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    328 पावन स्वरूपों के गबन मामले में पंजाब सरकार का एक्शन; सतिंदर कोहली अरेस्ट, सुखबीर बादल के भी हैं सीए

    Updated: Thu, 01 Jan 2026 02:32 PM (IST)

    श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 पावन स्वरूपों के गबन मामले में पंजाब सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के पूर्व ...और पढ़ें

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    सतिंदर सिंह कोहली।

    जागरण संवाददाता, अमृतसर। श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 पावन स्वरूपों के गबन मामले में पंजाब सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के पूर्व आंतरिक ऑडिटर और चार्टर्ड अकाउंटेंट सतिंदर सिंह कोहली को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला साल 2020 से चर्चा में है, जब अकाल तख्त साहिब द्वारा गठित जांच समिति ने ऑडिट में गंभीर लापरवाही उजागर की थी।

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    पंजाब पुलिस द्वारा हाल ही में इस प्रकरण में एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी खुलकर बयान दिए थे और एसजीपीसी की भूमिका पर सवाल उठाए थे। सीएम मान का कहना था कि इतने संवेदनशील मामले में समय रहते कार्रवाई न होना गंभीर चूक है।

    सूत्रों का कहना है कि ऑडिट प्रक्रिया के दौरान वित्तीय लेन-देन, रिकॉर्ड और कुछ खातों में गड़बड़ी को लेकर सवाल उठे थे। जांच के दायरे में आने के बाद सतिंदर सिंह कोहली से कई बार पूछताछ भी की गई थी। अब गिरफ्तारी के बाद उनसे आगे की पूछताछ की जा रही है।

    एसजीपीसी ने 2009 में ऑडिटर नियुक्त किया

    जानकारी के अनुसार, एसजीपीसी ने साल 2009 में एसएस कोहली एंड एसोसिएट्स फर्म को आंतरिक ऑडिट, खातों के कंप्यूटरीकरण और नियंत्रण प्रणाली के लिए नियुक्त किया था। इसके लिए फर्म को 3.5 लाख रुपये प्रतिमाह का भुगतान किया जा रहा था। 
    हालांकि जांच रिपोर्ट में सामने आया कि फर्म ने चार जिम्मेदारियों के बदले केवल एक कार्य किया, जिससे पावन स्वरूपों के गबन को समय रहते रोका नहीं जा सका।

    इसी आधार पर एसजीपीसी ने साल 2020 में कोहली की सेवाएं समाप्त कर दी थीं और 75 प्रतिशत भुगतान की वसूली का प्रस्ताव भी पारित किया गया था।

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    सुखबीर बादल के भी सीए हैं कोहली

    इस मामले में राजनीतिक एंगल भी जुड़ा है। सतिंदर सिंह कोहली को शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता सुखबीर सिंह बादल के करीबी चार्टर्ड अकाउंटेंट माना जाता है। वे उनके निजी और एसजीपीसी से जुड़े खातों को भी संभालते रहे हैं। 

    साल 2003 में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने बादल परिवार से जुड़े कथित काले धन को सफेद करने के आरोपों में कोहली के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किए थे।

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    सतिंदर सिंह के खिलाफ भी दर्ज है एफआईआर

    7 दिसंबर 2025 को अमृतसर पुलिस ने इस घोटाले में कोहली सहित 16 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर में धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और सरकारी दस्तावेजों के दुरुपयोग जैसी धाराएं शामिल हैं। 

    20 दिसंबर 2025 को अमृतसर की अदालत ने कोहली समेत आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

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    ज्यूडिशियल कमीशन भी कर रही सुनवाई

    उधर, सिख गुरुद्वारा ज्यूडिशियल कमीशन में भी कोहली की फर्म से 75 प्रतिशत अनुचित भुगतान की वसूली का मामला लंबित है, जिसकी अगली सुनवाई जनवरी 2026 में होनी है। अनुमान है कि इस घटनाक्रम के बीच 75 प्रतिशित अनुचित भुगतान की वसूली पर फैसला आ सकता है। 

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