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    लंबी अनुपस्थिति पर आबकारी विभाग के 4 कर्मचारी बर्खास्तगी, वित्त मंत्री ने दी सख्त चेतावनी

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 01:21 PM (IST)

    पंजाब सरकार ने आबकारी एवं कराधान विभाग के चार कर्मचारियों को लंबी अनुपस्थिति और अनुशासनहीनता के कारण बर्खास्त कर दिया है। राज्य कर आयुक्त जतिंदर जोरवा ...और पढ़ें

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    मंत्री हरपाल चीमा।

    जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने आबकारी एवं कराधान विभाग में अनुशासनहीनता और लंबे समय से गैरहाजिर रहने वाले चार कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। राज्य कर आयुक्त जतिंदर जोरवाल ने ‘डीम्ड इस्तीफा नियम’ लागू करते हुए तीन इंस्पेक्टरों और एक क्लर्क पर यह कार्रवाई की है। 

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    वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि उनकी सरकार ड्यूटी में लापरवाही और अनुशासनहीनता के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाए रखेगी। जांच में सामने आया कि ये कर्मचारी एक साल से अधिक समय से बिना वैध कारण के अपने पदों पर उपस्थित नहीं हुए थे। 

    राज्य कर आयुक्त के आदेशानुसार, आबकारी एवं कराधान विभाग ने इनके खिलाफ सख्त कदम उठाया। वित्त मंत्री चीमा ने कहा, “जनसेवा में उपस्थिति और जिम्मेदारी निभाना हर सरकारी कर्मचारी का मूल कर्तव्य है। लंबी अनुपस्थिति से विभागीय कार्य प्रभावित होता है और जनता को परेशानी होती है। ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

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    जानें कहां-कहां हुई कार्रवाई

    विशेष रूप से, जालंधर-2 रेंज का एक इंस्पेक्टर 15 मार्च 2023 से लगातार गैरहाजिर था। रोपड़ रेंज का दूसरा इंस्पेक्टर 24 जून 2023 से निलंबन की स्थिति में भी ड्यूटी पर नहीं लौटा। वहीं, रोपड़ रेंज का तीसरा इंस्पेक्टर 29 मई 2021 से एक्स-इंडिया छुट्टी समाप्त होने के बाद से ही गायब था।

    चौथा आरोपी एक क्लर्क था, जिसकी अनुपस्थिति भी एक वर्ष से अधिक थी। इन सभी मामलों में विभाग ने कई नोटिस जारी किए थे, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर डीम्ड इस्तीफा नियम के तहत बर्खास्तगी के आदेश दिए गए।

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    अनियमितताओं पर जीरो टॉलरेंस 

    वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसी अनियमितताओं पर जीरो टॉलरेंस रहेगा। उन्होंने सभी सरकारी कर्मचारियों से अपील की कि वे अपनी जिम्मेदारियों का पूर्ण निर्वहन करें। पंजाब सरकार द्वारा हाल ही में कई विभागों में अनुशासनात्मक कार्रवाइयां तेज की गई हैं, जिसमें प्रमोशन और वेतन वृद्धि पर भी रोक लगाई जा रही है।

    जानें कब माना जाता है डीम्ड इस्तीफा

    आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह नियम पंजाब सिविल सेवा (सजा एवं अपील) नियमावली के तहत लागू किया गया है। डीम्ड इस्तीफा तब माना जाता है जब कर्मचारी 12 माह से अधिक बिना सूचना के अनुपस्थित रहता है। इस कार्रवाई से विभाग के अन्य कर्मचारियों में सतर्कता का संदेश गया है। वित्त विभाग के स्रोतों के अनुसार, राज्य स्तर पर अब सैकड़ों ऐसे मामलों की समीक्षा चल रही है, जिनमें लंबी अनुपस्थिति वाले कर्मचारियों पर इसी तरह की कार्रवाई हो सकती है।

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