नई दिल्ली (टेक डेस्क)। TikTok एक लोकप्रिय वीडियो क्रिएटिंग और शेयरिंग ऐप है। इतनी लोकप्रिय होते हुए भी इसे भारत में गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर से रिमूव कर दिया गया है। ऐप को बैन करने का फैसला मद्रास हाई कोर्ट की मदुरई बेंच की तरफ से लिया गया है। हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को इस फैसले को सुनिश्चित करने का भी आदेश दिया था। TikTok ऐप ByteDance की कंपनी के तहत आती है। TikTok ने इस बैन पर रोक लगाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से साफ इनकार कर दिया है। इसकी अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी।

Google और Apple ने रिमूव की TikTok ऐप:

Google और Apple ने अपने ऐप स्टोर से TikTok को रिमूव कर दिया है। Google के प्रवक्ता ने कहा है कि पॉलिसी के तहत हम किसी ऐप पर टिप्पणी नहीं कर सकते हैं लेकिन हम जिस देश में ऑपरेट करते हैं वहां के नियमों का पालन करना जरूरी है। इसका सीधा मतलब यह कि अब से कोई नया यूजर इस ऐप को गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर से डाउनलोड नहीं कर पाएगा।

TikTok ने जारी किया ये बयान:

जिन यूजर्स ने अपने मोबाइल पर TikTok ऐप डाउनलोड की ही है वो इसे बिना किसी रुकावट के इस्तेमाल कर सकते हैं। हमे सुप्रीम कोर्ट में बैन हटाने को लेकर अपील की है जिसकी सुनवाई 22 अप्रैल को होगी। वहीं, मद्रास हाई कोर्ट में 24 अप्रैल को सुनवाई होगी। TikTok ने अपनी ऐप पर इसके लिए एक अंतरिम ऑर्डर भी जारी किया है जिसका स्क्रीनशॉट हमने आपको नीचे दिया है।

TikTok के बैन को लेकर दर्ज की गई थी याचिका:

TikTok को बैन करने की याचिका दायर की गई थी। इसमें कहा गया था कि इस ऐप पर हमारी संस्कृति को अपमानित किया जा रहा है। साथ ही अनुचित कंटेंट को प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह बच्चों पर गलत असर डालता है। इस याचिका में एक उदाहरण भी दिया गया था जिसके मुताबिक, कुछ बच्चों ने ऐप के कारण आत्महत्या कर ली। इसमें दावा किया गया था कि इस ऐप का इस्तेमाल करने वाले बच्चे सुरक्षित नहीं हैं। इसके अलावा TikTok पर यह आरोप भी लगाया गया था कि वो यूजर्स की प्राइवेसी पॉलिसी का उल्लंघन भी कर रहा है।

Tech Videos देखने के लिए हमारे यूट्यूब चैनल HiTech को Subscribe करें

मद्रास हाईकोर्ट ने ऐप को किया था बैन:

मद्रास हाई कोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में केन्द्र सरकार से TikTok को बैन करने की सलाह दी थी। इसके अलावा कोर्ट ने किसी भी मीडिया हाउस को TikTok ऐप द्वारा बनाए गए वीडियो को टेलिकास्ट करने से भी मना किया था। कोर्ट ने केन्द्र सरकार से ऐप को बैन करने के आदेश में कहा था कि यह चाइल्ड पोर्नोग्राफी को बढ़ावा दे रही है।

यह भी पढ़ें:

MediaTek Helio P35 प्रोससर प्रीमियम फीचर्स के साथ लॉन्च, Oppo के इस बजट स्मार्टफोन को देगा पावर

Redmi Note 7 Pro को भारत में मिला MIUI 10 अपडेट, जानें क्या होंगे बदलाव

1 लाख से ज्यादा कीमत वाले Galaxy Fold की टूटी स्क्रीन, पढ़ें पूरा मामला 

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस