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    चुनावी ड्यूटी के दौरान घायल व मृत शिक्षकों के लिए मुआवजे की मांग, डीसी पटियाला से मिली अध्यापक यूनियन

    Updated: Thu, 01 Jan 2026 04:01 PM (IST)

    अध्यापक जत्थेबंदियों ने पटियाला डीसी प्रीति यादव से मुलाकात कर चुनावी ड्यूटी के दौरान मृत व घायल शिक्षकों के लिए मुआवजे की मांग की। मोगा में मृत शिक्ष ...और पढ़ें

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    डीसी पटियाला कार्यालय के बाहर मौजूद अध्यापक।

    जागरण संवाददाता, पटियाला। जिला परिषद व पंचायत समिति चुनावों के दौरान सामने आई प्रशासनिक कमियों और दुर्घटनाओं का शिकार हुए शिक्षकों को मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर जिला पटियाला की समूह अध्यापक जत्थेबंदियों की एक अहम बैठक प्रीति यादव, डिप्टी कमिश्नर पटियाला के साथ आयोजित हुई।

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    बैठक में डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट के सूबा प्रधान विक्रमदेव सिंह, गवर्नमेंट टीचर यूनियन के कंवल नैण व दीदार सिंह (पटियाला), हरविंदर सिंह (डीटीएफ), एससीबीसी टीचर यूनियन से गुरप्रीत सिंह, ईटीयू से मनोज घई, डीटीएफ दिग्विजयपाल से तलविंदर सिंह खरोड़ तथा अध्यापक दल से प्रवीण कुमार सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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    मृत्क अध्यापकों के लिए 2 करोड़ की मांग

    अध्यापक नेताओं ने चुनावों के दौरान मोगा में मृत शिक्षक दंपति के लिए पंजाब सरकार से दो-दो करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग तर्कपूर्ण ढंग से रखी। इस पर डीसी प्रीति यादव ने उक्त मांग को सहानुभूतिपूर्वक मुख्यमंत्री पंजाब के समक्ष रखने का आश्वासन दिया।

    उन्होंने बताया कि इसके अलावा, धुंध के कारण हुए सड़क हादसे में पटियाला जिले से संबंधित घायल शिक्षकों गुरविंदर सिंह और परमजीत कौर को उचित मुआवजा देने तथा इलाज की अवधि के दौरान वेतन सहित छुट्टी प्रदान करने का मुद्दा भी उठाया गया।

    डीसी पटियाला ने इस मांग से सहमति जताते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी) को संबंधित केस तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजने और उचित पैरवी करने के निर्देश दिए।

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    अध्यापकों की चुनावी ड्यूटी न लगाने की मांग

    बैठक में यह भी मांग की गई कि चुनावों के दौरान कपल केस, गंभीर बीमारी से पीड़ित कर्मचारियों और महिला शिक्षकों पर बीएलओ व अन्य चुनावी ड्यूटियां न लगाई जाएं। महिला शिक्षकों की ड्यूटी उनके ब्लाक व स्कूल स्तर पर ही सुनिश्चित करने तथा भविष्य में किसी भी तरह के पक्षपात से बचने के लिए चुनावी ड्यूटियों हेतु स्पष्ट एसओपी जारी करने की मांग रखी गई।

    इस पर डीसी पटियाला ने भरोसा दिलाया कि आगामी चुनावों से पहले एसओपी जारी कर दी जाएगी। इस अवसर पर एडीसी पटियाला, जिला शिक्षा अधिकारी सेकेंडरी संजीव शर्मा और डिप्टी डीईओ सेकेंडरी रविंदर पाल सिंह भी विशेष रूप से बैठक में उपस्थित रहे।

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    मांगें ना मानी तो करेंगे संघर्ष

    समूह अध्यापक जत्थेबंदियों ने अपनी सभी मांगों की पूर्ति के लिए जिला प्रशासन को एक सप्ताह का समय दिया है। यदि तय अवधि में मांगें पूरी नहीं होतीं, तो अगली बैठक कर आगे के संघर्ष की रूपरेखा तय की जाएगी। बैठक के दौरान हरप्रीत सिंह उप्पल, जगजीत सिंह जटाणा, हरदीप सिंह पटियाला, भूपिंदर सिंह, कृष्ण सिंह चौहानके, रविंदर कंबोज और अल्बर्ट सादिक सहित कई अन्य अध्यापक भी मौजूद रहे।

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