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    आरटीओ ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर हंगामा, बिना सूचना दफ्तर बंद मिलने से लाइसेंस आवेदक हुए परेशान

    Updated: Sat, 03 Jan 2026 05:57 PM (IST)

    जालंधर आरटीओ ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर बिना पूर्व सूचना के दफ्तर बंद मिलने से 40 से अधिक ड्राइविंग लाइसेंस आवेदक परेशान हुए। तय समय पर पहुंचने के बावजू ...और पढ़ें

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    आवेदक अपने लैटर दिखाते हुए।

    जागरण संवाददाता, जालंधर। शुक्रवार को जालंधर स्थित आरटीओ ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर उस समय हंगामे जैसी स्थिति बन गई, जब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने पहुंचे लोगों को दफ्तर बंद मिला। गेट पर ताले लगे देख मौके पर पहुंचे लोगों में भारी रोष देखने को मिला। बताया जा रहा है कि ड्राइविंग टेस्ट देने आए 40 से अधिक आवेदकों को बिना किसी काम के ही वापस लौटना पड़ा।

    पीड़ित नरेश कुमार ने बताया कि उन्होंने करीब एक माह पहले ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट ली थी। उन्हें तीन जनवरी को दोपहर तीन बजे का समय दिया गया था। तय समय पर जब वह आरटीओ ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पहुंचे तो दफ्तर पूरी तरह बंद था और कोई अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं था। काफी देर इंतजार करने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो लोगों में नाराजगी बढ़ती चली गई।

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    अपने काम छोड़ पहुंचे थे आवेदक

    आवेदकों का कहना है कि दूर-दराज के इलाकों से लोग अपना काम छोड़कर यहां पहुंचे थे। कई लोगों ने आने-जाने का किराया खर्च किया, जबकि कुछ ने छुट्टी लेकर समय निकाला था। बिना किसी पूर्व सूचना के दफ्तर बंद रहने से उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक परेशानी का भी सामना करना पड़ा।

    बाद में कर्मचारियों की ओर से यह कहकर लोगों को टाल दिया गया कि दोबारा अपॉइंटमेंट लेनी होगी। इस बात को लेकर आवेदकों में और ज्यादा आक्रोश फैल गया। लोगों का कहना है कि पहले ही लाइसेंस प्रक्रिया में फीस जमा करवाई जा चुकी है और बार-बार अपॉइंटमेंट लेने से समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है।

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    अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

    पीड़ितों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तरह की लापरवाही पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही जिन आवेदकों को लौटना पड़ा है, उन्हें बिना दोबारा फीस लिए जल्द नई तारीख दी जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा सामने आई तो वे बड़े स्तर पर विरोध करने को मजबूर होंगे।

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