Nirjala Ekadashi 2025: निर्जला एकादशी से इन राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा, धन की चिंता होगी दूर
सनातन धर्म में निर्जला एकादशी (Nirjala Ekadashi 2025 Importance) का खास महत्व है। इस व्रत को करने से सभी एकादशियों का व्रत करने जितना फल मिलता है। इस शुभ अवसर पर लक्ष्मी नारायण जी की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस दिन जल का दान करना उत्तम माना जाता है।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, शुक्रवार 06 जून को निर्जला एकादशी है। यह पर्व हर साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर लक्ष्मी नारायण जी की पूजा की जाती है। साथ ही उनके निमित्त एकादशी का व्रत रखा जाता है। इस व्रत को करने से साधक के जीवन में खुशियों का आगमन होता है। साथ ही जन्म-जन्मांतर में किए गए पाप नष्ट हो जाते हैं।
ज्योतिषियों की मानें तो निर्जला एकादशी के दिन ग्रहों के राजकुमार बुध देव राशि परिवर्तन करेंगे। बुध देव की चाल बदलने से कई राशि के जातक मालामाल होंगे। इन राशियों पर धन की देवी मां लक्ष्मी की कृपा बरसेगी। आइए, इन राशियों (Lucky Zodiac Signs) के बारे में सबकुछ जानते हैं-
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वृषभ राशि
निर्जला एकादशी के दिन व्यापार के दाता बुध देव राशि परिवर्तन करेंगे। बुध देव के राशि परिवर्तन से वृषभ राशि के जातकों को सभी क्षेत्रों में लाभ देखने को मिल सकता है। आप मधुरभाषी होंगे। अपनी वाणी से लोगों को प्रभावित करने में सफल होंगे। अपनी बुद्धिमत्ता से धन कमाने में सफल होंगे। खासकर, कारोबार में आपको विशेष लाभ मिलेगा। आप लोगों के बीच सम्मान पाने में सफल होंगे। करियर या कारोबार में आपका कद बढ़ेगा। मां लक्ष्मी कृपा से धन की परेशानी दूर होगी।
सिंह राशि
बुध देव की कृपा से सिंह राशि (Scorpio Luck 2025) के जातकों को कई क्षेत्रों में मनमुताबिक सफलता मिलेगी। लेखन से जुड़े लोग धन कमाने में सफल होंगे। शत्रुओं पर आपको विजय मिलेगी। बुध देव के मिथुन राशि में गोचर से आपके जीवन में बदलाव देखने को मिल सकता है। कारोबार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। भाग्य में वृद्धि होगी। भूमि या भवन में निवेश करना उत्तम रहेगा। वाहन सुख भी मिलेगा। सेहत अच्छी रहेगी। देवी मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए सफेद चीजों का दान करें।
धनु राशि
निजर्ला एकादशी के दिन से आपको कई मामलों में शुभ फल मिलेगा। धन में बढ़ोतरी होगी। साथ ही निवेश से भी लाभ मिलेगा। कारोबार के माध्यम से भी दोगुनी कमाई होगी। अविवाहित जातकों के लिए रिश्ता आ सकता है। वहीं, विवाह उच्च कुल में हो सकता है। ससुराल पक्ष वाले आर्थिक दृष्टि से मजबूत होंगे। शिक्षा से जुड़े लोगों को सफलता मिल सकती है। करियर को भी नया आयाम मिलेगा। क्रय-विक्रय या आयात-निर्यात से धन लाभ होगा। आसान शब्दों में कहें तो मुनाफा होगा।
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