्यम से प्रदान की जा रही हैं।